आंगनवाड़ी वर्कर्ज एंड हेल्पर्ज यूनियन हरियाणा के आह्वान पर पूरे प्रदेश के साथ ज़िला गुड़गाँव की कर्मी व सहायक अपनी मांगों को लेकर 8 फरवरी से लघु सचिवालय पर धारणा दे रही है। आज छटे दिन के धरने की अध्यक्षता ज़िला की उप प्रधान शारदा देवी ने तथा संचालन सरस्वती देवी ने किया। सैंकड़ों की संख्या में उपस्थित कर्मियों को संबोधित करते हुये सीआईटीयू के ज़िला कोषाध्यक्ष एस एल प्रजापति ने कहा की फरवरी व मार्च 2018 में प्रदेश की तमाम आंगनवाड़ी वर्कर्स व हैल्पर्स ने अपनी लंबित मांगों के लिए लंबा आन्दोलन किया था। इस आन्दोलन में वर्कर्स एवं हैल्पर्स के बारे कुछ मांगों को स्वीकार किया गया था। जिनमें से मानदेय बढ़ौतरी व वर्दी का रंग बदलने के फैसले को ही लागू किया गया। अन्य फैसले लागू ही नहीं किए गए व जो लागू किए गए वें आधे-अधूरे हैं। वर्कर्स व हैल्पर्स को भारी समस्याओं का सामना कर रहा हैं। इस बीच भी यूनियन ने कईं बार अपना मांग-पत्र महिला एवं बाल विकास विभाग व सरकार के पास भेजते रहे हैं परन्तु इस पर अब कोई गौर नहीं किया गया। इसी लिए आंगनवाड़ी कर्मियों को दोबारा आन्दोलन के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। 11 फरवरी को भी उपायुक्त के माध्यम से एक ज्ञापन राज्य के महिला एवं बाल विकास विभाग के वितायुक्त एवं प्रधान सचिव राज शेखर वुन्द्रु को भेजा गया था। जिस पर कार्यवाही करते हुये सरकार ने 12 फरवरी को यूनियन के प्रतिनिधि मण्डल को तो बुला लिया मगर मांगों पर कोई विचार नहीं किया।

अपनी मांगों व मुद्दों पर बात रखते हुये यूनियन की ज़िला सचिव सरस्वती देवी ने बताया कि वर्कर्स को कुशल व अर्ध कुशल श्रमिक की श्रेणी में शामिल किया जाए तथा उन्हें ई.एस.आई व पीएफ सहित महंगाई भता दिया जाए व इसे फरवरी 2018 से लागू किया जाए। हैलपर्स का भी पदनाम बदलकर अकुश की श्रेणी में शामिल किया जाए व अतिरिक्त मानदेय दिया जाए, सर्दियों व गर्मीयों का असल में अवकाश प्रदान किया जाए, गर्मी व सर्दियों में आंगनबाड़ी केन्द्रों के समय को भी कम किया जाए। सुपरवाईजर की पदोन्नति केवल सीनियरटी के आधार पर वर्कर्ज व हेल्पर्ज में से ही हो व तमाम तरह की अन्य शर्तें हटाई जाए।

सरस्वती देवी ने आगे बताया की आंगनवाड़ी केन्द्रों का किराया दो दो साल से नहीं मिला है, उसका तुरंत भूगतान हो। व बड़े शहरों, छोटे शहरों व गावों में क्रमश: रु. 5,000, रु. 3,000 व रु. 750 असल में लागू हो। मृत्यु होने की स्थिति में वर्कर्स व हैल्पर्स के परिवारजनों को 3 लाख रूपये एक्सग्रेशिया दिया जाए। राज्य के तमाम जिलो में पिछले करीब 2 महीने से राशन की बंद सप्लाई अविलंब जारी हो ताकि बच्चों को राशन मिल सके। प्रधानमंत्री द्वारा घोषित 1,500 व 750 रूपये का भुगतान ऐरियर समेत तुरंत किया जाए तथा 45वें श्रम सम्मेलन कि अनुशंसा के अनुसार कर्मचारी का दर्जा दिया देकर न्यूनतम वेतन 18,000 लागू हो व पैंशन सहित तमाम सामाजिक सुरक्षा लाभ प्रदान किए जाएं। उन्होने उम्मीद जताई कि सरकार अमरई मांगों को समाधान शीघ्रता से करेगी अन्यथा यूनियन को अनिश्चितकालीन हड़ताल का निर्णय लेने पर मजबूर होना पड़ेगा।

आज के धरने को शारदा, रचना, सरला, बबीता, सुशीला, सुषमा, बाला, गीता व सरोज ने भी संबोधित किया।

 

Sandeep Siddhartha, Senior Reporter

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