सन 1857 की क्रांति के  शहीद बल्लभगढ़ के राजा नाहरसिंह का बलिदान दिवस जाट समाज फरीदाबाद द्वारा सैक्टर-16 स्थित किसान भवन में मनाया गया। इस अवसर पर जाट समाज फरीदाबाद के प्रधान व पूर्व आई.ए.एस. अधिकारी जयपाल सिह सांगवान ने कहा कि देश को आजाद कराने में राजा नाहरसिंह के योगदान को नहीं भुलाया जा सकता है उन वीर शहीदों के बलिदानों से ही देश आजाद हुआ। हमें उनके आदर्शो पर चल कर समाज व देश सेवा की प्रेरणा लेनी चाहिए और अपना फर्ज निभाना चाहिए। 39 वर्ष की आयु में राजा नाहर सिंह को अंग्रेजी सरकार ने धोखे से दिल्ली बुलाकर बंदी बना लिया और कहा कि अगर वह अंग्रेजी हकूमत के आधीन आ जाएं तो उन का राज्य लौटा दिया जाएगा और कोई सजा नहीं दी जाएगी। लेकिन नाहरसिंह ने कहा कि उन को विदेशी हकूमत स्वीकार नहीं है अगर एक नाहरसिंह को फांसी लगेगी तो सैंकडों नाहरसिंह पैदा होंगे।
जाट समाज के वरिष्ठ उपाध्यक्ष आर.एस.दहिया, महासचिव एच एस मलिक ने अपने सम्बोधन में कहा कि आज की युवा पीढी के राजा नाहरसिंह प्रेरणा है और आने वाली पीढियां भी वीर शहीदों से प्रेरणा लेती रहेगी। शहीद किसी समुदाय या समाज के नहीं पूरे देश के होते हैं हमें उन बलिदानियों पर गर्व है। इस मौके पर एचएस ढिल्लो, आर.एस. दहिया, सूरजमल, एस.आर. तेवतिया, रामरतन नर्वत, रामकुमार, सुरेंद्र सिंह, दहिया, दिनेश रघुवंशी, जितेंद्र चौधरी, रमेश चौधरी, रविन्द्र फौजदार, दिनेश सिंह, डा. एस.के. मित्तल, सोमपाल सिंह, तौमर, जापान सिंह,  सहित अनेक सदस्य मौजूद थे।
Sandeep Siddhartha, Senior Reporter, delhincrnews.in 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here