जिला में तंबाकू व धूम्रपान को नियंत्रित करने संबंधित सिगरेट एवं अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम (सीओपीटीए ) 2003 के सख्ती से पालना करने को लेकर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। इस कार्यशाला की अध्यक्षता अतिरिक्त उपायुक्त मोहम्मद इमरान रजा ने की। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य अधिकारियों को कोटपा एक्ट के तहत कानूनी प्रावधानों के बारे में अवगत करवाना था। कार्यशाला में उपस्थित अधिकारियों व कर्मचारियों को संबोधित करते हुए अतिरिक्त उपायुक्त ने कहा कि वे अपने कार्यालय में सीओपीटी अधिनियम-2003 की पालना सुनिश्चित करने के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त करें। उन्होंने कहा कि यदि विभागीय कार्यालयों में कोई भी व्यक्ति तंबाकू व धूम्रपान करता है तो नियमानुसार उसका चालान करें। 

उन्होंने हरियाणा राज्य परिवहन निगम के पदाधिकारियों को विशेष रूप से कहा कि वे बस-स्टैंड आदि पर नो स्माॅकिंग के साइनेज आदि लगवाना सुनिश्चित करें और यदि फिर भी कोई व्यक्ति सार्वजनिक स्थान पर धूम्रपान करता हुआ मिले तो उसका चालान करें। उन्होंने कहा कि पब्लिक डीलिंग वाले विभागों में ‘नो स्माॅकिंग‘ के साइनेज लगवाए जाएं ताकि आम जनता में तंबाकू व धूम्रपान के निषेध को लेकर जागरूकता बढ़े। अतिरिक्त उपायुक्त ने जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी प्रेमलता यादव से कहा कि वे स्कूलों में बच्चों को तंबाकू व धूम्रपान के दुष्प्रभावों को लेकर जागरूकता कार्यक्रम करवाएं। आम जनता को इस मुहिम से जोड़ने के लिए अप्रैल के पहले सप्ताह में विशेष अभियान चलाया जाएगा ताकि आम जनता को तंबाकू व धूम्रपान के दुष्प्रभाव बताए जा सकें। इस दौरान सीओपीटी एक्ट-2003 का उल्लंघन करने वाले व्यक्ति के चालान भी किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि तंबाकू विक्रेताओं के लिए भी जल्द ही एक कार्यशाला आयोजित की जाएगी जिसमें उन्हें सीओपीटी एक्ट 2003 के बारे में विस्तार से बताया जाएगा। इस कार्यशाला में जनरेशन सैवियर एसोसिएशन नामक स्वयंसेवी संस्था के डिवीजन कोर्डिनेटर रमन शर्मा ने सीओपीटी अधिनियम के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कोटपा एक्ट की धारा-5 के तहत तंबाकू उत्पादों के किसी भी तरह के प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष तरीके से विज्ञापन करना कानूनी अपराध है और ऐसा करने पर दो साल तक की सजा हो सकती है ।  उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा लूज सिगरेट बेचने पर प्रतिबंध लगाया गया है । इस अवसर पर अलग-अलग विभागों के अधिकारियों को तंबाकू कंट्रोल संबंधी अन्य कानूनों के बारे में बताया गया, जैसे मोटर व्हीकल एक्ट के तहत ड्राईविंग करते समय धूम्रपान करने पर चालान किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि जुवेनाईल जस्टिस एक्ट में किए गए संशोधन के तहत किसी भी नाबालिग को तंबाकू उत्पाद बेचने पर सात साल की सजा व एक लाख रूपऐ तक का जुर्माना हो सकता है तथा गांव का सरपंच भी कोटपा एक्ट के तहत किसी भी शिक्षण संस्थान के 100 गज के दायरे की भीतर तंबाकू उत्पाद बेचने वाले दुकानदार को जुर्माना कर सकता है ।सिविल सर्जन डा. बी के राजौरा ने बताया कि तम्बाकु के सेवन से विश्व में  हर साल 70 लाख से अधिक लोगों की मृत्यु होती है और देश में लगभग 10 से 12 लाख लोग प्रति वर्ष तंबाकू जनित बिमारियों के शिकार होते है। सिविल सर्जन डा. बी के राजौरा ने कहा कि गुरुग्राम में जहां कहीं भी सीओपीटी अधिनियम का उल्घ्ंाघन पाया जायेगा वहां पर सख्त कार्यवाही की जाएगी। बिना संवैधानिक चेतावनी के यदि सिगरेट या अन्य तम्बाकु उत्पाद बेचते पाए जाने पर भी विक्रेता के खिलाफ कानूनी कार्यवाही की जाएगी।

उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति तंबाकू सेवन छोड़ना चाहता है तो वह टोल फ्री नंबर- 1800112356 पर भी संपर्क कर सकते हैं। राष्ट्रीय तंबाकू कंट्रोल कार्यक्रम की नोडल अधिकारी डॉ सुनीता राठी ने कहा कि तबाकूं कंट्रोल कार्यक्रम की कामयाबी के लिए यह जरूरी है कि सभी विभाग आपसी सहयोग व बेहतर तालमेल से काम करें। उन्होंने कहा कि तंबाकू कंट्रोल कार्यक्रम को लागू करना सिर्फ स्वास्थ्य विभाग की ही जिम्मेदारी नही है इसके लिए सभी विभागों के सहयोग की अवश्यकता है। तभी हम हरियाणा और भारत को तंबाकू मुक्त बना सकते हैं। बैठक में सिविज सर्जन डा. बी के राजौरा, नगर निगम के सिविल सर्जन डा. ब्रहमदीप संधु, जिला शिक्षा अधिकारी प्रेमलता यादव, राष्ट्रीय तंबाकू कंट्रोल कार्यक्रम की नोडल अधिकारी डॉ सुनीता राठी, जिला ड्रग कंट्रोलर अमनदीप चैहान, सोनिया हंस, डा. मनींदर सिहं, फार्मासिस्ट अनिल कुमार सहित कई विभागांे के अधिकारीगण उपस्थित थे।

delhincrnews.in reporter

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