गुरूग्राम: 2 घंटे चली माॅक ड्रिल; सेना, सीआईएसएफ, सीआरपीएफ, एनडीआरएफ, आईटीबीपी ने भाग लिया

मेगा माॅक ड्रिल के बाद दोपहर दो बजे से वीडिया कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से डी-ब्रिफिंग हुई जिसमें हरियाणा सरकार में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव केशनी आनंद अरोड़ा ने सफलतापूर्वक माॅक ड्रिल आयोजित करने पर जिला स्तर पर तैनात अधिकारियों विशेषकर मंडल आयुक्त व उपायुक्त तथा ड्रिल में सहयोग करने वाली एजेंसियों का धन्यवाद किया

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भूकंप पर आज मल्टी स्टेट मेगा माॅक ड्रिल का आयोजन किया गया जिसमें गुरूग्राम जिला सहित हरियाणा प्रदेश के चार जिलो के अलावा दिल्ली के 11 जिले तथा उत्तर प्रदेश के तीन जिले शामिल थे। माॅक ड्रिल मंे गुरूग्राम में कम्युनिकेशन पुलिस के वायरलैस सैटों के अलावा पहली बार हैम रेडियो तथा सैटेलाइट फोन से किया गया। लगभग 2 घंटे चली माॅक ड्रिल में सभी एजेंसियों में बेहतर तालमेल देखा गया और  सभी को कुछ ना कुछ नया सीखने को मिला।

मेगा माॅक ड्रिल के बाद दोपहर दो बजे से वीडिया कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से डी-ब्रिफिंग हुई जिसमें हरियाणा सरकार में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव केशनी आनंद अरोड़ा ने सफलतापूर्वक माॅक ड्रिल आयोजित करने पर जिला स्तर पर तैनात अधिकारियों विशेषकर मंडल आयुक्त व उपायुक्त तथा ड्रिल में सहयोग करने वाली एजेंसियों जैसे सेना, सीआईएसएफ, सीआरपीएफ, एनडीआरएफ, आईटीबीपी आदि सभी का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की माॅक ड्रिल से ना केवल आपदा प्रंबधन के बारे में हमें सीखने में मदद मिलती है बल्कि यह कानून व्यवस्था सुदृढ़ करने में भी सहायक होगी। उन्होंने बताया कि मल्टी स्टेट माॅक ड्रिल के लिए राज्य स्तर पर एमरजेंसी आप्रेटिंग सैंटर(ईओसी)बनाया गया था जहां पर हरियाणा सरकार के मुख्य सचिव, गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव , स्वास्थ्य विभाग के महानिदेशक सहित सभी वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित रहे और निरंतर बचाव व राहत कार्यों पर अपडेट लेते रहे। यहां तक कि स्वयं मुख्यमंत्री ने भी फरीदाबाद में पहुंचकर माॅक ड्रिल को देखा। इस माॅक ड्रिल में हरियाणा के चार जिले नामतः गुरूग्राम, फरीदाबाद, झज्जर व सोनीपत शामिल थे। इस डी ब्रिफिंग में एनडीएमए के वरिष्ठ कंसल्टेंट मेजर जरनल (सेवानिवृत) वी के दत्ता ने अपने सुझाव दिए। 

