हरियाणा के मुख्य सचिव डीएस ढेसी ने गुरुग्राम में बादशाहपुर नाला में विभिन्न स्रोतों से आ रहे पानी की मात्रा और उसकी क्वालिटी को चेक करने के लिए संयुक्त इंस्पेक्शन कमेटी गठित करने के आदेश दिए। यह कमेटी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के रीजनल ऑफिसर शक्ति सिंह की अध्यक्षता में बनाई गई है, जिसमें जीएमडीए तथा नगर निगम के अधिकारी भी सदस्य के तौर पर शामिल होंगे। यह कमेटी 15 दिन में मुख्य सचिव को अपनी रिपोर्ट भेजेगी।

डीएस ढेसी गुरूग्राम से निकलने वाले बादशाहपुर नाला से संबंधित एनजीटी में विचाराधीन मामले को लेकर स्थानीय अधिकारियों से बैठक करने आए थे। यह नाला गांव घाटा से शुरू होता है और सोहना रोड, वाटिका चौक होते हुए एनएच 48, खांडसा गांव, पटौदी रोड, गाडोली गांव के रास्ते धनकोट गांव होते हुए नजफगढ़ ड्रेन में जाता है। पहले  बरसात का पानी प्राकृतिक बहाव से बहकर इस नाले के माध्यम से  नजफगढ़ ड्रेन में गिरता था, जहां से यह यमुना नदी में चला जाता था। एनजीटी का कहना है कि बादशाहपुर नाले के माध्यम से नजफगढ़ ड्रेन में  केवल ट्रीटेड पानी ही डाला जाए, सीवरेज तथा इंडस्ट्रियल एफ्लूएंट्स युक्त गंदा पानी नजफगढ़ ड्रेन में ना डाला जाए। यह बैठक गुरुग्राम के पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में आयोजित की गई, जिसमें एनजीटी के 2 सदस्य भी शामिल थे।

बैठक की अध्यक्षता करते हुए  मुख्य सचिव ने  बादशाहपुर नाले के राष्ट्रीय राजमार्ग से लेकर खांडसा गांव तक के 600 मीटर भाग के निर्माण की मॉनिटरिंग करने की जिम्मेदारी मंडलायुक्त मोहम्मद साइन को सौंपी है। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के अधिकारियों ने मुख्य सचिव को  भरोसा दिलाया है कि इस 600 मीटर भाग का निर्माण 30 अप्रैल तक पूरा कर लिया जाएगा। इससे आगे नाला के निर्माण में कोई दिक्कत नहीं है। मुख्य सचिव ने कहा कि बादशाहपुर नाला में जिन उद्योगों का वेस्ट पानी डाला जा रहा है, उनमें हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी गुरुग्राम साउथ के रीजनल ऑफिसर शक्ति सिंह की देखरेख में इंस्पेक्शन कमेटी यह चेक करेगी कि प्रत्येक इंडस्ट्री में एफ्लूएंट ट्रीटमेंट प्लांट लगा है अथवा नहीं। यदि लगा हुआ है तो उनका ट्रीटेड पानी कहां जा रहा है। इसके अलावा, यह भी आदेश दिए गए कि  प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों ने 1 जनवरी 2018 से लेकर आज तक प्रदूषित पानी  बादशाहपुर नाला में डालने के बारे में नगर निगम तथा जीएमडीए को जितने भी पत्र लिखे हैं, उनकी एक  रिपोर्ट तैयार करके  दोबारा से  नगर निगम तथा जीएमडीए को  भेजेंगे ताकि उन पर कार्रवाई हो सके ।

प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के रीजनल ऑफिसर शक्ति सिंह ने बताया कि उन्होंने पिछले दिनों 56 इंडस्ट्रियल यूनिट्स की चेकिंग करवाई थी, जिनमें से 9 यूनिटों में नियमों का उल्लंघन पाया गया था। उनमें से दो को सील भी किया गया, जो आज भी बंद है। उन्होंने बताया कि एफ्लूएंट ट्रीटमेंट प्लांट से शोधित होने वाले पानी को हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण की सीवरेज लाइन में डाला जाता है, जहां से यह दोबारा से धनकोट में लगे सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट में ट्रीट किया जाता है, उसके बाद ही यह पानी नजफगढ़ ड्रेन में जाता है। फिर भी मुख्य सचिव ने इंस्पेक्शन कमेटी गठित करके दोबारा से प्रत्येक इकाई को चेक करके 15 दिन में रिपोर्ट भेजने के आदेश जारी किए हैं।मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव तथा गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी वी उमाशंकर ने बताया कि नगर निगम द्वारा अपने अलग-अलग क्षेत्रों में 350 छोटे-छोटे एसटीपी लगाने की योजना बना रखी है, ताकि वहां से निकलने वाले पानी को ट्रीट करके री-साइकिल्ड पानी का उसी क्षेत्र में बागवानी, पार्क में पानी देने, टॉयलेट की फ्लश आदि में उपयोग किया जा सके। उन्होंने बताया कि जीरो डिस्चार्ज का कांसेप्ट नए सेक्टरों में लागू किया जा रहा है, जहाँ पर बिल्डर के लाइसेंस में ही डुएल पाइपिंग सिस्टम लगाना अनिवार्य किया हुआ है ।बैठक में सॉलि़ड वेस्ट मैनेजमेंट पर भी चर्चा की गई। मुख्य सचिव ने कहा गुरुग्राम जिला में प्रशासन 3 ग्राम  पंचायतों का चयन करके उन्हें  सॉलि़ड वेस्ट मैनेजमेंट में मॉडल विलेज बनाएं।मुख्य सचिव ने गुरूग्राम में सोहना रोड पर वाटिका चौक से एनएच- 48 तक के भाग में  सड़क तथा सर्विस लेन में वाहनों की पार्किंग पर प्रतिबंध लगाने के गुरुग्राम पुलिस को आदेश दिए और कहा कि साथ लगती रिहायशी सोसायटियो तथा शॉपिंग मॉल में उपलब्ध अधिकृत पार्किंग का भरपूर उपयोग करवाएं।इस बैठक में जीएमडीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी वी उमाशंकर, गुरुग्राम मंडल के आयुक्त मोहम्मद शाईन, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के प्रशासक डॉ चंद्रशेखर खरे, उपायुक्त अमित खत्री, नगर निगम आयुक्त यशपाल यादव, गुरूग्राम उत्तरी के एसडीएम जितेंद्र कुमार, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के अधीक्षण अभियंता भूप सिंह, कार्यकारी अभियंता मेजर स्वेता, नगर निगम के एडीशनल म्युनिसिपल कमिश्नर वाई एस गुप्ता, एनजीटी के सदस्य वाई के गर्ग, हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के रीजनल ऑफिसर कुलदीप सिंह व शक्ति सिंह, कंसलटेंट एसपीएस राणा, सिंचाई विभाग के अधीक्षण अभियंता शिव सिंह रावत सहित कई अधिकारीगण उपस्थित थे ।

delhincrnews.in reporter

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