हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर द्वारा दिए गए आदेश और गुरुग्राम नगर निगम द्वारा बजट के आबंटन के महीनों बाद भी पटेल नगर निवासी अपने घरों के ऊपर से गुजर रही हाई टेंशन तारों की समस्या से जूझ रहे हैं।

मानव आवाज संस्था के संयोजक एडवोकेट अभय जैन और पटेल नगर सुधार मंडल के अध्यक्ष चैधरी दीपचंद ने बताया कि गत 21 जुलाई को मुख्यमंत्री ने इन तारों को हटाने के आदेश दिये थे और सितम्बर 2018 में सरकारी मंजूरी के बाद इसे कार्यान्वित करने के लिए गुरुग्राम नगर निगम ने 4 करोड़ 10 लाख रुपये का चैक हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम को दे दिया, लेकिन बिजली विभाग के ढुलमुल रवैये के कारण आज 6 महीने के बाद भी यह समस्या ज्यों की त्यों बनी हुई है।

उल्लेखनीय है कि नगर निगम ने लगभग 25 वर्ष पूर्व पटेल नगर कालोनी को अधिकृत (एप्रूवड) किया था। एप्रूवड करने के बाद से ही पटेल नगर निवासी हाऊस टैक्स, पानी एवं सिवरेज टैक्स, स्ट्रीट लाईट टैक्स आदि अन्य प्रकार के नगर निगम टैक्स लगातार देते आ रहे है। सभी मकानों और प्लाॅटों की हरियाणा सरकार ने ही रजिस्ट्री की है और भारी मात्रा में स्टेम्प ड्यूटी भी चार्ज की है। इसलिए 20,000 आबादी वाली इतनी बड़ी कालोनी में सभी सुविधाएं देना और बिजली की हाई टेंशन तारों को घरों के ऊपर से हटवानें की जिम्मेदारी हरियाणा सरकार की हैं, लेकिन हाई टेंशन तारों का मामला लटक रहा है। इन तारों से हुए हादसों में अब तक कई लोगों की मौत हो चुकी है।

अभय जैन और दीपचंद ने आगे बताया कि पटेल नगर के हाई टेंशन तारों को हटाने के मामले में अधिकारी उदासीनता दिखा रहे हैं। उन्होंने अपील की है कि इसे देखते हुए मुख्यमंत्री को अधिकारियों को सख्त आदेश देने चाहिए ताकि इस लम्बे समय से चली आ रही समस्या का शीघ्र निदान हो सके और पटेल नगर निवासियों को राहत मिल सके।

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