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Tuesday, September 22, 2020
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G’bad Police arrests several criminals for various crimes

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May 23, 2017: The 22nd of May could well be said a red letter day for Ghaziabad Police as on this date the police department has claimed to solve several cases of loot and theft.

In a media session the Ghaziabad SP City, Akash Tomar gave details of the cases solved. In the first instance the Kavinagar Police Station cops arrested three auto lifters from whose person a Pulsar bike and a gun was found.

In the second instance, Loni Police nabbed a person with illegal firearm in his possession from Loni Bus Depot.

The third case the police solved was of nabbing two bootleggers with 14 cases of liquor from Haryana and a Swift car.

In the fourth case Thana Sihani Gate police arrested three mobile thieves. At least 21 mobile sets were recovered from them, besides they were in possession of knife and two Pulsar bikes were recovered.

In the fifth incident, the Indirapuram Thana police arrested two notorious robbers from Vaishali, with Rs 15,500 in their possession and with an illegal firearm and a knife.

 

नए पात्र मतदाताओं का नाम भी सूची में जोड़ना सुनिश्चित करें-जिलाधिकारी बुलंदशहर

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बुलंदशहर, मंगलवार, 23 मई 2017: जिला निर्वाचन अधिकारी/जिलाधिकारी डॉ. रोशन जैकब द्वारा नगर क्षेत्र में जनपद में नगर निकाय निर्वाचन नामावलियों (वोटर लिस्ट) के संशोधन का सत्यापन वार्डवार करते हुए इस कार्य में तैनात किये गये बी.एल.ओ. को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। सर्वप्रथम उनके द्वारा मोतीबाग में सेंट पॉल स्कूल वार्ड संख्या 22 के बूथ पर बी.एल.ओ. द्वारा किये जा रहे सत्यापन कार्य के क्रम में नाम जोड़ने, नाम हटाने या विलोपित करने और आपत्ति दर्ज कराये जाने के संबंध में वार्ता करते हुए कहा कि बी.एल.ओ. बूथ पर न बैठकर घर-घर सम्पर्क करें और जिन मतदाताओं की मृत्यु हो चुकी है या स्थायी रूप से बाहर रहते है उनके नाम विलोपित करें और जिनके नाम मतदाता सूची में नहीं है उनके नामों को सूची में जोड़ने की कार्यवाही करें। उन्होंने इस संबंध में प्राप्त होने वाली शिकायतों को भी प्राप्त कर उनके निस्तारण के आदेश दिए।

उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि यह कार्य 29 मई 2017 तक निरन्तर जारी रहेगा। बूथ पर सबीहा प्रवीन एवं इफ्तआरा नामक दोनों महिलाएं बी.एल.ओ. के रूप में कार्य करती पायी गई। इस मौके पर डॉ. जैकब द्वारा वार्ड के नागरिकों से भी इस सत्यापन कार्य के विषय में जानकारी हासिल करते हुए नाम विलोपित, नाम जोड़ने के संबंध में जागरूक किया।
निरीक्षण के अगले क्रम में आई.पी. कॉलेज वार्ड संख्या 7 के बूथ पर पहुंचकर मतदाता सूचियों का सत्यापन में लगे कर्मियों से वार्ता करते हुए वहां की प्रगति प्राप्त की। इस मौके पर उन्होंने कर्मचारियों से कहा कि किसी भी रूप में इस कार्य में कोई गलती न करें और स्वयं घर-घर जाकर नाम जोड़ने एवं नाम हटाने की कार्यवाही करें। नए पात्र मतदाताओं का नाम भी सूची में जोड़ना सुनिश्चित करें। इस मौके पर कुछ नागरिकों द्वारा बहुतायत संख्या में उनका नाम मतदाता सूची में दर्ज न होने की शिकायत को गम्भीरता से लेते हुए उसके जांच के आदेश अपर जिलाधिकारी वि./रा./उप जिला निर्वाचन अधिकारी को दिये।
इस मौके पर आई.पी. कॉलेज में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के अन्तर्गत प्रचलित पी.एच.एच./अन्तोदय के योजना के लाभार्थियों का सत्यापन के लिए विभिन्न विभागों के तैनात किये गये कर्मचारियों द्वारा किये जा रहे कार्य का सत्यापन जिलाधिकारी डॉ. रोशन जैकब द्वारा किया गया। इस कार्य के अन्तर्गत एक स्थल पर बैठकर नए आवेदन प्राप्त करने के लिए सूची पर आपत्तियां प्राप्त करने का कार्य चल रहा है। सत्यापन के कार्य पर जिलाधिकारी ने सतोष व्यक्त किया।
जिलाधिकारी ने जनपद में चल रही गेहूं खरीद के लिए स्थापित क्रय केन्द्रों के निरीक्षण में मण्डी समिति परिसर में सीएमएस संस्था द्वारा संचालित केन्द्र का निरीक्षण किया। केन्द्र प्रभारी द्वारा बताया गया कि अब तक 11,524 कुन्टल गेहूं की खरीद की जा चुकी है एवं दिनांक 20 मई 2017 तक का भुगतान ऑनलाइन संबंधित को कर दिया गया है।
जिलाधिकारी ने लोडिंग एवं अनलोडिंग के संबंध में भी जानकारी हासिल की। मण्डी परिसर में ही विपणन विभाग का स्थापित गेहूं क्रय केन्द्र का निरीक्षण करते हुए भुगतान की स्थिति के विषय में जानकारी हासिल की।
उन्होंने स्याना रोड पर स्थापिल कोल्ड स्टोरेज में पीएसीएफ द्वारा संचालित गेहूं क्रय केन्द्र की स्थिति का जायजा लिया। केन्द्र प्रभारी द्वारा बताया गया कि अब तक इस केन्द्र द्वारा 5,147 कुन्टल गेहूं की खरीद की जा चुकी है जो लक्ष्य के 67 प्रतिशत है। निरीक्षण के समय अपर जिलाधिकारी वि./रा., बृजेश कुमार, तहसीलदार सदर, जिला पूर्ति अधिकारी एवं गेहूं खरीद एजेन्सी के प्रतिनिधि एवं अधिकारी मौजूद रहे।

ईस्टर्न पैरीवेल एक्सप्रेसवे, दिल्ली मेरठ एक्सप्रेसवे व डेडीकेटड कोरिडोर वाले प्रभावित किसानों के साथ न्यायोचित कार्यवाही की जाएगी- जिलाधिकारी गाज़ियाबाद

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गाज़ियाबाद, मंगलवार, 23 मई 2017: जिलाधिकारी मिनिस्ती एस. ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे किसानों के हित में अधिकाधिक कार्य करें तथा किसानों की भूमि का मिलने वाली मुआवजा राशि उन्हें समय से प्रदान करें। उन्होंने कहा कि जनपद सीमा में ईपीई,डीएमई व डीएफसीसी बनने वाले राष्ट्रीय मार्गो पर किसानों की वास्तवित व्यवहारिकताओं का ध्यान रखते हुए उन्हें आवश्यक मूलभूत सुविधायें प्रदान करें, ताकि क्षेत्र का विकास के साथ उन्हें भी अपने दैनिक कृषि कायो के क्रियान्वयन में असुविधा न झेलनी पडे। उन्होंने कहा कि किसान का हित सर्वोपरि है, जिसकी अनदेखी करने वालों को किसी भी सूरत में बक्शा नही जाएगा।

जिलाधिकारी ने सभागार में ई.पी.ई./डी.एम.ई./डी.एफ.सी.सी. परियोजनाओं की आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए उक्त निर्देश दिए । उन्होंने कहा कि अधिकारी किसानों की वास्तविक कठिनाईयों को भी मौके पर ध्यान में रखकर उन्हें जनहित की मूलभूत सुविधायें प्रदान करें,जिसमें किसी प्रकार की बहानेबाजी नही मान्य होगी।

उन्होंने कहा कि ईस्टर्न पैरीवेल एक्सप्रेसवे, दिल्ली मेरठ एक्सप्रेसवे व डेडीकेटड कोरिडोर से गुजरने वाले प्रभावित किसानों के साथ न्यायोचित कार्यवाही की जाएगी । बैठक में किसान प्रतिनिधियों ने जिलाधिकारी के समक्ष सर्विस रोड व 5 मीटर ऊंचाई का अन्डरपास बनाने आदि की मांग रखी ,जिसपर उन्होंने किसानों के हितों का ध्यान में रखते हुए समुचित कार्यवाही हेतु संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए ।

