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Friday, May 29, 2020
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यह सुनिश्चित किया जाए कि पुलिसकर्मी रोज गश्त लगायें- योगी आदित्यनाथ

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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री, योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राज्य का प्रत्येक माफिया/अपराधी जान चुका है कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में उसकी क्या दशा होने वाली है। राज्य सरकार अपराधियों से सख्ती से निपटेगी। इसके दृष्टिगत पुलिस-प्रशासन को अपराधियों से निपटने के लिए सख्त निर्देश दिये गये हैं, ताकि प्रदेश की कानून-व्यवस्था चुस्त-दुरुस्त रहे। वर्तमान सरकार किसी जाति या धर्म का प्रतिनिधित्व नहीं करती हैं बल्कि ‘सबका साथ-सबका विकास’ में विश्वास रखती है।
मुख्यमंत्री ने यह विचार कानपुर नगर स्थित के.डी.ए. के सभागार में मण्डलीय कानून-व्यवस्था एवं विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए व्यक्त किये। बैठक में उन्होंने पुलिस महानिरीक्षक को निर्देशित किया कि यह सुनिश्चित किया जाए कि पुलिसकर्मी रोज गश्त लगायें। उन्होंने निर्देश देते हुए कहा कि थाने में शिकायत/सहायता के लिए आने वाले लोगों की बात सुनें और आवश्यकता पड़ने पर मामला दर्ज कर कार्रवाई करें। यह सुनिश्चित किया जाए कि पीड़ित जनता के साथ थानों में कोई दुव्र्यवहार न हो। एन्टी रोमियो स्क्वायड के सम्बन्ध में उन्होंने कहा कि इसके अन्तर्गत यदि कोई व्यक्ति दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, परन्तु निर्दाेष का उत्पीड़न न होने पाए।
उन्होंने कहा कि लोगों को यह एहसास हो कि कानून-व्यवस्था पहले से बेहतर हो गयी है। भू-माफियाओं एवं अपराधियों को चिन्हित कर उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाए तथा अवैध कब्जे धारकों से अतिक्रमण हटवाया जाये। अतिक्रमण हटाने के बाद यदि कोई व्यक्ति प्रभावित हो रहा है तो उसके पुर्नवास की भी व्यवस्था की जाये। अवैध बूचड़खानांे को बंद करवाने के लिये नियमों का पूरी तरह से पालन किया जाये। साथ ही, नियमानुसार नये लाइसेंस भी दिये जायें। अपराधियों के साथ-साथ उनको संरक्षण देने वाले के विरुद्ध भी कार्रवाई सुनिश्चित की जाये।
मुख्यमंत्री ने पुलिस अधिकारियों को निर्देशित किया कि अपरहण में लिप्त अपराधियों को चिन्हित कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही, ऐसे पुलिसकर्मी, जो अपराधियों से मिले हैं, उनकी जांच कराकर उन्हें सेवा से बर्खास्त कर दिया जाये। उन्होंने कहा कि पीड़ितों की एफ.आई.आर. तुरन्त दर्ज की जाए और उस पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। किसी भी घटना की सूचना मिलते ही पुलिसकर्मी घटनास्थल पर तुरन्त पहुंचें और कार्रवाई भी करें ताकि लोग कानून पर विश्वास कर सकें। गोवंश की रक्षा हेतु नियमों को लागू करें और इनकी तस्करी भी रोकें।
उन्होंने कहा कि अधिकारियों को विकास कार्यों एवं जन कल्याण से जुड़ी योजनाओं को पूर्ण गुणवत्ता के साथ समयबद्ध ढंग से चलाने के निर्देश दिये गये हैं। इसके साथ ही उन्हें यह भी निर्देश दिये गये हैं कि गरीबों, महिलाओं एवं उपेक्षित वर्गों की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता पर किया जाए। 0जनपद की विद्युत आपूर्ति के सम्बन्ध में उन्होंने मण्डलीय विद्युत अभियन्ता को निर्देशित किया कि राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप सभी जनपद मुख्यालयों पर 24 घण्टे, तहसील मुख्यालय पर 20 घंटे तथा ग्रामीण क्षेत्र में 18 घंटे बिजली आपूर्ति हर हाल में सुनिश्चित की जाए। इसके अलावा, शहरी क्षेत्र शहरी क्षेत्र में खराब ट्रांसफार्मर को 24 घंटे में तथा ग्रामीण क्षेत्र में 48 घंटे में बदले जाने के भी निर्देश दिये गये हैं, इसका अनुपालन भी कड़ाई से सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि कम वोल्टेज की समस्या से जनता को निजात दिलायी जाए तथा मानक के अनुरूप विद्युत आपूर्ति की जाए।
मुख्यमंत्री ने स्वच्छता कार्यक्रम के महत्व पर प्रकाश डालते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनपद के सभी कार्यालयों, थानों, जिला अस्पतालों, स्कूलों, बस स्टैण्ड, चैराहों, रेलवे स्टेशनों पर सफाई सुनिश्चित की जाये तथा कानपुर मण्डल को अतिशीघ्र खुले में शौच मुक्त (ओ.डी.एफ.) किया जाये। इसके साथ ही उन्होंने अधिकारियो को निर्देशित किया कि वह प्रतिदिन कार्य दिवस में प्रातः 9 बजे से 11 बजे तक कार्यालयों में उपस्थित रहकर जनता की समस्याओं का निदान करें।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि मण्डल की सभी सड़कों को 15 जून तक हर हाल में गड्ढा मुक्त कर दिया जाए तथा सड़कों की सूची संबंधित एम.एल.ए., एम.पी. को उपलब्ध करायी जाए। उन्होंने जिला अस्पतालों/सी.एच.सी./पी.एच.सी. में चिकित्सकों की उपलब्धता की दशा पर नाराजगी व्यक्त करते हुए निर्देश दिये कि चिकित्सक ओ.पी.डी. में पूरे समय बैठें यह सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने रोस्टर बनाकर डाॅक्टरों को तीन-तीन घंटे अलग-अलग जिला अस्पतालों/सी.एच.सी./ पी.एच.सी. में बैठने की व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिये।

