गुरूग्राम के उपायुक्त अमित खत्री ने स्कूल सेफटी कमेटी की बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि स्कूली बच्चों की सुरक्षा जिला प्रशासन के लिए सर्वोपरि है और इसके लिए राज्य सरकार की गाईड लाईंस को अक्षरशः लागू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्राईवेट स्कूलों का सेफटी आॅडिट जारी रहेगा और इसमें मिलने वाली कमियों को सभी स्कूलों के साथ सांझा किया जाएगा ताकि सभी स्कूल यह चैक कर सकें कि उनके यहां तो वह कमी नहीं है। उपायुक्त ने कहा कि प्राईवेट स्कूलों के सेफटी आॅडिट के लिए फाॅरमेट बनाया जाएगा, जिसमें दिए गए बिंदुओं के अनुरूप ही आॅडिट कमेटी सुरक्षा मानकों का आंकलन करेगी। इस फाॅरमेट मंे सरकार द्वारा स्कूली बच्चों की

सुरक्षा के लिए सुझाए गए सभी सुरक्षा मानक शामिल किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि स्कूली बच्चों  की सुरक्षा के संबंध में गाईड लाईन्स शिक्षा विभाग की वैबसाईट पर भी उपलब्ध हैं। खत्री ने कहा कि सुरक्षा आॅडिट के लिए स्कूलों को पहले सूचित किया जाएगा। इसके लिए शिक्षा विभाग द्वारा अलग-अलग टीमे गठित करके सभी प्राईवेट स्कूलों के प्राचार्यो तथा प्रमुखों की संपर्क सूचना अपडेट की जाएगी।

आज की बैठक में बच्चों की सुरक्षा के लिए स्कूल बसों की खिड़कियों में रेलिंग लगवाने का सुझाव दिया गया जिस पर उपायुक्त ने कहा कि स्कूल बस की पासिंग के समय अतिरिक्त उपायुक्त एवं क्षेत्रीय यातायात प्राधिकरण के सचिव द्वारा यह सुनिश्चित किया जाएगा कि स्कूल बस मंे सुरक्षा के वे सभी मानक हों, जो राज्य सरकार की गाईड र्लाइंस में दिए गए हैं। इन मानकांे में कमी पाए जाने पर स्कूल बस की पासिंग नहीं होगी जिसके कारण उसका रजिस्टेªशन भी नहीं हो पाएगा। बैठक में प्राईवेट स्कूलों के एक प्रतिनिधि द्वारा प्राईवेट वैन से बच्चों को स्कूल छोड़ने का मामला भी उठाया गया जिसमें बताया गया कि ये वैन निर्धारित सीटों से ज्यादा बच्चे बैठाकर लाती हैं। इस मामले में क्षेत्रीय यातायात प्राधिकरण के सचिव के कार्यालय से सहयोग भी मांगा गया। इस पर उपायुक्त अमित खत्री ने कहा कि प्राधिकरण के सचिव एवं अतिरिक्त उपायुक्त वास्तविकता को देखने के बाद इस मामले में फैसला लेंगे और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि इन वैनों में कंपनी द्वारा सवारियों की जो संख्या निर्धारित की गई है, उतने ही बच्चे उनमें बैठाए जाएं।

खत्री ने यह भी कहा कि फस्ट ऐड के लिए प्राईवेट स्कूलों की इन्फरमरी के लिए सिविल सर्जन कार्यालय द्वारा जैनेरिक दवाइयों की सूची सभी स्कूलों को उपलब्ध करवाई जाएगी। बैठक में उपायुक्त ने सभी स्कूलों को दिव्यांग हितैषी बनाने के भी निर्देश देते हुए कहा कि सुरक्षा आॅडिट के समय टीम द्वारा यह भी चैक किया जाएगा कि वहां पर दिव्यांगों के लिए रैंप आदि बने हुए हैं अथवा नहीं। इस अवसर पर अतिरिक्त उपायुक्त मोहम्मद इमरान रजा, गुरूग्राम दक्षिणी की एसडीएम चिनार चहल, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी प्रेमलता यादव भी थी।

Sandeep Siddhartha, Senior Reporter

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