उन्होने भारतीय राष्ट्रीय राज्य मार्ग (एन.एच.ए.आई.) के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे किसानों के वाद आपसी सहमति के आधार पर निदान करें तथा उन्हें जो भी मूलभूत सुविधायें मार्गो पर दी जाने है उनके लिए पूर्ण गम्भीरता एवं समयबद्वता से कार्य करें।

उन्होंने बताया कि प्रभावित गांवों के किसानों की समस्यायें गठित कमेटी द्वारा समस्यायें सुनी जा रही है,जिसकी रिर्पोट के आधार पर उसमें सुनवाई की जाएगी। उन्होंने ईपीई,डीएमई के लिए ग्रीवेन्स कमेटी बनाने के लिए संबंधित को निर्देश दिए ।

उन्होंने कहा कि तीनों परियोजनाओं के बनने में किसानो के टयूबवैल,पैड,या अन्य का आने पर उनका सर्वे कराकर उचित मुआवजा दिलाया जाएगा । ग्राम जहांगीर पुर के किसानों की समस्याओं को आपसी सहमति के आधार पर कमेटी के निर्णय के आधार पर निस्तारण कराया जाएगा।

उन्होने बताया कि मई माह में अब तक ईस्टर्न पैरीवेल एक्सप्रेसवे का 55.08,दिल्ली मेरठ एक्सप्रेसवे का 52.72 व डेडीकेटड फ्रेंट केरिडोर का 102 करोड कुल 209.08 करोड का प्रतिकर तीनों परियोजनाओं के अन्तर्गत प्रदान किया गया है तथा किसानों के 150 वादों का निस्तारण किया गया है,जिससे 340 किसान लाभान्वित हुए है ।

दिल्ली-मेरठ रूट पर 100 कि.मी. प्रति घण्टा की रफ्तार से रैपिड रेल चलाने का रोड मैप तैयार हो चुका है- मुख्यमंत्री

