गुरूग्राम के उपायुक्त अमित खत्री ने आगामी लोकसभा चुनावों के मद्देनजर सभी राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की, जिसमें उन्होंने सभी दलों से अपने बूथ लेवल एजेंट नियुक्त करने का आग्रह किया। यह बैठक उनके कार्यालय में आयोजित की गई थी।  इस बैठक में खत्री ने सभी राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों को लोकसभा चुनावों के लिए लागू की गई आदर्श आचार संहिता के बारे में जानकारी दी और बताया कि सभी दल प्रत्येक मतदान केन्द्र पर अपना बूथ लेवल एजेंट अवश्य नियुक्त करें, जो बूथ लेवल आॅफिसर(बीएलओ) के साथ मिलकर मतदाता सूची को त्रुटिरहित बनाने में योगदान देंगे। उन्होंने कहा कि राजनैतिक दलों से बार -बार बीएलए नियुक्त करने का आग्रह किया गया है लेकिन अभी तक किसी भी दल ने बीएलए नियुक्त नही किए हैं।

उन्होंने इन प्रतिनिधियों को यह भी बताया कि 12 अप्रैल सांय 3 बजे तक नए वोट बनवाने के आवेदन दिए जा सकते हैं, उसके बाद कोई भी आवेदन स्वीकार्य नही होगा। इसके अलावा, वैबसाईट एनएसवीपी डाॅट काॅम पर जाकर भी वोट बनवाने का आवेदन आॅनलाइन किया जा सकता है।  उन्होंने वोटर हैल्पलाइन नंबर-1950 के बारे में सभी प्रतिनिधियों को जानकारी देते हुए बताया कि इस नंबर पर डायल करके अपने बूथ , बीएलओ तथा चुनाव संबंधी अन्य जानकारियां प्राप्त की जा सकती हैं।

गुरूग्राम में 8 लाइनों पर आॅप्रेटर इस सुविधा पर लगे हुए हैं। खत्री ने यह भी बताया कि इलैक्ट्राॅनिक वोटिंग  मशीन तथा वीवीपैट पर यदि वे किसी को प्रशिक्षण दिलवाना चाहें तो जिला चुनाव कार्यालय में दिलवा सकते हैं। इनकी एक युनिट चुनाव कार्यालय मे प्रशिक्षण के लिए रखी गई है। उन्होंने बताया कि वोट डालने के बाद वीवीपैट में वोटर को पर्ची दिखाई देगी जिस पर उसी उम्मीदवार का नाम और चिन्ह प्रदर्शित होगा जिसे उसने वोट किया है। यह पर्ची 7 सेकंड प्रदर्शित रहेगी और उसके बाद वीवीपैट के ड्राॅप बाॅक्स में चली जाएगी। किसी भी बूथ पर शंका होने पर ईवीएम में वोटो की गिनती के साथ वीवीपैट के ड्राॅप बाॅक्स की स्लिप की भी गिनती की जा सकती है। यह व्यवस्था चुनाव को पारदर्शी बनाने में मददगार होगी।  उन्होंने प्रतिनिधियों को चुनाव में उम्मीदवारों द्वारा वाहनो के प्रयोग के बारे में जानकारी दी और कहा कि एक उम्मीदवार कितने ही वाहन चुनाव प्रचार में प्रयोग कर सकता है परंतु उन सबका खर्च उसके चुनावी खर्च में जुड़ेगा। उन्होंने बताया कि प्रचार के लिए लगाए जाने वाले वाहन का परमिट लेना अनिवार्य है और वह परमिट उस वाहन के सामने वाले शीशे पर लगा होना चाहिए।

खत्री ने बताया कि उम्मीदवार के काफिले में 10 से ज्यादा वाहन एक कतार में नही चलाए जा सकते। ज्यादा वाहन हो तो 10 वाहनो के बाद गैप होना चाहिए।  उपायुक्त ने बताया कि चुनाव के समय हर उम्मीदवार के लिए जरूरी है कि वह अपना चुनावी खर्च रजिस्टर में दर्ज करे जिसका अवलोकन चुनाव आयोग के आॅब्र्जवर द्वारा किया जाएगा। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन भी शैडो रजिस्टर में प्रत्येक उम्मीदवार का चुनावी खर्च नोट करेगा तथा उम्मीदवार व प्रशासन के रजिस्टरों का मिलान किया जाएगा। उन्होंने सीविजिल एप के बारे में भी प्रतिनिधियो को जानकारी दी और बताया कि इस एप के माध्यम से आम जनता में से कोई भी व्यक्ति चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन की फोटो अथवा वीडियों चुनाव आयोग को भेज सकता है। इस लिहाज से इस बार चुनाव में टैक्नोलाॅजी से सभी उम्मीदवारों के प्रचार पर नजर रखी जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि सोशल मीडिया तथा इलैक्ट्राॅनिक मीडिया में उम्मीदवार द्वारा दिए जाने वाले विज्ञापन मीडिया सर्टिफिकेशन एवं माॅनीटरिंग कमेटी को पहले दिखाने अनिवार्य हैं। वहां से स्वीकृति मिलने के बाद ही सोशल मीडिया में विज्ञापन दिए जा सकते हैं। आज की इस बैठक में जननायक जनता पार्टी के दलबीर सिंह धनखड़, इंडियन नेशनल लोकदल के बेगराज, बहुजन समाज पार्टी के महेन्द्र सिंह लेखरा व महेन्द्र सेन तथा सीपीआईएम से एस एल प्रजापति ने भाग लिया। चुनाव तहसीलदार संतलाल तथा चुनाव कानूनगो भी बैठक में उपस्थित थे। 

Sandeep Siddhartha, Senior Reporter

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here