लोकसभा आम चुनाव-2019 में समाचार पत्रों, टीवी चैनल व सोशल मीडिया पर प्रकाशित व प्रसारित होने वाली पेड न्यूज पर एमसीएमसी (मीडिया सर्टिफिकेशन व मोनिटरिंग कमेटी) के अधिकारी कड़ी नजर रखेंगे और ऐसा मामला संज्ञान में आते ही संबंधित प्रत्याशी को तुरंत नोटिस जारी किया जाएगा। ट्रैनिंग कार्यक्रम में रिटायर्ड एचसीएस अधिकारी एवं ट्रैनर शिव प्रसाद शर्मा ने बताया कि चुनाव प्रचार के दौरान एमसीएमसी कमेटी की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होगी। कार्यक्रम में बताया गया कि रजिस्टर्ड राजनीतिक दलों तथा चुनाव लड़ रहे उम्मीदवार को इलैक्ट्राॅनिक मीडिया पर विज्ञापन प्रसारित करने के तीन दिन पहले एमसीएमसी कमेटी से प्री-सर्टिफिकेशन के लिए आवेदन करना होगा। इसके अलावा, जो राजनीतिक दल रजिस्टर्ड नही हैं उन्हें विज्ञापन प्रसारण से 7 दिन पहले प्री-सर्टिफिकेशन के लिए आवेदन करना अनिवार्य है। प्रिंट मीडिया में विज्ञापन देने के लिए प्री-सर्टिफिकेशन अनिवार्य नही हैं लेकिन उसका खर्च उम्मीदवार के चुनावी खर्च में जुड़ेगा, चाहे उसने फ्री मे ही क्यांे ना छपवाया हो।  इलैक्ट्राॅनिक मीडिया जैसे- आॅडियो विजुअल डिस्पले आॅफ पाॅलिटिकल एडवरटाइजमेंट , कैंपेन मैटिरियल जैसे रेडियो, टीवी , केबल, इंटरनेट तथा आॅडियो-वीडियो डिस्पले इन पब्लिस प्लेसिज के लिए प्री-सर्टिफिकेशन अनिवार्य है। बल्क मैसेज व वायस मैसेजिज के लिए प्री-सर्टिफिकेशन अनिवार्य नही है।  बैठक में बताया गया कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा सभी राजनीतिक दलों, उम्मीदवारों व संगठनों को दिशा-निर्देश दिए गए हैं कि वे मतदान के दिन तथा उससे एक दिन पहले प्रिंट मीडिया मे भी तब तक विज्ञापन प्रकाशित नही कर सकते जब तक वह विज्ञापन एमसीएमसी कमेटी से प्री-सर्टिफाइड ना हो। एमसीएमसी कमेटी को अपने पास रिकाॅर्ड में विज्ञापन की दो प्रति  रखनी होगी जिसकी एक प्रति भारत निर्वाचन आयोग तथा एक अन्य प्रति एक्पेंडिचर आब्र्जवर को भेजी जाएगी। यदि एमसीएमसी कमेटी के सदस्यों को विज्ञापन के दौरान लगता है कि वह विज्ञापन सामाजिक ताने-बाने को खराब करने वाला है, तो उस विज्ञापन को प्रसारित होने से रोक भी सकती हैं या उसमें बदलाव की सिफारिश कर सकती है। किसी भी उम्मीदवार को नोटिस जारी करने से पूर्व इसकी रिपोर्ट रिटर्निंंग अधिकारी को भेजी जाएगी। उन्होंने कहा कि चुनाव में प्रचार के लिए प्रकाशित करवाए जाने वाले पंफलेट, पोस्टर्स व अन्य सामग्री पर प्रिंटर व पब्लिशर का नाम प्रकाशित होना जरूरी है।  यदि कोई ऐसा समाचार प्रकाशित किया जाता है जो किसी प्रत्याशी विशेष के समर्थन में प्रचार करता प्रतीत होता हो और किसी प्रकार का लेन-देन होने का संदेह हो या मतदाताओं को प्रभावित करने वाला हो तो उसे पेड न्यूज मानते हुए संबंधित उम्मीदवार को नोटिस जारी किया जाएगा जिसका जवाब उसे 48 घंटे के भीतर देना होगा। इस अवधि में जवाब नहीं देने पर प्रकाशित सामग्री को पेड न्यूज माना जाएगा और इसका खर्च भी प्रत्याशी के खर्च में शामिल किया जाएगा।

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