उनके द्वारा प्रश्न पूछने पर मण्डलीय चिकित्सक प्रमुख द्वारा बार-बार बुकलेट देखकर आकड़े बताने पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें ये आंकड़े याद होने चाहिये।
मुख्यमंत्री जी ने ए.डी. शिक्षा को निर्देशित किया कि वह ऐसे शिक्षकों को स्थानान्तरित कर दें, जो अपनी उपस्थिति एस.एम.एस. के जरिये नहीं दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि स्कूलों में समय से यूनिफार्म वितरण कराया जाए। साथ ही, विद्यालयों में कार्य कर रहे फर्जी टीचरों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए प्रभावी कदम उठाये जायंे।
योगी ने मण्डल के सभी अधिकारियांे को निर्देशित किया कि तहसील दिवस को सम्पूर्ण समाधान दिवस का रूप दिया जाए और वहां पर स्थानीय एम.एल.ए., एम.पी. के बैठने की भी व्यवस्था की जाए। तहसील दिवस में ही राशन कार्डों का सत्यापन, दिव्यांग प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र आदि की भी व्यवस्था कराई जाये। उन्होंने कहा कि तहसील दिवस की सफलता पर ही लोगों का लखनऊ आकर शिकायत करने की परम्परा रुकेगी।

बैठक में उज्ज्वला योजना, राहत कार्य योजना, स्वास्थ्य सेवा, मनरेगा, ‘नमामि गंगे’ आदि 31 विकास कार्यों की योजनाओं की समीक्षा की गयी और अधिकारियों को योजनाआंे के सफल क्रियान्वयन हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिये गये।
बैठक में प्रदेश के उप मुख्यमंत्री, केशव प्रसाद मौर्य सहित 5 अन्य मंत्रिगण, सांसद, एम.एल.ए., आयुक्त कानपुर मण्डल, अपर पुलिस महानिदेशक, पुलिस महानिरिक्षक, प्रबंध निदेशक केस्को, मण्डल के सभी जिलाधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी, संयुक्त विकास आयुक्त एवं अन्य मण्डलीय अधिकारी उपस्थित थे।

With GDA in demolition mood, it could be the end of road for encroachers

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The Ghaziabad Development Authority (GDA) it appears, is in an overdrive to act against illegal constructions and spaces encroached upon by people across Ghaziabad city, Muradnagar and Modinagar. At least media reports of the last fortnight indicate so. It is no secret, that Ghaziabad has been under siege from encroachments of all kinds, be it the indiscreet ramps extending outside many houses in localities like Raj Nagar, Kavi Nagar etc, or the more notorious encroachments in the form of illegal construction on public land.