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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश के अंदर रैपिड रेल चालू की जाएगी, जिसकी लागत 32 लाख करोड़ रुपए होगी। दिल्ली-मेरठ रूट पर 100 कि.मी. प्रति घण्टा की रफ्तार से इसे चलाने का रोड मैप तैयार हो चुका है। साथ ही, मेट्रो रेल भी चलायी जाएगी। 5 वर्ष के अंदर कई शहरों को मेट्रो के साथ जोड़ने का कार्य किया जा रहा है। बुन्देलखण्ड के झांसी जनपद का डी.पी.आर. तैयार हो चुका है। गोरखपुर, वाराणसी और कानपुर का भी डी.पी.आर. बन चुका है और भी अन्य महानगर उसमें जुड़ेंगे। उन्होंने कहा कि लखनऊ में मेट्रो रेल के उद्घाटन के बावजूद चलने लायक स्थिति का न होना अफसोसजनक है। ऐसे उद्घाटनों से बचा जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विरासत में उत्तर प्रदेश में जर्जर व्यवस्था मिली, जिसके लिए पूर्ववर्ती सरकारें जिम्मेदार हैं। किसानों की आत्मनिर्भरता व उनकी खुशहाली के लिए सरकार ने पहली कैबिनेट बैठक में लघु और सीमान्त किसानों के 31 मार्च, 2016 तक के फसली ऋण को 1 लाख रुपए की सीमा तक माफ करने का निर्णय लिया। इससे 36 हजार करोड़ रुपए का अतिरिक्त बोझ पड़ा, जिसे राज्य सरकार अनावश्यक खर्चों को कम करके पूरा करेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों से गेहूं क्रय किया जा रहा है। अब तक करीब ढाई गुना अधिक गेहूं की खरीद की गई है। किसानों का भुगतान उनके खाते में सीधे आर.टी.जी.एस. के द्वारा किया जा रहा है। किसानों को समर्थन मूल्य से 10 रुपए ज्यादा का भुगतान हो रहा है। किसान खुश हैं और उसने स्वीकार किया है कि इस सरकार में उपज का सही दाम मिल रहा है। गन्ना किसानों का भुगतान 22 हजार करोड़ रुपए तक हो चुका है। 3 हजार करोड़ रुपए का भुगतान अभी बकाया है, जिसे देने का प्रयास राज्य सरकार कर रही है।
योगी ने कहा कि पिछली सरकारों ने किसानों के हित को कोई तरजीह नहीं दी। किसानों को बीज और खाद के लिए परेशान होना पड़ता था। स्वाॅयल टेस्टिंग के लिए लैब और किसानों के लिए किसान क्रेडिट कार्ड जारी किए जाने की कार्रवाई पहले नहीं हो रही थी, लेकिन राज्य सरकार ने इस पर कार्रवाई प्रारम्भ कर दी है। प्रदेश के कृषि विकास केन्द्र जर्जर हालत में थे, जिनको सुदृढ़ करने के लिए राज्य सरकार दृढ़ संकल्पित है। कृषि वैज्ञानिकों को स्वायतता दी गई है। 20 नये कृषि विज्ञान केन्द्र खोले जा रहे हैं। इसके लिए भूमि आवंटित कर दी गई है।
सरकार ने ई-टेंडरिंग से विकास का कार्य शुरू किया है। इससे प्रदेश का राजस्व 10 गुना ज्यादा बढ़ जाएगा। नई खनन नीति लायी जा रही है। जी0डी0पी0 में बढ़ोत्तरी के लिए सरकार प्रयासरत है। प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि कैसे हो, इस पर गम्भीर रूप से विचार किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार को विरासत में सवा लाख कि.मी. गड्ढायुक्त सड़कें प्राप्त हुई थीं। 15 जून, 2017 तक प्रदेश की सभी सड़कों को गड्ढामुक्त करना राज्य सरकार का संकल्प है। उन्होंने कहा कि वी.आई.पी. संस्कृति को खत्म किया गया है। पहले केवल 05 जिलों को बिजली मिलती थी। डा. भीमराव अम्बेडकर के जन्म पर ‘पावर फाॅर आॅल’ सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किए गए। प्रदेश के 75 जिलों के जिला मुख्यालयों को 24 घण्टे, तहसील मुख्यालयों को 20 घण्टे और ग्रामीण क्षेत्र को 18 घण्टे बिजली दी जा रही है। खराब ट्रांसफार्मर को ग्रामीण क्षेत्र में 48 घण्टे के अंदर और शहरी क्षेत्र में 24 घण्टे के अंदर बदलने की व्यवस्था की गई है। विद्युत आपूर्ति का कार्य रोस्टर के हिसाब से सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है। राज्य सरकार प्रदेश के हित में कार्य कर रही है। दिव्यांगों की पेंशन 300 रुपए से बढ़ाकर 500 रुपए करने का कार्य किया गया। उनको स्वावलम्बी और आत्मनिर्भर बनाने का काम भी किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं की चर्चा करते हुए कहा कि प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों तथा जिला चिकित्सालयों की स्थिति में सुधार लाए जाने की पहल की जा चुकी है। चिकित्सकों, दवाइयों, चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए गए हैं। एन.एच.एम. के अंतर्गत 150 लाइफ सपोर्ट एम्बुलेंसेज उपलब्ध करायी गई है, जिनको पूर्ववर्ती सरकार द्वारा नहीं लिया गया था। मरीजों को दवाई दिए जाने के दृष्टिगत जन सुविधा औषधि केन्द्रों की व्यवस्था की गई है। प्रदेश के इंसेफेलाइटिस प्रभावित 38 जिलों में इंसेफेलाइटिस वैक्सिनेशन का कार्य प्रारम्भ हो रहा है, जो 25 मई से लेकर 10 जून, 2017 तक चलेगा।
एक्यूट इंसेफेलाइटिस के दृष्टिगत स्वच्छता व स्वच्छ पेयजल की व्यवस्थाएं की गई हैं। महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा को देखते हुए एण्टी रोमियो स्क्वायड का गठन किया गया। अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस का व्यवहार जनता के प्रति दोस्ताना हो और अपराधियों को संरक्षण देने वालों के साथ कठोरता से निपटा जाए, इस तरह की कार्रवाई पूरे प्रदेश में प्रारम्भ हो गई है।
एन.जी.टी. और सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन्स को पूर्व सरकारों ने लागू करने में ढिलायी और कोताही बरती, लेकिन वर्तमान राज्य सरकार ने 24 घण्टे के अंदर अवैध बूचड़खानों को बंद करने का संकल्प लिया और उन्हें बंद भी करा दिया। प्रदेश में पशु माफिया, खनन माफिया, वन माफिया और संगठित गिरोह का संचालन करने वाले माफियाओं को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से राजनीतिक संरक्षण मिलता रहा है। सरकार ने तय किया है कि प्रदेश माफियामुक्त, गुण्डामुक्त और भ्रष्टाचारमुक्त होगा।

