हरियाणा के कृषि, सिंचाई तथा पशु पालन विभागांे के मंत्री ओम प्रकाश धनखड़ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पीएम किसान सम्मान निधि योजना के शुभारंभ करने के पहले ही दिन 100 करोड़ रूपए सीधे हरियाणा के किसानों के खाते मंे गए हैं। उन्होंने कहा कि इस योजना से प्रदेश के लगभग 12 लाख किसानों को फायदा होगा। उनकेे बैंक खाते में हर वर्ष 6 हजार रूप्ए की राशि केंद्र सरकार द्वारा डाली जाएगी। धनखड़ गुरूग्राम के रेलवे रोड़ स्थित नेकी राम वाटिका में आयोजित जाट कल्याण सभा के वार्षिक समारोह में बोल रहे थे। उन्होंने पीएम किसान सम्मान निधि योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश के लगभग 16 लाख किसानों में से साढ़े चार लाख किसान ऐसे हैं जिनके पास एक एकड़ से भी कम कृषि भूमि है।

उन्होंने कहा कि किसानों के हित में केंद्र सरकार ने यह योजना शुरू करके किसान को सशक्त बनाने की दिशा में ऐतिहासिक पहल की है। उन्होंने कहा कि वर्तमान भाजपा सरकार ने किसानांे को लागत मूल्य से डेढ़ गुणा फसलों का समर्थन मूल्य दिया। धनखड़ ने कहा कि हमने हरियाणा में 18 लाख क्विंटल बाजरा 1950 रूप्ए प्रति क्विंटल के भाव पर खरीदा। पड़ौसी राज्य राजस्थान में यदि तत्कालीन मुख्यमंत्री वसंुधरा राजे सिंधिया बाजरा की खरीद ढंग से करवाती तो राजस्थान में पुनः भाजपा की सरकार बन जाती।  उन्होंने कहा कि दीन बंधु सर छोटूराम ने कहा था कि ‘‘एै भोले किसान बोलना ले सीख और दुश्मन को ले पहचान‘‘ लेकिन मैं अब किसान भाईयों को कहता हूं कि ‘‘ बेचना सीख ले और बाजार को पहचान ले‘‘। धनखड़ ने कहा कि पहले पशु पालकों को समाज में तरजीह दी जाती थी, उसके बाद ज्यादा जमीन के मालिक जमीनदार और फिर उद्योगपतियों का युग आया, अब बाजार में ब्रांड से चीजें बिकती हैं। जो मार्केटिंग अच्छी कर लेता है उसकी कीमत है। स्वामी रामदेव ने मार्केटिंग की तो उनकी ब्रांड वैल्यु है। उन्होंने कहा कि किसानों को भी अपने उत्पाद बेचने में जो संकोच है उसे छोड़ना होगा। यही संकोच हमारे विकास में बाधा बना हुआ है। हमंे व्यापार सीखना चाहिए। 

धनखड़ ने कहा कि हमारा खेलों और बहादूरी में कोई मुकाबला नहीं है लेकिन हमें अपने शूरवीरों को भी याद रखना चाहिए। पिछली सरकारों ने तो आजादी के वीरों को भी भुला दिया। जिसका भी राज आया उसने अपने बाप दादा की प्रतिमाएं लगवा दी, लेकिन हमने हर गांव में गौरवपट्ट लगवाया, उन पर गांव के शहीदों, अच्छे खिलाड़ियांे, स्वतंत्रता सेनानियों आदि के नाम अंकित किए गए हैं। हम अब गांव के एक भी शूरवीर को भूलने नहीं दंेगे। इसके साथ धनखड़ ने कहा कि हमें संपूर्ण समाज के बारे में सोचना चाहिए जोकि सामरिक जरूरत है।  इस मौके पर धनखड़ ने जाट कल्याण सभा को अपने ऐच्छिक कोष से 11 लाख रूप्ए देने की घोषणा की। इस कार्यक्रम में प्रदेश के श्रम एवं रोजगार राज्यमंत्री नायब सैनी को भी विशिष्ठ अतिथि के तौर पर आमंत्रित किया गया था लेकिन वे किसी कारणवश कार्यक्रम में नही पहंुच पाए और उनकी तरफ से भी धनखड़ ने 5 लाख रूप्ए की राशि सभा को देने की घोषणा की। उन्होंने कार्यक्रम में मनोरंजन करने वाली गजेंद्र फोगाट और उनकी टीम को भी 21 हजार रूपए देने की घोषणा की। कार्यक्रम में पहुंचने पर सभा की तरफ से उमेद कटारिया ने धनखड को पगड़ी पहनाकर सम्मानित किया।

धनखड़ ने भारत माता के चित्र के सामने दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।  इस अवसर पर नगर निगम की सीनियर डिप्टी मेयर प्रोमिला गजे कबलाना, जाट कल्याण सभा केे अध्यक्ष प्रीतम सिंह, महासचिव मनोज श्योराण, पूर्व प्रधान अतर सिंह संधु , आजाद सिंह नेहरा, कमल पहलवान, कपूर सिंह सहरावत, जे एस कटारिया, सैक्टर-46 जाट सभा के प्रधान धर्मवीर राठी, प्रो. श्याम सिंह, पूर्व पार्षद धर्मपाल ढिल्लों, अनूप धनखड़, शम्मी अहलावत सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। 

Sandeep Siddhartha, Senior Reporter

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