Political pressure in the last decade or so has made the situation worse as encroachments done with political muscle were never questioned. However, for the first time in the last decade or so, the GDA has been seen to be so proactive when it comes to knocking out these illegalities, through demolition or by sealing them. One reason for this could be a proactive Vice Chairman—who has tried to set an example by demolishing encroachment outside her (sarkari) house. This might be the sign of things to come. The other reason could be the CM’s policy of not siding with wrongdoing of any kind and encroachment of any type is definitely one of those wrongdoings.

However, the GDA’s anti-encroachment stir hit roadblocks in Raj Nagar and attracted criticism too, but that has not deterred the VC. Several people—including some, so called dignitaries of the city—have tried to question the GDA VC, Kanchan Verma, “that how without serving notice could GDA act against ramps outside houses.” It seems they are forgetting the fact that notices could only be served when someone is perceived to be doing wrong—in such a case a notice should be served first and the aggrieved party can always take recourse to law and answer the ‘perceived’ notion about the illegality committed by him/her in legal language and through a legal platform. But encroachments—in the form of ramps and gardens extending up to the road are proof of their own illegality and the GDA has every right to demolish them. Moreover, these people should question themselves as to why they have committed such an illegality?

The GDA should also see that parks in areas under its jurisdiction do not have more than 5% permanent construction as mandated by a state GO of 2001 and also by NGT. Recently, in a park in Raj Nagar a library was being constructed, in defiance of these norms (it was alleged by an environment activist) and delhiNCRnews.in had raised this issue with Nagar Nigam and GDA both (read: http://delhincrnews.in/2017/05/16/green-signal-to-library-inside-park-violation-of-green-courts-order-alleges-green-activist).

Meanwhile, it is learnt, that the GDA has also reportedly sent a reminder to several residential units across the city, to not carry out any commercial activity through flats and apartments. This is something that has been going on for long and has resulted in rampant encroachments in he city area as well as in colonies like Vaishali, Indirapuram and Kaushambi. As a result, the footpaths have been swallowed by the illegal vends that operate in their full capacity in the evenings reportedly in collusion with the local police.

The GDA has a lot to do especially when it comes to illegal borewells that have been now banned by NGT (read http://delhincrnews.in/2017/04/23/ngt-bans-illegal-borewells-and-submersible-pumps). These illegal borewells have played havoc with Ghaziabad’s underground water table—so much so that it falls under the dark zone as categorized by the CGWA. If the GDA succeeds in putting a halt to illegal boring and use of groundwater, it would be doing a great service to the future of this region.

Meanwhile, concerned residents of Vasundhara—under UP Housing Board’s jurisdiction—wonder, when they will hear about similar steps taken against encroachments by the Housing Board, or by the local admin.

-By Prasoon Pant

Also read by same author: http://delhincrnews.in/2017/04/30/ngt-seals-the-fate-of-domestic-borewells/

 

Delhi Police ‘Bar Talk’ to rein in drunk driving

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Delhi Police has roped in top restaurants, pubs and bars of Delhi for promoting ‘Do Not Drink and Drive’ campaign and women safety “Himmat” campaign through BarTalk, an innovation in Digital Out of Home (OOH) media.

Drunken driving cases are on the rise year on year. In 2016 itself, over 28,000 motorists were prosecuted by the Delhi Police for driving under the influence of alcohol. With a vision to bring about consciousness among citizens, the Delhi Police has taken an initiative with top bars and restaurants of Delhi through their concept of “BarTalk” a digital, out of home network spread across the capital’s bars–leveraging its apt positioning to promote safe drinking with a ‘Do Not Drink & Drive’ campaign and popularizing Delhi Police Women’s Safety App “HIMMAT” –for the benefit and safety of women/working women, particularly when they travel alone sometimes during late hours. The unique display network of restaurants and bars will now take Delhi Police concerns to reach out and communicate with socially vibrant and active population.

Speaking on the occasion,Dependra Pathak, Delhi Police Chief Spokesperson said: “We are happy to initiate Delhi Police’s one of the top priorities and objective of safe driving and women safety through “BarTalk”.  With their unique display network, Delhi Police can now easily reach out and communicate with the socially active population in the city on real-time basis. The strategic placement of this innovative mode of communication will act as a reminder to people in bars that drunken driving is best avoided.”

