राजस्थान: दीनदयाल उपाध्याय अंत्योदय योजना पर कार्यशाला

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जयपुर, 18 जुलाई, 2017: दीनदयाल उपाध्याय अंत्योदय योजना राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के क्षमता संवद्र्धन एवं प्रशिक्षण के विभिन्न घटकों की एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन मंगलवार को स्वायत्त शासन निदेशक एवं संयुक्त सचिव पवन अरोड़ा की अध्यक्षता में स्वायत्त शासन भवन मेंे किया गया।

इस अवसर पर परियोजना निदेशक एस.आर.मीणा, आरएसएलडीसी के मैनेजमेंट इंफॉर्मेशन सिस्टम के विशेषज्ञ, एटीडीसी, आईएलडी, सीआईपीईटी के एमआईएस मैनेजर विभिन्न नगरीय निकायों के जिला मिशन प्रबंधक एवं राज्य मिशन प्रबंधक उपस्थित थे। अरोड़ा ने कार्यशाला में जिला मिशन प्रबंधकों द्वारा कौशल उन्नयन प्रशिक्षण कार्यक्रम स्वरोजगार हेतु बैंक ऋण शहरी पथ विक्रेताओं की सहायता, शहरी निराश्रितों हेतु आश्रय स्थल एवं स्वयं सहायता समूहों के जुड़ी विभिन्न योजनाओं, दीनदयाल उपाध्याय अंत्योदय योजना राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के विभिन्न घटकों में अब तक किये गये कार्यों के संबंध में गहनता से विचार विमर्श किया और सभी जिला मिशन प्रबंधकों एवं राज्य मिशन प्रबंधकों को आवश्यक निर्देश दिये।

उन्होनें इस अवसर पर कहा कि दीनदयाल उपाध्याय अंत्योदय योजना राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन से जुड़े प्रबंधकों को पूर्ण समपर्ण के साथ निर्धारित लक्ष्याें की प्राप्ति करनी होगी। उन्होंने बताया कि अब तक मिशन के तहत सेल्फ एम्पालॉयमेंट प्रोग्राम में 4 हजार 331 प्रशिक्षणार्थीयों को रोजगार हेतु ऋण दिलाया गया है तथा 73 हजार 790 महिलाओं को प्रगतिशील बनाने के लिए दीनदयाल उपाध्याय अंत्योदय योजना राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के विभिन्न घटकों से जोड़ते हुए लाभान्वित किया गया है।

सेल्फ एम्पालॉयमेंट प्रोग्राम के तहत महिलाओं के लिए 227 एरिया लेवल फैडरेशन बनायी जाकर कार्य किया जा रहा है। प्रदेश की 190 नगरीय निकायों में 343 शेल्टर होम्स बनाये गये है। जहां पर 13 हजार 700 निराश्रित लोगों को आश्रय देते हुए निःशुल्क भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। प्रदेश की विभिन्न नगरीय निकायों में वर्ष 2017-18 में 6 हजार 300 लोगों को रोजगार हेतु प्रशिक्षण दिया गया है तथा प्रदेश की 190 नगरीय निकायों में से 188 नगरीय निकायों में टाउन वेंडिंग कमेटी का गठन किया जा चुका है।

बैठक में नगरीय निकायों से आये मिशन प्रबंधकों को कहा गया कि वे जिला स्तर पर आयोजित बैठकों में योजना सम्बन्धित जानकारी देवें तथा बैंक ऋण के लिए समन्वय स्थापित कर प्रशिक्षणार्थियाें को अधिक से अधिक ऋण उपलब्ध करायें।

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