राज्य सरकार ने एण्टी भू-माफिया टास्क फोर्स का गठन किया है। जिन भू-माफियाओं ने सरकारी जमीन पर कब्जा कर रखा है, उनको हटाने के लिए सख्त से सख्त कार्रवाई की जा रही है। प्रदेश में सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जों को हटाया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में आमूलचूल परिवर्तन करने की दिशा में कार्य शुरू कर दिया गया है। प्राइमरी स्कूलों में बच्चों की यूनीफाॅर्म में परिवर्तन किया गया है। स्कूली बच्चों को यूनीफाॅर्म, जूता, मोजा, थैला उपलब्ध कराया जाएगा। उच्च शिक्षा में एक समान पाठ्यक्रम की दिशा में कार्रवाई की जा रही है। पूर्ववर्ती सरकार द्वारा लागू की गई आबकारी नीति को हास्यास्पद बताते हुए मुख्यमंत्री जी ने कहा कि शराब का ठेका वर्ष 2018 तक के लिए दे दिया गया है। नई आबकारी नीति लायी जाएगी, जिसके लाने पर राजस्व दोगुना बढ़ेगा। शिक्षण संस्थाओं, चिकित्सालयों, बस्ती, धर्म स्थलों और सार्वजनिक स्थानों पर सरकार शराब की दुकान नहीं खोलने देगी। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के अनुसार हाइवे पर ठेके न होने की दिशा में कार्य किया गया है।
बुन्देलखण्ड और पूर्वांचल के आधारभूत ढांचे में परिवर्तन की आवश्यकता बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बुन्देलखण्ड एक्सप्रेस-वे बनाने की योजना शुरू की जा रही है। बुन्देलखण्ड में व्यापक लैण्ड बैंक बनाकर वहां का औद्योगिकीकरण किया जाएगा, जिससे वहां के लोग रोजगार पा सकें। सर्फेस वाॅटर का प्रयोग करके पेयजल की व्यवस्था उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। अयोध्या को नगर निगम बना दिया गया है। मथुरा और वृन्दावन को भी नगर निगम बनाया गया है। अयोध्या, वाराणसी, नैमिषारण्य और वृन्दावन में श्रद्धालुओं को विकास की सुविधाएं मिल सकें, इस दृष्टि से कार्य शुरू किया गया है। प्रयाग में वर्ष 2019 में आयोजित होने वाले अर्द्धकुम्भ की तैयारियों पर भी कार्य प्रारम्भ कर दिया गया है।
नौजवानों के पलायन को एक चुनौती बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बंद पड़े चीनी उद्योग को नये सिरे से शुरू किया जा रहा है।

स्मार्ट शहर के अंदर सिटी बस सेवा भी प्रारम्भ हो और वहां जाम की समस्या को खत्म किया जाए, इसके लिए फेरी नीति को लागू किया गया है। किसी भी ठेले वाले, रेहड़ी वाले को उजाड़ा नहीं जाएगा, बल्कि पंजीकरण कर उनका पुनर्वास किया जाएगा। अमृत योजना के तहत पेयजल और सीवरेज की योजनाओं की दिशा में कार्य किया जा रहा है। उत्तर प्रदेश के सभी शहरों को एयर कनेक्टिविटी की सुविधा दिए जाने का कार्य किया जा रहा है। अब तक भर्तियों में धांधली और अराजकता का वातावरण रहा। पुलिस भर्ती की पारदर्शी व भ्रष्टाचारमुक्त प्रक्रिया प्रारम्भ की गई है, जिसके तहत हर वर्ष 30 हजार काॅन्सटेबल और 02 हजार सब इंस्पेक्टर भर्ती किए जाएंगे।

World Bank report points to doubling of carbon pricing initiatives over past 5 yrs

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Barcelona, May 23, 2017: Since 2016, eight new carbon pricing initiatives have been put in place – three at a national level and five at a subnational level.

“Carbon pricing initiatives are helping countries reach their climate change commitments at a lower cost,” said John Roome, Senior Director for Climate Change at the World Bank Group. “Well-designed carbon pricing instruments, implemented alongside other supporting policies and regulations, can help to incentivize large-scale climate action.”

