श्री विश्वकर्मा कौशल  विश्वविद्यालय ने अपने दाखिला अभियान के तहत  हरियाणा  राज्य के 100 औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) के प्राचार्यों के बीच ट्रांजिट परिसर में आज एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें लगभग 150 संस्थानों से विशिष्ट अतिथियों ने भाग लिया। लगभग 75% प्राचार्यों ने आईटीआई में इच्छुक युवाओं के आवेदन की सुविधा हेतु हेल्प सेंटर स्थापित करने की पेशकश की। 

यह विश्वविद्यालय हरियाणा सरकार द्वारा स्थापित देश का पहला सरकारी  कौशल  विश्वविद्यालय है यह विश्वविद्यालय दोहरी शिक्षा प्रणाली के माद्यम से सीखो और कमाओ , अपनी पहचान बनाओ के आधार पर कार्य कर रहा हैडॉ। संजय भारद्वाज ने कायर्क्रम  की शुरुआत में,  एक वीडियो दिखाया, जो विश्वविद्यालय की छोटी लेकिन शानदार यात्रा दिखा रहा था, क्योंकि इसकी स्थापना मात्रा 3 साल पहले हुई थी। आज विश्वविद्यालय कई  क्षेत्रों में सर्टिफिकेट से लेकर डॉक्टोरल स्तर तक विविध क्षेत्रों में मेक्ट्रोनिक्स, जैव-सूचना विज्ञान, खाद्य प्रसंस्करण, बंचारी कला, शारदा लिपि और रोबोटिक्स और एनीमेशन के रूप में 31 कार्यक्रम चला रहा है।

विश्वविद्यालय ने हाल ही में अपने 2019-20 कार्यक्रमों के लिए प्रवेश खोले हैं।इससे पहले संगोष्ठी का संदर्भ विश्वविद्यालय के संयुक्त निदेशक डॉ। राज सिंह अंतिल द्वारा निर्धारित किया गया था।श्री राज नेहरू, विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति ने मुख्य अतिथि के रूप में विश्वविद्यालय के कई पहलुओं पर रोशनी डाली।

नेहरू ने भारत के युवाओं को कौशल शिक्षा प्रदान करने की आवश्यकता पर जोर दिया और शिक्षा और सीखने के पीछे के तर्क को समझाया जो कि रोजगारोन्मुखी और उद्योगों की मांग से प्रेरित है।कुलपति जी ने प्र्त्येक औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों के प्राचार्यों से अनुरोध किया की वे अपनी  के छात्रों के यहां प्रवेश लेने के लिए पवृत करें ताकि औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों के छात्र भी आगे चलकर अपने हुनर को विकसित करते हुए PH.D तक ले जा सकें । डॉ ऋतू बजाज, कुलसचिव ने इस आयोजन के लिए सबको बधाई दी।  परीक्षा नियंत्रक चंचल भारद्वाज द्वारा धन्यवाद ज्ञापन किया गया तथा आवेदन तथा चयन प्रक्रिया के बारे विस्तृत जानकारी दी।

Sandeep Siddhartha, Senior Reporter

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