गुरूग्राम: महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए चुनावों के दौरान पिंक बूथ बनाने की ऐतिहासिक पहल

पिंक बूथ के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि इस बूथ पर महिला व पुरूष दोनो मतदान कर सकेंगे, केवल बूथ पर पूरा स्टाॅफ जैसे- प्रैजाइडिंग आॅफिसर, सहायक कर्मचारी तथा पुलिस बल सभी महिलाएं होंगी

महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए आगामी लोकसभा चुनावों के दौरान पिंक बूथ बनाने की ऐतिहासिक पहल की जा रही है। इन बूथों पर विशेष तौर पर महिला अधिकारियों व कर्मचारियों की नियुक्ति की जाएगी।  यह जानकारी आज गुरूग्राम के उपायुक्त एवं जिला निर्वाचन अधिकारी अमित खत्री ने पत्रकारवार्ता के दौरान दी। पिंक बूथ के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि इस बूथ पर महिला व पुरूष दोनो मतदान कर सकेंगे, केवल बूथ पर पूरा स्टाॅफ जैसे- प्रैजाइडिंग आॅफिसर, सहायक कर्मचारी तथा पुलिस बल सभी महिलाएं होंगी। यह पहल महिला सशक्तिकरण के अंतर्गत की गई है ताकि महिलाओं मे आत्मविश्वास पैदा हो तथा आम जनता में भी यह संदेश जाए कि महिलाएं इस कार्य को बखूबी संभाल सकती हैं। उन्होंने बताया कि जिला के 1,113 बूथों पर स्पोर्टिंग स्टाफ सहित पुलिस बल के अधिकारियों व कर्मचारियों को मिलाकर लगभग 15,000 का स्टाॅफ चुनाव ड्यूटी पर तैनात किया जाएगा। उन्होंने बताया कि जिला में 532 लोकेशन पर 1,113 बूथ बनाए गए है।

गुड़गांव लोकसभा क्षेत्र में 20 लाख से अधिक मतदाता है जिनमें से गुरूग्राम जिला में मतदाताओं की संख्या लगभग 10 लाख 80 हजार है। चुनाव आयोग द्वारा शैड्यूल जारी किया जा चुका है जिसके साथ ही आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है। उन्होंने बताया कि लोकसभा चुनावों को शान्तिपूर्ण ढंग से संपन्न करवाने के लिए गठित टीमों का जल्द ही ट्रैनिंग कैलेण्डर बनाया जाएगा। आगामी 20 मार्च को चुनावी खर्चें की निगरानी के लिए गठित टीम तथा आदर्श आचार संहिता की पालना तथा सर्वेलांस टीम की पहली ट्रैनिंग करवाई जाएगी। खत्री ने कहा कि पोलिंग पार्टियों का रेंडमाइजेेशन किया जाएगा।

दिव्यांगो के लिए प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में अलग से एक बूथ बनाया जाएगा। इस बूथ पर दिव्यांगो की सुविधा के लिए व्हील चेयर की सुविधा रहेगी। इसके अलावा, यदि कोई बुजुर्ग अथवा दिव्यांग मतदान केन्द्र तक आने में असमर्थ है तो ऐसे लोगों को पिक अप एंड ड्राॅप की सुविधा भी जिला प्रशासन द्वारा उपलब्ध करवाई जाएगी, लेकिन बेहतर होगा कि ऐसे लोगों की सूचना प्रशासन को पहले मिले। लोकतंत्र में लोगों का विश्वास बढ़ानें व लोकसभा चुनावों को निष्पक्ष व शान्तिपूर्ण ढंग से संपन्न करवाने के लिए पोलिंग बूथों पर वैबकास्टिंग करवाई जाएगी। इसके अलावा, लोेग चुनाव संबंधी जानकारी के लिए हैल्पलाइन नंबर-1950 पर भी संपर्क कर सकते हैं। इस हैल्पलाइन नंबर की शुरूआत 25 जनवरी 2019 से की गई थी जिस पर अब तक 25 हजार फोन काॅल रिसीव हो चुकी हैं। इसके अलावा वोटर कार्ड बनवाने या चुनाव संबंधी जानकारी के लिए वैबसाईट पर भी संपर्क किया जा सकता है। 

उपायुक्त ने बताया कि लोकतांत्रिक प्रणाली में लोगों का विश्वास बनाए रखने के लिए चुनाव में वीवीपैट मशीनों का इस्तेमाल किया जा रहा है। वोट डालने के बाद इस यूनिट में 7 सैकेंड तक वोट की स्लीप मतदाता को दिखाई देती है, उसके बाद वह स्लीप ड्राॅप बाॅक्स में चली जाती है। उन्होंने चुनाव में प्रयोग होने वाली कंट्रोल युनिट तथा बैलेट यूनिट के बारे मे भी विस्तार से जानकारी दी।  उन्होंने बताया कि इस बार लोकसभा चुनाव में मतगणना केन्द्र राजकीय महिला महाविद्यालय सैक्टर-14 रहेगा। पहले मतगणना गुरूग्राम के द्रोणाचार्य राजकीय महाविद्यालय में हुआ करती थी। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक प्रणाली को सुदृढ़ बनाने के लिए मतदान अत्यंत महत्वपूर्ण है। हमे मतदान को लोकतांत्रिक त्यौहार के रूप में मनाना चाहिए और बढ़चढ़कर इसमें भाग लेना चाहिए।    एक सवाल के जवाब में उपायुक्त ने बताया कि मतदान के दिन पोलिंग बूथ पर बीएलओ द्वारा वोट चैक किया जाता है। इसके अलावा, यदि मतदान केन्द्र पर किसी बूथ लेवल एजेंट को फर्जी वोट का अंदेशा होता है तो वह आॅब्जेक्शन उठा सकता है। उन्होंने कहा कि जिस मतदाता ने अभी तक अपना वोट नही बनवाया है वह अपनी वोट अभी भी 12 अप्रैल तक बनवा सकते है। उन्होंने कहा कि मतदाताओं को वोट डालने के लिए प्रेरित करने को स्वीप एक्टिविटी चलाई जा रही है। इसके तहत सिनेमाघरों व पीवीआर में भी वीडियो क्लिपिंग चलाई जा रही हैं।