On the international front, member states of the International Civil Aviation Organization (ICAO) have agreed on the first global sectoral carbon pricing initiative. ICAO’s Carbon Offsetting and Reduction Scheme for International Aviation was adopted on October 7, 2016, capping greenhouse gas (GHG) emissions from international aviation at 2020 levels.

Canada, Mexico, Colombia and Chile have been at the forefront on carbon pricing developments in the Americas. In Canada, a national framework was put forward by the Government in 2016, requiring all jurisdictions to implement a carbon price by 2018. Canadian jurisdictions that do not already have carbon pricing initiatives have taken steps to implement this requirement. Mexico is also preparing for the launch of an emissions trading system (ETS) in 2018, while Colombia and Chile have introduced carbon taxes in 2017.

In Asia, Singapore has announced that it intends to implement a carbon pricing initiative in 2019. And China is preparing for the launch of its national ETS, planned for the later this year. The report says that China’s ETS, once launched, will be the largest carbon pricing initiative in the world.

To date, over 40 national and 25 subnational jurisdictions, responsible for about a quarter of global greenhouse gas emissions, are now putting a price on carbon. On average, carbon pricing initiatives implemented and scheduled for implementation cover about half of the total emissions from these jurisdictions. These numbers translate to a total coverage of about 8 gigatons of carbon dioxide equivalent (GtCO2e) or about 15 percent of global GHG emissions.

Globally, the total value of ETSs and carbon taxes in 2017 is US$52 billion, an increase of seven percent compared to 2016.

Looking ahead, next week at The Think20 (T20) Summit in Germany, the High-Level Commission on Carbon Prices, led by leading economists Joe Stiglitz and Nicholas Stern, will present its report setting out the recommended range of carbon pricing, together with types of policies needed to achieve the goals of the Paris Agreement.

To supplement the Carbon Pricing Watch 2017, the World Bank Group has launched the Carbon Pricing Dashboard, which provides an up-to-date overview of carbon pricing initiatives and allows users to navigate through carbon pricing initiatives with visuals and data.

Carbon Pricing Watch 2017 is a preview of a longer report called the State and Trends of Carbon Pricing 2017 which will be launched late 2017. These reports are prepared with the assistance of Ecofys, a Navigant company

 

Smart phones, packaged cement and medical devices to be cheaper after GST roll out

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According to the Government, the roll out of Goods and Services (GST) Tax will bring benefits to the consumers due to reduced tax rates on various commodities such as packaged cement, medicaments, smart phones, and medical devices, etc.

Packaged cement attracts central excise duty of 12.5% + Rs.125 PMT and standard VAT rate of 14.5%. At these rates, the present total tax incidence works out to more than 29%. If we include tax incidence on account of CST, octroi, entry tax, etc., the present total tax incidence would work out to more than 31%. As against this, the proposed GST rate for cement is 28%.

There will be lesser tax burden in case of medicaments, including Ayurvedic, Unani, Siddha, Homeopathic or Bio-chemic systemsalso. Medicaments, in general, attract 6% central excise duty and 5% VAT. Further, CST, octroi, entry  tax, etc. are also applicable in general. At these rates, the present total tax incidence works out to more than 13%. As against this, the proposed GST rate on medicines, including ayurvedic medicines, is 12%.

Smart phone attracts 2% central excise duty [1% excise duty + 1% NCCD]. VAT rates vary from State to State from 5% to 15%. Weighted average VAT rate on smart phones works out to about 12%. Thus, the present total tax incidence on smart phones works out to more than 13.5%. As against this, the proposed GST rate for smart phones is 12%.

Similarly, medical devices, including surgical instruments, in general attract 6% central excise duty and 5% VAT. Along with CST, octroi, entry tax, etc., the present total tax incidence on them works out to more than 13%. As against this, the proposed rate under GST is 12%.

Puja samagri including havan samagri will be under the Nil category. However, exact formulation for the same is yet to be finalized.

Entertainment Tax

Entertainment services shall bear a lower tax incidence under GST. In addition to the benefit of lower headline rates of GST, the service providers shall be eligible for full input tax credits (ITC) of GST paid in respect of inputs and input services. Presently, such service providers are not eligible to avail of input credits in respect of VAT paid on domestically procured capital goods & inputs or of Special Additional Duty (SAD) paid on imported capital goods and inputs. Thus, while GST is a value added tax, entertainment tax, presently levied by the states is like a turnover tax.