Gautam Bhirani & Amit Bagga – Founders “Bartalk” are also delighted that Delhi Police has associated with them in this initiative and is utilizing their platform to its true potential to communicate with the right audience with a contextual message.

 

 

गाजियाबाद में डेंगू, चिकनगुनिया से बचाव के विषय में एक गोष्ठी का आयोजन

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गाजियाबाद प्राइवेट चिकित्सक वेलफेयर एसोसिएशन द्वारा डेंगू, चिकनगुनिया से बचाव के विषय में एक गोष्ठी का आयोजन किया गया; प्राइवेट चिकित्सक वेलफेयर एसोसिएशन के संस्थापक अध्यक्ष, डॉक्टर बी के शर्मा हनुमान ने बताया कि समय रहते हुए डेंगू चिकनगुनिया से बचाव किया जा सकता हैI

डेंगू के लक्षण सबसे पहले तेज बुखार सिर दर्द पीठ दर्द आंखों को हिलाने में दर्द शरीर पर लाल चकते वह धब्बे मसूड़ों नाक में खून का बहना आदि लक्षण पाए जाते हैं; चिकनगुनिया के लक्षण जोड़ों में दर्द बुखार शरीर पर दाने लाल चकत्ते जैसे निशान चिकनगुनिया के लक्षण हैंI डेंगू की रोकथाम की जा सकती है और इसका इलाज संभव है लेकिन घबराएं नहीं चिकनगुनिया को फैलाने वाला मच्छर साफ पानी में पैदा होता है, मच्छर पैदा न होने दें चिकनगुनिया को फैलाने वाला मच्छर दिन में काटते हैंI

सावधानी बरतने के निम्न स्थानों पर ध्यान देना होगा- जैसे पानी से भरे सामानों में, खुली पानी की टंकी में, कचरों के पानी में, गमलों में, बेकार पड़े टायरों में, पानी भरे गड्ढों में, सूखे पत्ते पौधों में, नारियल के खोलो में, फूलदान में, कूलर में, ऐसी ट्रे में पानी से भरे सामानों में- इन स्थानों पर डेंगू चिकनगुनिया को फैलाने वाले मच्छर पैदा होता हैI कृपया इन को साफ रखेंI

पानी से भरे बर्तनों एवं टंकियों आदि को अच्छी तरह ढक कर रखें; सभी अनुपयोगी कंटेनर कबाड़, टायर एवं नारियल खोलो को नष्ट कर दें; हर सप्ताह में कूलर को खाली करके रगड़कर एवं सुखाकर दोबारा भरे; डेंगू बुखार के दौरान घर में अस्पताल में मच्छरदानी का उपयोग अवश्य करें तथा मच्छर के काटने से बचें और डेंगू के संक्रमण को रोकने में सहयोग करें; दिन के समय मच्छरों के काटने से बचेंI पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े अवश्य पहने, मच्छरों को भगाने वाले रिपेलेट का प्रयोग करें, बुखार में केवल पेरासिटामोल का उपयोग करेंI इस अवसर पर सैकड़ों लोगों ने भाग लियाI

Gurugram Police cracks property dealer murder case

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The Gurugram Police arrested 5 persons in connection with the murder of a property dealer in Sec 10 about 2 months back. The said accused have been arrested with arms in their possession. Property dealer Bharat Bhushan was murdered after he was called out of his home by the accused, whereafter they murdered him. Gurugram Police Commissioner, Sandeep  Khirwar told the press, that the crime being of a serious nature several cops from across different branches of police were deployed to arrest the accused. One of the 5 accused- Satish, aged 43 yrs, is a dreaded criminal with a reward of Rs 1 lakh on his head. Another Arvind alias Pandit also has a reward of Rs 50,000 on his head said the police. This catch is considered one of the prized catches for Gurugram Police.

Policy framed to encourage industry participation in defence

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Pic: David Castor

The Defence Acquisition Council (DAC) under the Chairmanship of the Minister of Defence, Arun Jaitley, today finalised the broad contours of a policy aimed at engaging the Indian private sector in the manufacture of high-tech defence equipment in India. The policy is aimed at developing the defence industrial eco-system in the country through the involvement of both the major Indian corporates as well as the MSME sector.