माॅक ड्रिल में सेना के अधिकारी आब्र्जवर के रूप में भी तैनात किए गए थे

गुरूग्राम में मेजर पुनीत ढांडा आब्र्जवर थे जिन्होंने डी-ब्रिफिंग में बताया कि गुरूग्राम जिला में प्रशासन का रिस्पांस क्विक था और सभी में अच्छा तालमेल देखा गया। प्रशासन ने राहत व बचाव के लिए काफी रिर्सोसिज जुटा रखी थी जिनका जिला एमरजेंसी आप्रेटिंग सैंटर से प्रभावित स्थानों के लिए वितरण भी आवश्यकतानुसार ठीक ढंग से किया गया था। गुरूग्राम में इस सांकेतिक भूकंप में 6 स्थानों पर ज्यादा नुकसान होने की सूचना डीईओसी पर प्राप्त हुई थी। जिनमें एंबीयेंस माॅल, होप अपार्टमेंटस सैक्टर-15 पार्ट-2 , हीरो मोटो काॅर्प लिमिटेड, विकास सदन, सैक्टर-31 स्थित पोली क्लीनिक तथा सैक्टर-21 स्थित केंडोर टैक स्पेस बिल्डिंग शामिल थे। मेजर ढांडा ने माॅक ड्रिल से मिली सीख का भी उल्लेख करते हुए कहा कि बचाव व राहत दल को प्रभावित स्थान पर पहुंचने के लिए सेफ पैसेज दिया जाना चाहिए। टास्क फोर्स को अपने गंतव्य तक पहुंचाने के लिए रूट पर ट्रैफिक पुलिस तैनात रहे क्योंकि सड़क पर भीड़ की वजह से टास्क फोर्स को प्रभावित स्थान पर जल्द पहुंचने के लिए कठिनाई का सामना करना पड़ता है। इसके अलावा, प्रभावित स्थानांे को कार्डन आॅफ अर्थात् अलग किया जाना जरूरी है।

मेजर ढांडा ने यह भी कहा कि जिन्होंने पहले राहत व बचाव कार्यों में हिस्सा लिया हो, उन्हें इन कार्यों में प्राथमिकता दी जानी चाहिए तथा बाकि स्थानीय अधिकारी अथवा कर्मचारी लोजिस्टिक्स उपलब्ध करवाएं। यही नही, गुरूग्राम में मानेसर में एनएसजी कैंपस है, उनके राहत दल तथा रेस्क्यू डाॅग स्क्वैड की भी मदद ली जा सकती है। इस मौके पर उपायुक्त अमित खत्री, जो आज की माॅक ड्रिल में रिस्पांस्बिल आॅफिसर की भूमिका में थे, ने कहा कि यह वास्तव में लर्निंग एक्सपीरीयेंस था और आज की कार्यवाही से जिला प्रशासन तथा केन्द्र सरकार की एजेंसियों के बीच तालमेल बना है, जो वे समझते है कि आगे और भी सुदृढ़ होगा। 

ताउ देवी लाल स्टेडियम में बनाए गए थे डीईओसी तथा स्टेजिंग एरिया

गुरूग्राम जिला में भूकंप आने की सूचना उपायुक्त अमित खत्री को शुक्रवार प्रातः 11 बजे प्राप्त हुई, जिन्होंने जिला आपदा प्रबंधन प्लान के अनुसार सभी संबंधित अधिकारियों को सैक्टर-38 के ताउ देवी लाल स्टेडियम मे  पहुंचने के निर्देश दिए। वहां पर आपदा प्रबंधन प्लान के अनुसार डिस्ट्रिक्ट एमरजेंसी आप्रेटिंग सैंटर (डीईओसी) बनाया गया था, जहंा पर भूकंप से नुकसान की सारी सूचनाएं एकत्रित करके मैनपावर तथा रिर्सोसिज भेजने की व्यवस्था की गई थी। रिर्सोसिज व मैनपावर इक्ट्ठा करने के स्थान को आपदा प्रंबधन प्लान में स्टेजिंग एरिया कहा जाता है। ताउ देवी लाल स्टेडियम में बनाए गए स्टेजिंग एरिया में सभी सरकारी विभागों तथा प्राइवेट कंपनियों व अन्य एजेंसियों के पास उपलब्ध मशीनरी , के्रन , फायरब्रिगेड, सीमेंट कंक्रीट कटर आदि एकत्रित हुए।

डीईओसी का इंचार्ज जिला के अतिरिक्त उपायुक्त मोहम्मद इमरान रजा को बनाया गया था जबकि आपदा प्रबंधन प्लान के अनुसार सेफटी आॅफिसर की भूमिका में डीसीपी क्राइम राजबीर देसवाल थे। नगराधीश मनीषा शर्मा ने लायजन आफिसर की भूमिका निभाई और गुरूग्राम वैस्ट के एसडीएम जितेन्द्र कुमार तथा नगर निगम गुरूग्राम के एसटीपी सतीश पराशर स्टेजिंग एरिया कमांडर थे। आप्रेशन सैक्शन तथा लाॅजिस्टिक्स सैक्शन के प्रभारी जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी नरेन्द्र सारवान को बनाया गया था। डीईओसी में प्लानिंग सैक्शन की प्रभारी सोहना की खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी नवनीत कौर थी। 