GAIL Q4 profit falls to 69%

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New Delhi, May 22, 2017: GAIL (India) Limited registered a 57% rise in Profit after Tax for the Financial Year 2016-17 with the PAT increasing to Rs 3,503 crore from Rs 2,226 crore in the last fiscal. The rise in profit was boosted largely by a turnaround in the company’s petrochemical business, increase in profits from gas transmission business and partial sale of stake in Mahanagar Gas Limited (MGL), despite lower price realisation in Polymer and Liquid hydrocarbons. These results are after considering impairment of Investment in Ratnagairi Gas and Power Pvt. Ltd. (RGPPL) in 4th quarter of FY 2016-17 for Rs.783 crore.

GAIL’s PAT excluding non-operating one offs (i.e. gain from stake sale in MGL and impairment of Investments in RGPPL) is Rs 3,797 crore, an increase of 71% year-on-year (yoy).

The Board has proposed a final total dividend of Rs. 2.70 per share (subject to approval of shareholders) making the total dividend for the year Rs. 1,535 crore, up by 120% as compared to FY 2015-16. The earning per share is also up by 57% to Rs. 20.71 per share on increased paid-up equity. During FY 16-17, GAIL also issued bonus share in ratio of one bonus share for every three equity shares held.

The company registered growth in physical performance in FY 2016-17 in all segments on year-on-year basis. Sale of petrochemicals was up by 73%, natural gas marketing & transmission volumes rose by 10% & 9% respectively, LPG transmission volume was up by 19% while liquid hydrocarbon sales went up by 2%.

On quarterly basis, GAIL’s PAT in 4th quarter of FY 2016-17 decreased by 69% to Rs. 260 crore from Rs. 832 crore in the corresponding period of the last fiscal due to accounting of impairment of Investments in RGPPL for Rs. 783 crore. The quarterly profit without the impact of the above impairment is Rs. 1,043 crore, which is higher by 25% on yoy basis.

During the quarter, the company registered growth in physical performance in all segments as compared to corresponding period of the previous year with petrochemicals sales up by 59%, natural gas marketing & transmission volumes up by 11% & 6% respectively, LPG transmission volumes increasing by 22% and liquid hydrocarbon sales rising by 6%.

GAIL’s PAT in the fourth quarter of FY 2016-17 rose by 6% vis-à-vis the third quarter (excluding impairment of Investments in RGPPL) of current financial year, from Rs. 983 crore to Rs. 1,043 crore.

During the year 2016-17, as per consolidated financial statements, the total group sales (Gross) stood at Rs. 49,237 crore and the Group PAT was Rs. 3,374 crore. CGD group companies (IGL, MGL, GAIL GAS) and PLL have continued to add to the group profit.

However, ONGC Petro Additions Ltd and Brahmaputra Cracker and Polymer Ltd., being in their first year of operation and under stabilisation did not positively contribute to the Group’s bottomline. Taking together the impact, EPS as per consolidated statement was Rs. 19.91 per share as against Rs. 11.05 per share in the previous year.

अल्प अवधि तथा दीर्घकालीन खनन पट्टे ई-निविदा/ नीलामी के माध्यम से कराये जाने का निर्णय

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सोमवार, 22 मई 2017: उत्तर प्रदेश सरकार ने वर्तमान में नदी तल में बालू, मोरम आदि उप खनिजों के अल्प अवधि तथा दीर्घकालीन खनन पट्टे ई-निविदा/ई नीलामी के माध्यम से कराये जाने का निर्णय लिया है। उत्तर प्रदेश उप खनिज (परिहार) नियमावली-1963 में संशोधन कर खनन पट्टे के नवीनीकरण की व्यवस्था समाप्त की जा रही है।