The policy, which was developed through extensive stakeholder consultations with Indian industry, envisages the establishment of long-term strategic partnerships with qualified Indian industry majors through a transparent and competitive process wherein the Indian industry partners would tie up with global OEMs to seek technology transfers and manufacturing know-how to set up domestic manufacturing infrastructure and supply chains. The policy will give a boost to the ‘Make in India’ policy in the Defence sector and set Indian industry on the path to acquiring cutting-edge capabilities which will contribute to the building of self-reliance in the vital sector of national security requirements.

The policy is expected to be implemented in a few selected segments to begin with, namely, fighter aircraft, submarines and armoured vehicles.  In future, additional segments may be added.  Appropriate institutional mechanisms will be set in place to implement the policy.

Pic: David Castor

 

झाँसी जिलाधिकारी ने कार्यशाला का शुभारम्भ किया

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झाँसी, शनिवार, 20 मई 2017: जिलाधिकारी कर्ण सिंह चौहान ने विकास भवन के सभागार में आयोजित जनपदीय एकीकृत योजना बनाने हेतु कार्यशाला की अध्यक्षता करते हुए कहा कि बूंद-बूंद बचाना है, यह संकल्प दिलाना है। इसे वास्तविक रुप से चरितार्थ करना होगा।

वर्षा जल को प्रभावी ढंग से रोकने के लिए हम सभी को एकजुट होकर प्रयास करने होगे। इसके साथ ही हमें शपथ लेनी होगी कि जितना भूगर्भ जल हम प्रयोग करेगे उतना ही जल भूगर्भ में वापस करेगे अन्यथा आने वाले समय में भूगर्भ जल समाप्त हो जाएगा। जलसंरक्षण और जल सम्बर्न्धन के कार्यो को सभी विभाग एक साथ क्रियान्वयन करे तो लाभ अधिक मिलेगा।
जनपद में जन आन्दोलन के माध्यम से जल संचय हेतु जनता को जागरुक किया जाए। दीपप्रज्ज्वलित की जिलाधिकारी ने कार्यशाला का शुभारम्भ करते हुए कृषि विभाग, भूमि संरक्षण विभाग, वन विभाग व लघु सिंचाई विभाग आपसी समन्वय स्थापित कर जल प्रबन्धन कार्य करें तो सफलता अधिक मिलेगी, एकल प्रयास से अधिक लाभ मिलेगा।
कार्यशाला में मूलतः जलभृत मानचित्र एवं भूजल प्रबन्धन पर विशेष चर्चा हुई। कार्यशाला का आयोजन केन्द्रीय भूमि जल बोर्ड, भूगर्भ जल बोर्ड, भूगर्भ जल विभाग झांसी एवं लघु सिंचाई द्वारा संयुक्त रुप से किया गया।
कार्यशाला में केंद्रीय जल बोर्ड नई दिल्ली के वैज्ञानिक श्री पी.के. त्रिपाठी ने एक्यूफर मैपिंग की जानकारी देते हुए बताया कि इस तकनीकी से यह जानकारी प्राप्त हो जाती है के कहां ग्राउण्ड वाटर उपलब्ध है और कहां नही है तथा उस जल की क्लालिटी कैसी है। इस तकनीकी से बोरिंग अथवा टयूवबैल स्थापित करने में लाभ होगा।
उन्होने बताया कि जनपद में एक्यूफर मैपिंग डाटा जनेरेशन के माध्यम से 50 स्थानों पर 200 मीटर गहराई के टयूवबैल लगाकर एवं पम्पिंग टेस्ट उपरान्त सफल टयूवबैल को जल निगम झांसी को हस्तान्तरित कर दिए गये है।
उन्होने कहा कि इसके अतिरिक्त जियोफिजिफल सर्वे, वाटर क्लालिटी सैम्पल, आइसोटोप अगरिका अध्ययन शामिल इसके आधार पर विकास खण्डवार से अपेक्षा की गयी कि सभी तकनीकी का सहयोग ले।

