राजस्थान: न्याय सुलभ कराने में पैरा लीगल वॉलेंटियर्स ‘कर्मयोगी‘ की भूमिका निभा रहे हैं- न्यायाधीश

दो दिवसीय पैरा लीगल वॉलेन्टियर्स का समापन रविवार को किया जाएगा। इस कार्यशाला में प्रदेश के सभी जिलों से 5-5 पैरा लीगल वॉलेन्टियर्स शिरकत कर रहे हैं

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जयपुर, 29 जुलाई, 2017: राजस्थान उच्च न्यायालय के न्यायाधीश और राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यकारी अध्यक्ष, के.एस. झावेरी ने कहा कि प्रदेश में पैरा लीगल वॉलेंटियर्स उपेक्षित और पीड़ित तबके को न्याय दिलाने में ‘कर्मयोगी‘ की भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि वॉलेन्टियर्स अपनी सेवा में तकनीक को भी शामिल कर लेंगे तो नतीजे और भी बेहतर आने लगेंगे।
 
झावेरी शनिवार को दुर्गापुरा कृषि अनसंधान केंद्र के ऑडिटोरियम में दो दिवसीय पैरा लीगल वॉलेन्टियर्स कार्यशाला के उद्घाटन सत्र को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने वॉलेन्टियर्स को न्याय दिलाने में मददगार सच्चा सिपाही बताया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में लगभग तीन हजार वॉलेन्टियर्स अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने सभी वॉलेन्टियर्स को ‘कनेक्ट एंड एक्ट‘ का मंत्र भी दिया। उन्होंने कहा कि सबसे पहला काम जरूरतमंद व्यक्ति की पहचान करना और उन्हें सुलभ न्याय दिलाने में मदद करना है। श्री झवेरी ने कहा कि हमारा ध्येय पीड़ित और उपेक्षित लोगों को न्याय की जद में लाना है। उन्होंने कहा कि जरूरतमंद और लाभ प्रदाता के बीच गहरी खाई है। उसी खाई को पाटने में वॉलेन्टियर्स प्रदेश भर में बेहतरीन काम कर रहे हैं।
 
कार्यक्रम की शुरूआत में राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के सदस्य सचिव, एस. के. जैन ने पैरा लीगल वॉलेन्टियर्स की जरूरत, कार्यप्रणाली और प्राधिकरण की स्थापना के बारे में पूरी जानकारी की। उन्होंने बताया कि धनाभाव और पर्याप्त जानकारी के अभाव में जो लोग न्याय से वंचित रह जाते हैं, उनकी मदद के लिए पैरालीगल वॉलेन्टियर्स की नींव रखी गई थी। उन्होंने कहा कि लोगों को न्याय दिलाना संवैधानिक और विधिक दायित्व भी है, जिसे प्राधिकरण बेहतरीन तरीके से निभा रहा है।
 
उप सचिव निहाल चंद ने कहा कि प्राधिकरण का मकसद गांव-ढाणियों और समाज के हर तबके को न्याय सुलभ हो यहीं मंशा है। वॉलेन्टियर्स बेहतरीन तरीके से काम करें इसके लिए कई सेशन रखे गए हैं। इनमें वॉलेन्टियर्स से उनके अनुभव और सुझाव लिए जाएंगे, साथ ही धरातल पर आने वाली परेशानियों को साझा कर विशेषज्ञों से मदद ली जाएगी। उन्होंने कहा कि वॉलेन्टियर्स प्रदेश भर में जरूरतमंदों को विधिक सुविधाएं, निशुल्क अधिवक्ता आदि उपलब्ध कराकर उनकी मदद कर रहे हैं।
कार्यक्रम की शुरूआत न्यायाधीश, के.एस. झावेरी, न्यायाधीश दीपक माहेश्वरी, न्यायाधीश वी.एस. सराधना ने दीप प्रज्ज्वलन करके की। इस अवसर पर नाल्सा का थीम सॉन्ग चलाया गया और ‘हैंडबुक फॉर पैरा लीगल वॉलेन्टियर्स‘ पुस्तक का विमोचन भी किया गया।
 
दो दिवसीय पैरा लीगल वॉलेन्टियर्स का समापन रविवार को किया जाएगा। इस कार्यशाला में प्रदेश के सभी जिलों से 5-5 पैरा लीगल वॉलेन्टियर्स शिरकत कर रहे हैं। कार्यशाला में पहले दिन तीन  टेक्नीकल सेशन होंगे जिनमें ‘स्किल एंड रेस्पॉन्सीबिलिटीज ऑफ पैरा लीगल वॉलेन्टियर्स‘, ‘रोल ऑफ पैरा लीगल वॉलेन्टियर्स इन मेनस्ट्रीमिंग ऑफ लीगल एड सर्विसेज‘ और ‘पैरा लीगल वॉलेन्टियर्सः रोल इन लोक अदालत एंड ओवरऑल पर्सपेक्टिव‘ विषय पर विशेष सेशन हुए।

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