यशोदा सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, कौशांबी, गाजियाबाद  के एम डी डॉ पी एन अरोड़ा ने होली के शुभ अवसर पर गाज़ियाबाद, उत्तर प्रदेश एवं देश की जनता, आपके सम्मानित समाचार पत्र के पाठकों को होली की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा कि होली भारत का एक प्रमुख त्यौहार है जिसे हर धर्म में मनाया जाता है। अपनी इस सांस्कृतिक विरासत एवं त्योहार को सब लोग एक साथ मिलकर खूब धूम-धाम से इस त्यौहार को अपने परिवार व दोस्तों के साथ मनाएं । उन्होंने कहा कि इस दिन सभी एक दूसरे के साथ अपने गिले-शिकवे भुला, कुटिल भावनाएं एवं द्वेष मिटा कर, गुलाल लगाकर, गले मिलकर मिठाई खिलाये व त्यौहार की शुभकामनाएं दे। उन्होंने कहा कि 2019 की होली आत्मीयता एवं प्यार की होली बनाएं। होली के पौराणिक महत्त्व के बारे में बताते हुए डॉ अरोड़ा ने कहा कि भगवान विष्णु ने नृसिंह रूप लेकर प्रहलाद की रक्षा के लिए होलिका बुआ (प्रहलाद की बुआ) को होली की आग में भस्मीभूत कर दिया और प्रहलाद के प्राणों की रक्षा की थी इसलिए होली मनाई जाती है।।।।

उन्होंने बताया कि उन्हें देश में ही नहीं दुनिया के किसी भी कोने में बसे सारे हिन्दुस्तानी  भाई और बहनों से होली पर्व को हर्षोल्लास से मनाने के लिए शुभकामनायें मिल रही हैं। इस पर्व पर हर किसी के मन में एक उमंग है, एक खुशी है, उल्लास है।होली के विभिन्न रंग हमें जीवन का ये ही संदेश देते हैं कि हमारा जीवन इसी तरह के रंगों की तरह है, क्योंकि जीवन में कभी प्रेम आता है, तो कभी उदासी। कभी आगे बढ़ने की क्षमता प्राप्त होती है, तो कभी आसमान को छू लेने की आकांक्षा। कभी दु:खों के बादल छाते हैं, तो कभी खुशियों से जीवन झूमता है यानी कि जीवन की गति में समानता नहीं होती। कभी सुख, कभी दुःख, कभी विरह, कभी मिलन, कभी इंसानी जीवन आगे, तो कभी जीवन हमें बहुत पीछे धकेल देता है। ये रंग हमें ये ही समझाते हैं। 

डॉ अरोड़ा ने आजकल होली खेलने के गलत तरीके पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि कोई ग्रीस से होली खेलता है, तो कोई कालिख से। यह ठीक नहीं है दोस्तों। आपके रंगों से या किसी तरह की अनुपयोगी चीजों से आप होली खेलोगे तो इससे किसी का नुकसान हो जाएगा। कोई आहत न हो, किसी को दुःख न हो, इस तरह से खेलें होली तब ही होली का मजा है। डॉ अरोड़ा ने लोगो से प्राकृतिक एवं हर्बल रंगों से होली खेलने का आग्रह किया, साथ ही उन्होंने सूखी होली खेलने पर जोर देते हुए कहा कि जल ही जीवन है और आइये प्राण लें कि हम सूखे रंगों से होली खेल कर अपनी आने वाले पीढ़ी के लिए जल संचय करेंगे।

होली त्योहार है उत्साह और उमंग का, पर्यावरण को दूषित करने का नहीं। मनाइए इस बार होली फ्रेंडली और हेल्दी तरीके से।।।।।

रंगों के होते कई नाम,कोई कहे पीला कोई कहे लाल, हम तो जाने बस खुशियों की होली, राग द्वेष मिटाओ और मनाओ होली

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