उद्यमियों को अग्निशमन के सम्बन्ध में जागरूक होना चाहिये-गाज़ियाबाद जिलाधिकारी

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गाज़ियाबाद, शनिवार, 20 मई 2017:जिलाधिकारी मिनिस्ती एस. ने उद्योग बन्धु की आयोजित बैठक में विभिन्न औेद्योगिक संगठनों से प्राप्त शिकायतों एवं समस्याओं का निस्तारण किया। उन्होने ओधोगिक क्षेत्रों में अवैध गैस गोडाउन होने की शिकायत कुछ उद्ययमियों द्वारा की जाने पर तत्काल आदेश दिये यदि अवैध गैस गोडाउन इन्डस्ट्रियल ऐरिया में है तो उसे तत्काल सील कर दिया जाये। जिलाधिकारी ने यू.पी.एस.आई डी.सी. तथा यू.पी. हैण्डलूम के अधिकारियों को बैठक में उपस्थित न होने को गम्भीरता से लेते हुये सम्बन्धितो को शोकाज नोटिस जारी करते हुये शासन को अवगत कराने के निर्देश दिये। उन्होने स्पष्ट किया कि उद्योग बन्धु की बैठक एक अत्यन्त महत्वपूर्ण बैठक होती है जिसमें जिम्मेदार अधिकारियों की अनुपस्थिति को गम्भीरता से लिया जायेगा और सम्बन्धित अधिकारियों के विरूद्व कडी कार्यवाही की जायेगी। बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि ओद्योगिक क्षेत्र में गत दिवस घटित अग्नि काडं की घटना से सबक लेते हुये उद्यमियों को अग्निशमन के सम्बन्ध में जागरूक होना चाहिये। तथा अग्नि सुरक्षा के विभिन्न बिन्दुओं का विषलेशण करते हुये बालन्टीयर्स की भी प्रशिक्षित टीम को तैयार करने का सुझाव दिया जो ऐसी आकस्मिक घटना पर अपना योगदान दे सके।
उद्यमियों द्वारा बैठक में अतिक्रमण की समस्या रखे जाने पर जिलाधिकारी ने अपर जिलाधिकारी नगर को नोडल अधिकारी नामित करते हुये कहा कि अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया जाये अतिक्रमण हटाने से पूर्व अतिक्रमित जगह का चिन्हीकरण कर दिया जाये तथा अतिक्रमण हटाने की पूर्व में घोषण भी कर दी जाये ताकि लोग स्वेच्छा से अतिक्रमण हटा लें। अतिक्रमण हटाने के बाद उस स्थल की बीडियो ग्राफी करायी जाये जिसकी एक प्रति सम्बन्धित चौकी इन्चार्ज को भी उपलब्ध करायी जाये। अतिक्रमण हटने के बाद यदि वहॉ पर पुनः अतिक्रमण होता है तो सम्बन्धित चौकी इन्चार्ज उत्तरदायी होगे।
जिलाधिकारी ने ओद्योगिक क्षेत्र में सफाई तथा नालों की सफाई की समस्या पर नगर निगम को निर्देशित किया कि सफाई की एक प्रभावी नियमित व्यवस्था की जाये नगर निगम के अधिकारी द्वारा बताया गया कि नालो की सफाई की कार्य योजना बना ली गयी है रोस्टर के अनुसार कार्य हो रहा है।
जिलाधिकारी ने कार्य योजना एवं कार्य की प्रगति की एक प्रति अपर जिलाधिकारी नगर को भी देने के निर्देश दिये। उन्होने ओद्योगिक क्षेत्र की गडढा मुक्त सडकों की सूची उपलब्ध कराने के निर्देश देते हुये कहा कि ओद्योगिक क्षेत्र के सभी नालो की सूची उपलब्ध करायी जाये साहिबाबाद आद्योगिक क्षेत्र में नये विधुत सब स्टेशन का निर्माण कराये जाने विषयक प्रकरण में जिलाधिकारी ने उप जिलाधिकारी को कल मौके पर जाकर वस्तुस्थिति का आकलन विधुत एवं अन्य सम्बन्धित अधिकारियों के साथ करके अवगत कराने के निर्देश दिये। उद्यमियों द्वारा ओद्योगिक क्षेत्र में प्रकाश व्यवस्था कराये जाने के सम्बन्ध में नगर निगम को तत्काल आवश्यक व्यवस्था करने के निर्देश दिये।
बैठक में यू.पी.एस.आई.डी.सी. ओद्योगिक क्षेत्र लोनी के सामने स्थित ग्रीन बैल्ट एवं ओद्योगिक भूखण्डों से अवैध कब्जो को हटाये जाने, विधुत वितरण खण्ड बलराम नगर एवं इन्दिरा पुरी लोनी में फीडर पर लाईन मेैन, जे.ई. व अन्य स्टाप की उपस्थिति सुनिश्चित करने तथा अमृत स्टील कम्पाउन्ड इन्डस्ट्रीयल असोशिएशन द्वारा नाला निर्माण आदि समस्यायें रखी गयी जिनका निस्तारण जिलाधिकारी ने सम्बन्धित विभागीय अधिकारियों को करने के निर्देश दिये गये इस अवसर पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एच.एन. सिंह, मुख्य विकास अधिकारी रमेश रजंन, अपर जिलाधिकारी ज्ञानेन्द्र सिंह व प्रीति जायसवाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी व ओद्योगिक सगंठनों के पदाधिकारी उपस्थित रहे।

