अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक डे के अवसर पर डिस्ट्रिक्ट ओलंपिक एसोसिएशन गाजियाबाद द्वारा राजनगर गाजियाबाद में एक दौड़ का आयोजन किया गया। इस अवसर पर अतुल गर्ग, राज्य मंत्री उत्तर प्रदेश सरकार, उत्तर प्रदेश ओलंपिक संघ के संरक्षक एवं राज्यसभा सांसद डॉ अनिल अग्रवाल , विधायक अजीत पाल त्यागी , उत्तर प्रदेश ओलंपिक संघ के अध्यक्ष डॉ पीएन अरोड़ा, अंजुल अग्रवाल एवं अन्य गणमान्य लोग एवं ओलम्पिक संघ के पदाधिकारी मौजूद थे। सैकड़ों लोगों ने इस दौड़ में भाग लिया।

वहीं दौड़ आरम्भ होने के पूर्व यशोदा हॉस्पिटल मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ पीएन अरोड़ा जी ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार खेलकूद गतिविधियों के विकास हेतु पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि गाज़ियाबाद का युवा खेल प्रतिभाओं से भरा पड़ा है। आए दिन यहां के खिलाड़ी राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर अपनी खेल प्रतिभा का परिचय देते आ रहे हैं। श्री अतुल गर्ग माननीय राज्य मंत्री उत्तर प्रदेश सरकार ने खिलाड़ियों को पर्याप्त खेल संसाधन उपलब्ध कराकर खिलाड़ियों को और प्रोत्साहित करने की आवश्यकता जतलाई। उन्होंने तमाम खेल संघों से खिलाड़ियों की प्रतिभा को तराशने की अपील की।

ओलम्पिक खेलों की शुरुआत, इतिहास के बारे में चर्चा करते हुए डॉ अरोड़ा ने बताया कि पहले आधुनिक ओलंपिक खेल, यूनान की राजधानी एथेंस में 1896 में आयोजित किए गए। लेकिन उसके बाद भी सालों तक ओलंपिक आंदोलन का स्वरूप नहीं ले पाया। एथेंस ओलंपिक खेलों में सिर्फ़ 14 देशों के 200 लोगों ने 43 मुक़ाबलों में हिस्सा लिया। लंदन में पहली बार ओलंपिक आयोजित हुए 1908 में। पहली बार खिलाड़ियों ने अपने देश के झंडे के साथ स्टेडियम में मार्च पास्ट किया। लेकिन इसी ओलंपिक में अमरीकी खिलाड़ियों ने जजों पर आरोप लगाया कि वे अपने देश का पक्ष ले रहे हैं। 1912 में स्टॉकहोम में ओलंपिक हुए और फिर विश्व युद्ध की छाया भी इन खेलों पर पड़ी। विश्व युद्ध के बाद एंटवर्प ओलंपिक 1920 में आयोजित हुआ। तमाम सुविधाओं की कमी, आयोजन की मेजबानी की समस्या और खिलाड़ियों की कम भागीदारी-इन सभी समस्याओं के बावजूद धीरे-धीरे ओलंपिक अपने मक़सद में क़ामयाब होता गया। और आज भारत में ही नहीं उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले में भी ओलम्पिक संघ पूरी कार्यनिष्ठा से काम कर रहा है और खिलाडियों की प्रतिभा निखार रहा है ।

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश ओलिंपिक संघ भी खेल और खेल प्रतियोगिताओं के संगठन, विकास और समन्वय को प्रोत्साहित करने और ओलंपिक खेलों के नियमित आयोजन को सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि संघ का उद्देश्य सक्षम सार्वजनिक या निजी संगठनों और अधिकारियों के साथ सहयोग करने का प्रयास करना ताकि खेल द्वारा मानवता की सेवा और शांति को बढ़ावा मिले; ओलंपिक आंदोलन को प्रभावित करने वाले किसी भी प्रकार के भेदभाव के खिलाफ कार्य करना; पुरुषों और महिलाओं की समानता के सिद्धांत को लागू करने के दृष्टिकोण के साथ सभी स्तरों पर और सभी संरचनाओं में खेल में महिलाओं के प्रचार को प्रोत्साहित करना और समर्थन करना भी है ।

-delhincrnews.in reporter

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