स्टूडेन्ट पुलिस कैडेट कार्यक्रम हरियाणा के सभी स्कूलों में लागू करने को लेकर आज पुलिस महानिरीक्षक, यातायात एवं राजमार्ग डॉ. राजश्री सिंह ने हरियाणा के सभी जिलों के नोडल अधिकारियांे उप पुलिस अधीक्षकांे की बैठक ली। यह बैठक गुरूग्राम के सैक्टर 51 स्थित डा. राजश्री सिंह के कार्यालय में आयोजित की गई थी।
इस बैठक में डा. राजश्री सिंह ने कहा पुलिस इस अभियान के तहत विद्याथियों में विश्वास और भरोसा पैदा करेगी। जब हम छात्र-छात्राओं तथा युवाओं से बात करेंगे और उन्हें पुलिस की कार्यप्रणाली के बारे में बताएंगे तो समाज में अपराध कम होंगे और विद्यार्थियों में राष्ट्रीय सुरक्षा की भावना जागृत होगी। उन्हांेने कहा कि जिन विद्यालयों में स्टुडेंट पुलिस कैडेट कार्यक्रम संचालित होगा, वहां नियमित रूप से विद्यार्थियों के लिए परेड का आयोजन किया जाएगा और समाजिक सुरक्षा में युवाओं की भूमिका जैसे विषय पर संवाद आयोजित किए जाएंगे।

डा. राजश्री सिंह ने कहा जिन जिलांे में राहगिरी कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है, उन मंचों पर भी स्टुडंेट पुलिस कैडेट कार्यक्रम के बारे में बताया जा रहा है। स्टुडंेट पुलिस कैडेट कार्यक्रम के विद्यार्थी यातायात प्रबन्धन, मेला डयूटी जैसी गतिविधियों में भी पुलिस का सहयोग करेंगे।
उन्होने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा प्रायोजित यह अभियान 8 वीं और 9 वीं कक्षाओं के विद्यार्थियों पर केंद्रित है। इसे पहले शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी स्कूलों में लागू किया जाएगा और बाद में निजी स्कूलों में इसका विस्तार होगा। यह सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक
जिला में उप पुलिस अधीक्षक रैंक के अधिकारियों को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया हैं ।

डा. राजश्री सिंह ने बताया कि मुख्य रूप से एसपीसी कार्यक्रम चार विषयों पर केंद्रित रहेगा। इनमें ‘अपराध की रोकथाम और नियंत्रण‘, ‘मूल्य और नैतिकता‘, ‘हैंडबुक‘ तथा ‘ कार्यान्वयन‘ शामिल हैं। अपराध की रोकथाम और नियंत्रण के अंतर्गत कवर किए गए विषयों में सड़क सुरक्षा, सामाजिक बुराइयों के खिलाफ लडाई, सामुदायिक पुलिसिंग, महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा, भ्रष्टाचार की रोकथाम एवं आपदा प्रबंधन के समय बचाव के लिए त्वरित कार्यवाही जैसी गतिविधियां शामिल हैं । मूल्य और नैतिकता विषय के तहत कवर किए गए विषयों में मूल्यों और नैतिकता, सहानुभूति और सहिष्णुता, धैर्य, व्यवहार, बुजुर्गो का सम्मान, टीम भावना और अनुशासन शामिल हैं।

इसी प्रकार, राष्ट्रीय अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) के समर्थन के साथ पुलिस अनुसंधान और विकास ब्यूरों (बीपीआर और डी) ने निर्देश देने के लिए पुस्तिका तैयार की है। कार्यान्वयन पहलु को प्रधान सचिव, गृह विभाग, प्रमुख सचिव, शिक्षा और पुलिस महानिदेशक (डी.जी.पी) के सदस्यों के रूप में राज्य स्तरीय समिति द्वारा संचालित किया जाएगा । इसके अलावा, जिला स्तर पर भी इसी तरह की समिति का गठन किया जाएगा, जिसका नेतृत्व जिला मजिट्रेट करेंगे और इसके अन्य सदस्यों में जिला निरीक्षक और पुलिस अधीक्षक (एस.पी.) होंगे।
इस अवसर पर सोनीपत से  उप पुलिस अधीक्षक सन्दीप कुमार, हाँसी से उप पुलिस अधीक्षक रोहताश सिहँ, नारनौल से उप पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार, फरीदाबाद से उप पुलिस अधीक्षक रविन्द्र तोमर, नूहँ से  उप पुलिस अधीक्षक इन्द्रजीत, पानीपत से उप पुलिस अधीक्षक जयप्रकाश, यमुनानगर से उप पुलिस अधीक्षक देशराज, सिरसा से निरीक्षक जय भगवान, करनाल से उप पुलिस अधीक्षक रविन्द्र सिहँ, पंचकूला से उप पुलिस अधीक्षक विजय देशवाल, कैथल से उप पुलिस अधीक्षक कुलभूषण, जीन्द से उप पुलिस अधीक्षक रामभज, अम्बाला से उप पुलिस अधीक्षक अजीत कुमार, हिसार से निरीक्षक शमशेर, दादरी से निरीक्षक जगराम, कुरुक्षेत्र से उप पुलिस अधीक्षक तानिया, गुरुग्राम से एस.पी. उषा, झज्जर से उप पुलिस अधीक्षक भारती डबास, रोहतक से उप पुलिस अधीक्षक पृथ्वी सिहँ, फतेहाबाद से उप पुलिस अधीक्षक धर्मबीर सिहँ, रेवाडी से उप पुलिस अधीक्षक हंसराज, भिवानी से उप निरीक्षक सतीश उपस्थित थे।

Sandeep Siddhartha, Senior Reporter

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