अब तक 21,62603 मीट्रिक टन गेहूँ की खरीद हुई

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उत्तर प्रदेश में कार्यरत विभिन्न गेहूं क्रय केन्द्रों द्वारा अब तक कुल 21,62,603.23 मीट्रिक टन गेहूँ खरीदा जा चुका है, जबकि गत वर्ष इसी अवधि में 7,76,387.73 मीट्रिक टन गेहूँ खरीदा गया था।
प्रदेश के खाद्य आयुक्त, अजय चौहान द्वारा दी गयी जानकारी के अनुसार 80 लाख मीट्रिक टन गेहूँ खरीद लक्ष्य के सापेक्ष अब तक लगभग 27 प्रतिशत खरीद हुई है। किसानों को देय 3,514.23 करोड़ रूपये के सापेक्ष शत-प्रतिशत भुगतान किया जा चुका है। गेहूँ खरीद योजना के तहत अब तक 4,74,589 किसान लाभान्वित हुए हैं।

 

स्वास्थ्य मंत्री ने सभी बड़े अस्पतालों में एम.आर.आई., सीटी स्कैन, डिजिटल एक्स-रे तथा अल्ट्रासाउण्ड मशीन लगाने के दिए निर्देश

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उत्तर प्रदेश के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री, सिद्धार्थ नाथ सिंह ने महानिदेशक, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, पद्माकर सिंह को निर्देश दिए कि जिन बड़े चिकित्सालयों में जांच की सुविधा उपलब्ध नही हैं, उन अस्पतालों को तत्काल चिन्हित करके उनमें मशीनों/उपकरणों की स्थापना करने के साथ ही उन्हें क्रियाशील बनाए रखने के लिए आवश्यक पैरामेडिकल स्टाफ की व्यवस्था सुनिश्चित कराएं। उन्होंने यह भी कहा कि स्वास्थ्य विभाग सीधे तौर पर आम जनता एवं गरीबों से जुड़ा है। इसलिए इसमें किसी भी प्रकार की उदासीनता अथवा लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि मरीजों की सभी प्रकार की जांच एक ही छत के नीचे हो सके इसके लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रदेश के सभी बड़े चिकित्सालयों में एम.आर.आई., सीटी स्कैन, डिजिटल एक्स-रे मशीन तथा अल्ट्रासाउण्ड की सुविधा मुहैया कराई जाए। साथ ही इन उपकरणों की स्थापना से पहले ही आवश्यक स्टाफ की उपलब्धता भी सुनिश्चित की जाए।

सिंह ने कहा कि प्रदेश में 828 सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र हैं, जबकि मात्र 128 सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में ही एक्स-रे की सुविधा उपलब्ध है। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में एक्स-रे मशीन नहीं है, वहां तत्काल इसकी व्यवस्था कराई जाए। स्वास्थ्य मंत्री ने यह भी निर्देश दिए कि जिन चिकित्सालयों में एम.आर.आई., सीटी स्कैन, एक्स-रे, अल्ट्रासाउण्ड तथा एक्स-रे मशीन संचालित है, वहां प्राथमिकता पर इनके देख-रेख का बेहतर इंतजाम किए जाए। जिन बडे़ चिकित्सालयों में यह उपकरण/मशीनें नहीं हैं, वहां जल्द ही इसकी स्थापना कराई जाए। सिंह ने कहा कि मशीनों/उपकरणों की खरीद में पूरी पारदर्शिता होनी चाहिए। इसके लिए उपकरणों का क्रय ई-टेण्डर द्वारा किया जाए। उन्होंने प्रदेश के सभी अस्पतालों के रिकार्डस् आन-लाइन करने के सख्त निर्देश दिए हैं।