जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त अमित खत्री ने कहा कि जिला में शराब के ठेकों का प्रतिदिन के आधार पर स्टाॅक रजिस्टर चैक किया जाएगा ताकि चुनावों में राजनीतिक लाभ लेने के लिए मतदाताओं में शराब बांटने की प्रवृति पर अंकुश लगाया जा सके। उन्होंने कहा कि शराब के ठेकांे पर आज का स्टाॅक रजिस्टर चैक करके उस स्टाॅक का मिलान पिछले वर्ष 2 अपै्रल के स्टाॅक के साथ किया जाएगा। इसमें यदि आंकड़ों में 30 प्रतिशत से अधिक का अंतर पाया जाता है तो वह ठेका संदेह के घेरे में आ जाता है। ऐसे ठेकों पर विशेषकर आबकारी एवं कराधान विभाग के अधिकारियों से निगरानी रखवाई जाएगी। उन्होंने कहा कि चुनाव निष्पक्ष, शांतिपूर्ण तथा स्वतंत्र संपन्न करवाने के लिए जरूरी है कि मतदाताओं को प्रलोभन देने के तरीकों पर कड़ाई से अंकुश लगाया जाए।

आमतौर पर चुनावों में शराब वितरित करके मतदाताओं को लुभाने के प्रयास किए जाते रहे हैं। खत्री ने कहा कि ऐसे में शराब के ठेकों के स्टाॅक रजिस्टर को आबकारी विभाग के अधिकारी तो चैक करेंगे ही, उनके अलावा भी अन्य अधिकारी की ड्यूटी भी इस कार्य में लगाई जाएगी। शराब के ठेकों का स्टाॅक रजिस्टर चैक करने के बारे में निर्देश खत्री द्वारा हरियाणा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी राजीव रंजन की वीडियों काॅन्फें्रसिंग के बाद दिए गए। इस वीडियांे काॅन्फे्रंसिंग में श्री रंजन ने उपायुक्तों को निष्पक्ष, शांतिपूर्ण तथा स्वतंत्र चुनाव करवाने के बारे में विस्तार से हिदायते दी थी। उपायुक्त अमित खत्री ने बताया कि रंजन ने दूसरे प्रदेशों के साथ जिन जिलों की सीमा लगती है, उन जिलों के उपायुक्तों को शराब की तस्करी के बारे में भी सचेत किया है। इस लिहाज से गुरूग्राम जिला की सीमा भी दिल्ली के साथ लगती है, अतः चुनाव में दिल्ली से अवैध रूप से शराब की तस्करी ना हो, इसके लिए कड़े प्रबंध किए जाएंगे तथा आबकारी विभाग के अधिकारियों को इस संबंध में  और सतर्क किया जाएगा। 

खत्री ने वीडियों काॅन्फें्रसिंग में प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को बताया कि गुरूग्राम जिला में लोग आई टी का प्रयोग अधिक करते हैं इसलिए शराब की तस्करी रोकने और नकद राशि वितरण जैसे अवैध तरीकों पर रोक लगाने के लिए आम जनता का सहयोग लिया जाएगा। जिला के सभी नागरिकों को इस बारे में जागरूक किया गया है कि वे सी विजिल एैप के माध्यम से चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन की शिकायत भेज सकते हैं, जिसमें अवैध रूप से शराब अथवा नकदी के वितरण संबंधी फोटो व वीडियों भी डाली जा सकती हैं। उन्होंने बताया कि गुरूग्राम जिला में सी-विजिल एैप के माध्यम से अब तक 56 शिकायतें प्राप्त हुई हैं जिनका निपटारा भी समयबद्ध तरीके से कर दिया गया है। इनमें सबसे ज्यादा 33 शिकायते गुड़गांव विधानसभा क्षेत्र से मिली हैं। – चुनाव ड्यूटी से मना नहीं कर सकते कर्मचारी- राजीव रंजन।मुख्य निर्वाचन अधिकारी राजीव रंजन ने बताया कि चुनाव ड्यूटी में लगाए जाने वाले स्टाफ की रैंडेमाईजेशन के लिए इलैक्शन ड्यूटी मैनेजमेंट साॅफटवेयर तैयार किया गया है। इस साॅफटवेयर की मदद से पारदर्शी तरीके से स्टाफ की ड्यूटियां लगाई जाएंगी।

उन्होंने उपायुक्तों से कहा कि 3 दिन के भीतर अपने जिला के सभी पोलिंग बूथ चैक कर लें तथा स्टाॅफ का डाटा भी फीड करवा लें। उन्होंने स्टाफ को टेªनिंग दिलवाने पर भी जोर दिया और कहा कि कलकता उच्च न्यायालय ने एक मामले में फैसला (1971एआईआर कलकता 461) सुनाते हुए कहा है कि पोंलिग स्टाफ ड्यूटी से इंकार नहीं कर सकता और यदि कोई कर्मचारी ऐसा करता है तो उसे दण्डित किया जा सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि चुनाव के दौरान संवेदनशील मतदान केंद्रों पर लगाए जाने वाले माईक्रो आॅब्जर्वर की सिफारिश पर भी किसी अधिकारी अथवा कर्मचारी के खिलाफ कार्यवाही हो सकती है। – बीएलओ घर-घर जाकर वोटर स्लिप बांटेंगे। रंजन ने यह भी कहा कि इस बार सभी बीएलओ घर-घर जाकर वोटर स्लिप बांटेंगे, इसलिए राजनीतिक दलों को किसी भी प्रकार की वोटर स्लिप बांटने की जरूरत नहीं है। यदि कोई दल अथवा प्रत्याशी ऐसा करता है तो उसका छपाई व वितरण का खर्च उसके चुनावी खर्च में जोड़ा जा सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि चुनाव में व्यक्ति की पहचान सुनिश्चित करने के लिए चुनाव आयोग द्वारा जारी फोटोयुक्त पहचान पत्र (एपिक) को प्राथमिकता दी जाएगी लेकिन किसी मतदाता ने उसी विधानसभा क्षेत्र में स्थान बदल लिया है तो वह पुराना एपिक कार्ड दिखाकर भी वोट डाल सकता है, बशर्ते कि उसका नाम मतदाता सूची में बदले हुए स्थान पर दर्ज हो। इस मौके पर गुरूग्राम में गुरूग्राम के उपायुक्त अमित खत्री के साथ नूंह के उपायुक्त पंकज के अलावा, गुरूग्राम के अतिरिक्त उपायुकत मोहम्मद इमरान रजा, नूंह के नगराधीश सतीश यादव, रेवाड़ी की एसडीएम अलका चैधरी, गुरूग्राम उतरी के एसडीएम जितेंद्र कुमार, गुरूग्राम दक्षिणी की एसडीएम डा. चिनार चहल, पटौदी के एसडीएम प्रदीप अहलावत, चुनाव तहसीलदार संतलाल सहित चुनाव से जुड़े अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे। 

Sandeep Siddhartha, Senior Reporter

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