गुरुग्राम: जानलेवा बिमारियों के निःशुल्क आयुर्वेदिक चिकित्सा शिविर का आयोजन

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हैदराबाद से आए आयुर्वेदिक विशेषज्ञ डाक्टर केवीजीएस मूर्ति ने बताया कि मनुष्य की सभी बिमारियों का स्थायी इलाज आयुर्वेदिक पद्धति के द्वारा ही सम्भव है। आपातकाल स्थिति मंे मनुष्य को ऐलोपैथी प्रणाली से इलाज करवाकर आयुर्वेदिक प्रणाली को हमेंशा के लिए अपनाकर बिमारियों से मुक्त होना चाहिए।

उक्त विचार डा0 मूर्ति ने मानव आवाज संस्था के संयोजक एडवोकेट अभय जैन, वार्ड-19 से पार्षद् अश्विनी शर्मा, प्रसिद्ध व्यापारी हेमन्त वशिष्ठ और डा0 आर्यन मित्तल द्वारा महरोली रोड़ स्थित कोरस बैंकट हाल में आयोजित निःशुल्क आयुर्वेदिक चिकित्सा शिविर में व्यक्त किए।
शिविर का आरम्भ करते हुए गुरुग्राम के अतिरिक्त जिला न्यायधीश प्रशान्त सिंह राणा ने कहा कि आयुर्वेदिक पद्धति सरल, सस्ती व आसानी से उपलब्ध है और इसका कोई दुष्प्रभाव नही पड़ता जबकि ऐलोपैथी महंगी और आसानी से उपलब्ध नही होती तथा इसके बहुत से दुष्प्रभाव भी होते है।
मानव आवाज संस्था के संयोजक अभय जैन ने सभी रोगियों और अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि रामायण काल में लक्ष्मण के मूर्छित होने पर भगवान राम ने हनुमान जी को हिमालय के पर्वतों से जड़ी-बूटी लाने के लिए कहा था जिससे लक्ष्मण की जिंदगी बचाई जा सकी थी। अर्थात् आयुर्वेदिक पद्धति ही मनुष्य के जानलेवा बिमारियों के उत्तम इलाज है।

एमबीबीएस करने के बावजूद डा0 मूर्ति ने हिमालय के पहाड़ो में आयुर्वेदिक दवाइयों का गहन अध्ययन किया और अपनी स्वयं वर्ष 2007 में सात जड़ी बूटियों केे मिश्रण से आयुर्वेदिक दवा बनाई। शिविर में 100 से अधिक रोगियों ने डायबिटीज (शुगर), किडनी, लीवर, हृदय रोग और कैंसर जैसी खतरनाक बिमारियों के सम्बन्ध में आयुर्वेदिक चिकित्सा के द्वारा इलाज की जानकारी प्राप्त की।
इस शिविर में कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी के लिए जागरुक करने वाली संस्था केन विन ने और अभिनव शर्मा ने पूरा सहयोग दिया।

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