कड़कड़डूमा स्थित गैलेक्सी हॉस्पिटल एवं लंग इंस्टीट्यूट द्वारा अस्पताल की स्थापना के 2 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष में एक विशाल फेफड़ा एवं स्वास्थ्य जांच शिविर लगाया गया
स शिविर में वरिष्ठ फेफड़ा एवं स्वास रोग विशेषज्ञ डॉ के के पांडे जो कि गैलेक्सी हॉस्पिटल के डायरेक्टर भी हैं वरिष्ठ पल्मनोलॉजिस्ट डॉ अर्जुन खन्ना एवं डॉ अंकित सिन्हा ने मरीजों को सांस, खर्राटे, एलर्जी, ब्लड प्रेशर  एवं फेफड़े संबंधित रोगों के लिए निशुल्क परामर्श दिया, साथ ही लोगों की मुफ्त कंप्यूटर द्वारा फेफड़ों की जांच ब्लड शुगर ब्लड प्रेशर ईसीजी आदि जांचें की गई। कैंप में आये मरीजों ने बताया कि  कंप्यूटर द्वारा फेफड़ों की जांच काफी महंगी होती है और लगभग २,००० रुपये लग जाते हैं ऐसे में गैलेक्सी हॉस्पिटल ने इस जांच को मुफ्त में कर के उनकी मुश्किल को आसान कर दिया और लम्बे समय से पैसों के अभाव में यह टेस्ट न करा पाने वाले लोगों ने इस टेस्ट को कराया और निःशुल्क परामर्श का भी लाभ लिया।

कैंप के संचालन में पूरन पांडेय जो गैलेक्सी हॉस्पिटल के मुख्य प्रबंधक भी हैं उनका विशेष सहयोग रहा, पूरन ने बताया की  कैंप में लोनी, गाजियाबाद, शाहदरा, कृष्णा नगर, मयूर विहार, रोहिणी, ग्रेटर नॉएडा जैसे सुदूर स्थानों से भी मरीजों ने भाग लिया। लोनी से आयी 65 वर्षीय शान्ति देवी ने बताया की कैंप का बहुत ही सुखद अनुभव रहा तथा भविष्य में भी ऐसे और कैंप लगने चाहिए , वो अपने परिवार के ३ अन्य लोगों के साथ कैंप में जांच कराने आयी थी, विश्वास नगर से आये 63 वर्षीय श्री निर्मल मेहरा ने भी कैंप का लाभ उठाया और उन्होंने कहा की अब जा कर उनको अपनी बीमारी की सही पहचान हो सकी और इसके लिए उन्होंने डॉक्टरो का धन्यवाद किया । एक महिला मरीज का लंग फंक्शन टेस्ट करने पर लंग्स की क्रियाशीलता काम पायी गयी तथा जांच करने पर पता चला की उन्हें कबूतरों की वजह से लंग एलर्जी हो गयी थी 
कैंप की सबसे प्रमुख विशेषताओं में कार्बन मोनोऑक्साइड टेस्टिंग रही ऐसे लोग जो बीड़ी सिगरेट नहीं पीते उनके फेफड़ों की जांच हेतु निशुल्क कार्बन मोनोऑक्साइड टेस्टिंग की गई और 30 से 40% लोगों में यह पाया गया कि यद्यपि वे बीड़ी सिगरेट नहीं पीते तभी उनके फेफड़ों पर बीड़ी सिगरेट पीने वाले लोगों जैसे ही प्रभाव पड़ रहे हैं जिससे उनको भविष्य में फेफड़ों की बीमारी होने का खतरा बढ़ गया है और उन्हें अपने फेफड़ों को स्वस्थ रखने के उपाय भी बताए गए

कैंप में आए ढाई सौ से भी ज्यादा मरीजों मे से लगभग 75 लोगों के फेफड़ों की जांच कंप्यूटर द्वारा की गई जिसमें लगभग 40% लोगों के फेफड़े बीमारी से ग्रसित पाए गए कई बुजुर्ग जो हृदय रोग से पीड़ित थे जब उनके फेफड़ों की जांच की गई तो उन्हें पहली बार पता चला कि उन्हें फेफड़ों की बीमारी भी है तथा ऐसे ही कुछ मरीज जो फेफड़ों की बीमारी से ग्रसित थे जब उनका ईसीजी किया गया तो यह पाया गया कि उनको हृदय की बीमारी भी है ।।।ऐसे में इस प्रकार के स्वास्थ्य जांच कैंप की अहमियत और भी ज्यादा बढ़ जाती है

कैंप की विशेषता यह रही की इस कैंप में नेशनल इंटेग्रेटेड मेडिकल एसोसिएशन के डॉक्टरों का भी मुफ्त फेफड़ा परीक्षण किया गया और कम्प्युटर द्वारा फेफड़ों की जांच की गयी  साथ ही उन्हें मरीजों को फेफड़ों की बीमारियों के निदान एवं उपचार की  नई तकनीकी के बारे में प्रशिक्षण दिया गया  
डॉ के के पांडेय ने बताया  कि गैलेक्सी हॉस्पिटल में दिल्ली के बड़े बड़े डॉक्टर कार्यरत हैं जो गोल्ड मेडलिस्ट भी हैं और उन्हें बड़े हॉस्पिटलों में कार्य का अनुभव भी है, गैलेक्सी हॉस्पिटल में यह डॉक्टर बहुत ही किफायती दरों पर अपनी उत्कृष्ट चिकित्सा सेवाएं प्रदान कर रहे हैं, साथ ही  फेफड़ों के कैंसर की जांच की सुविधा भी अब उपलब्ध करा दी गयी है। जटिल एवं असाध्य रोगों के लिए दवाइयों के अलावा पुनर्वास (रिहैबिलटेशन) प्रोग्राम के तहत प्रशिक्षित फ़िज़ियोथेरेपिस्ट की देख रेख में फेफड़ों को पुनर्जीवन देने हेतु गैलेक्सी हॉस्पिटल  में रिहैबिलिटेशन विभाग की भी स्थापना की गयी है । 
डॉ पांडेय ने इस बात पर जोर देते हुए कहा कि गैलेक्सी हॉस्पिटल का उद्देश्य किसी भी जरूरतमंद को स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित न रहना पड़े है और इस हेतु वह पूरी तरह से लोगों की मदद के लिए आगे आते हैं 
इस अवसर पर हॉस्पिटल के मैनेजमेंट एवं डॉक्टरों द्वारा फेफड़ों को स्वस्थ रखने के लिए एक न्यूज़ लेटर का भी उद्घाटन किया गया जिसमे गैलेक्सी हॉस्पिटल के डायरेक्टर डॉ अनिल वर्मा, डॉ पारस गंगवाल विशेष रूप से मौजूद थेI

delhincrnews.in reporter

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