राज्य सरकार ने इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी है। भारत सरकार की खनिज रियायत नियमावली-1960 में किए गए संशोधन के अनुसार खनन योजना तैयार करने वाले की अर्हता खनन इंजीनियरिंग में स्नातक अथवा भूमिविज्ञान में परा स्नातक के साथ खनन क्षेत्र में 05 वर्षों का व्यावसायिक अनुभव रखा गया है। इसी प्रकार इन्हीं अर्हताओं सहित उत्तर प्रदेश उप खनिज (परिहार) नियमावली-1963 में संशोधन किया जा रहा है। इसी के साथ राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एन.जी.टी.) के आदेश दिनांक– 14.01.2015 एवं भारत सरकार द्वारा लिए गये निर्णय दिनांक-15.01.2016 को दृष्टिगत रखते हुए अब वर्तमान में सभी उप खनिजों के लिए खनन योजना की अनिवार्यता हो गई है।

गौरतलब है कि भारत सरकार द्वारा खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम-1957 में संशोधन कर अवैध खनन का दोष सिद्ध पाये जाने पर 5 वर्ष तक कारावास एवं प्रति हे. के क्षेत्र के लिए 5 लाख रु तक के अर्थदण्ड का प्रावधान कर दिया गया है। इसी क्रम में नियमावली 1963 के प्राविधानों के अनुसार अर्थदण्ड एवं कारावास की सजा का प्राविधान किया जा रहा है।

नियमावली के अधीन राज्य सरकार को देय किसी भाटक, स्वामित्व, सीमांकन शुल्क और किन्ही अन्य देयों के विलम्बित भुगतान पर 24 प्रतिशत प्रति वर्ष की दर से साधारण ब्याज लिए जाने की व्यवस्था है। इस संशोधन द्वारा विलम्बित भुगतान पर ब्याज की दर 24 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत किया जाना प्रस्तावित है। नियमावली में साधारण मिट्टी के विभिन्न प्रकार के उपयोगों से संबंधित प्रचलित नियमों में कोई संशोधन प्रस्तावित नहीं किया जाएगा।

Thriving ports must to be a leader in global trade: PM

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The Prime Minister, Shri Narendra Modi delivering his speech at the foundation stone laying ceremony of various developmental projects of Kandla Port, in Gandhidham, Gujarat on May 22, 2017.

PM Narendra Modi today launched various projects of Kandla Port Trust at Gandhidham in Gujarat. He unveiled plaques to mark the laying of Foundation Stone for construction of the Dr. Babasaheb Ambedkar Convention Centre; and the development of the 14th and 16th General Cargo Berth.

He handed over Letters of Award for Construction of Interchange-cum-ROB at Kutch Salt Junction; Deployment of two Mobile Harbour Cranes; and Mechanization for handling of fertilisers at Kandla Port.

Speaking on the occasion, Union Minister Nitin Gadkari said that the Sagarmala project, and port-led development would have a positive impact on the State of Gujarat, and would lead to job creation as well. Gujarat Chief Minister, Vijay Rupani spoke of the rich maritime traditions of the State, and added that the spirit continues even today.

He thanked the people for the warm welcome accorded to him on the way from the helipad to the venue of the function. He said the people of Kutch are well aware of the importance of water. He spoke of the rich and glorious history and culture of the Kutch region.

The Prime Minister said that if India wants to make a place for itself in global trade, it should have the best of arrangements in the port sector. The combination of infrastructure and efficiency is vital for the port sector to thrive, he said, adding that the Kandla Port has emerged as one of the finest in Asia.

The Prime Minister said that the Chabahar port, being developed with Indian participation in Iran, would further spur the growth of Kandla Port. The Prime Minister also mentioned the Dr. Babasaheb Ambedkar Convention Center whose Foundation Stone was laid today.

The Prime Minister asked the people to resolve to make whatever contribution they can for the nation over the next five years, in the run-up to the seventy-fifth anniversary of Independence.

Stating that the nation is celebrating the centenary year of Pt. Deendayal Upadhyay, the Prime Minister suggested that Kandla Port Trust be renamed as “Deendayal Port Trust – Kandla.”

 

 

Inter-state gang of robbers busted by DP

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East District police busted “NAMASTE GANG” of desperate robbers, who used to rob cash and jewellery articles on gun point from people driving cars or two wheelers. Four armed members of the gang including kingpin Javed Malik. With their arrest a number of sensational cases of robberies at gun point have been solved.

The special staff of P.S. Jagatpuri, East District, Delhi zeroed on Mustafabad, North East Delhi- based gang behind this crime on the basis of secret information. The culprits used to roam in a group of two to three scooties. The gang used to target persons wearing gold jewellery and driving four/two wheelers alone.

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