6 स्थानों पर नुकसान की आई रिपोर्ट 
इस माॅक ड्रिल में गुरूग्राम जिला मे 6 स्थानों पर ज्यादा नुकसान की रिपोर्ट डीईओसी में प्राप्त हुई। विकास सदन के प्रभावित क्षेत्र में पटौदी की खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी निशा तंवर को टास्क फोर्स इंसीडेंट कमांडर लगाकर स्टेजिंग एरिया से भेजा गया। इसी प्रकार, सैक्टर-31 पोली क्लीनिक में वजीराबाद के तहसीलदार मनीष यादव, केंडोर टैक स्पेस बिल्डिंग वाले स्थल पर पटौदी के एसडीएम प्रदीप अहलावत, होप अपार्टमेंटस में सोहना की एसडीएम डा. चिनार चहल, एंबीयंस माॅल वाले स्थल पर नगर निगम गुरूग्राम के संयुक्त आयुक्त गौरव अंतिल तथा हीरो मोटो काॅर्प लिमिटेड में मानेसर के तहसीलदार प्रदीप देसवाल को बतौर इंसीडेंट कमांडर भेजा गया। आपदा के समय इंसीडेंट कमांडर मौके पर पहंुचकर डीईओसी से संपर्क करके नुकसान के पैमाने के हिसाब से राहत व बचाव कार्याें के लिए मशीनरी व मैनपावर की मांग करता है। 

इस माॅक ड्रिल में जिला के 6 ज्यादा नुकसान वाले स्थलों से 40 व्यक्तियों के घायल होने तथा 17 की मृत्यु होने की सूचना भी डीईओसी में प्राप्त हुई। हालांकि मौके पर ही सभी 6 स्थानों पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा इंसीडेंट मैडिकल पोस्ट बनाई गई थी और वहां पर फस्ट एड देकर घायलों को उनकी गंभीरता के अनुसार अलग-अलग रंग की पट्टियां बांधी गई। उसके बाद उन्हें एंबुलेंस में डालकर नजदीकी अस्पताल में पहुंचाया गया। इस ड्रिल में सबसे ज्यादा सांकेतिक रूप से 9 व्यक्ति मृत तथा 8 घायल एंबीयेंस माॅल की साइट से रिपोर्ट किए गए। इसी प्रकार, विकास सदन से 5 घायल 4 मृत , हीरो मोटो काॅर्प साइट से 5 घायल , होप अपार्टमेंट से 6 घायल 1 मृत , कैंडोर टैक स्पेस बिल्डिंग से 8 घायल 2 मृत तथा पाॅली क्लीनिक में 6 घायल 1 मृत रिपोर्ट किए गए। ये सभी घायल व मृत सांकेतिक रूप से घोषित किए गए थे। माॅक ड्रिल में आज 22 एंबुलेंस तथा 11 फायरब्रिगेड पहुंची थी। सीनियर फायर आॅफिसर सत्यवान के अनुसार 2 हाईड्रोलिक प्लेटफार्म डीएलएफ से तथा 1 प्लैटफार्म फायर विभाग से था। इसके अलावा, हीरो मोटो काॅर्प में गैस रिसाव से लगी आग को बुझाने के लिए फोम टैंडर भेजा गया था। 

एडीजीपी सीआईडी भी पहंुचे माॅक ड्रिल में 
भूकंप की सूचना के बाद ज्यादा प्रभावित वाले 6 स्थानों के लिए जब ताउ देवीलाल स्टेडियम के स्टेजिंग एरिया से सायरन बजाती हुई फायर ब्रिगेड तथा हाइड्रोलिक प्लैटफार्म निकले तो नजारा देखने लायक था। आज की माॅक ड्रिल का कितना महत्व था इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि प्रदेश में एडीजीपी सीआईडी अनिल कुमार राव ने स्वयं डीईओसी तथा पोली क्लीनिक व अन्य प्रभावित क्षेत्रों मे उपायुक्त अमित खत्री तथा मंडलायुक्त अशोक सांगवान के साथ कम्युनिकेशन सिस्टम, राहत व बचाव कार्यों की जानकारी ली और स्वयं वहां पहुंचकर देखा भी। 

By Sandeep Siddhartha, Senior Reporter

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