हरियाणा में सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों तक समय पर पहुंचाने के लिए हर परिवार का पहचान पत्र बनाया जाएगा, जिसके लिए परिवार का डाटा एकत्रित करने का कार्य प्रगति पर है। इस कार्य की प्रगति की समीक्षा आज स्वयं हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने वीडियों काॅन्फें्रसिंग के माध्यम से सभी उपायुक्तों के साथ बैठक करके की। इस वीडियों काॅन्फें्रसिंग में मुख्यमंत्री के साथ हरियाणा के वितमंत्री कैप्टन अभिमन्यु तथा मुख्य सचिव डी एस ढेसी भी थे।
वीडियों काॅन्फें्रसिंग के माध्यम से प्रदेश के सभी उपायुक्तों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि प्रदेश में डाटाबेस तैयार किया जा रहा है ताकि सरकार की योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों को तत्काल दिया जा सके और वह लाभ लेने के लिए व्यक्ति सरकारी विभाग में संपर्क करें, उसकी बजाय विभाग की ओर से उसे संदेश भेजा जाए कि अमूक तारीख को वह व्यक्ति योजना का लाभ लेने का पात्र हो गया है। उन्होंने कहा कि हम सिस्टम की आॅटोमाईजेशन करना चाहते हैं जिससे कि पात्र व्यक्ति को पात्रता पूरी करते ही आॅटोमैटिक तरीके से संदेश पहुंच जाए। उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि जब कोई व्यक्ति 60 वर्ष की आयु प्राप्त करे तो उसके पास यह संदेश अपने आप सरकार से चला जाए कि वह वृद्धावस्था पेंशन के लिए पात्र हो गया है, क्या वह पेंशन लेना चाहता है। इसी प्रकार, जब कोई युवा 18 वर्ष की आयु प्राप्त करें तो उसके पास यह मैसेज पहुंच जाए कि आप 18 वर्ष के हो गए हैं इसलिए अपने आपको वोटर के रूप में पंजीकृत करवाने के लिए आवेदन करें। उन्होंने कहा कि यह तभी संभव हो पाएगा जब हमारे पास पूरा डाटा तैयार होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि डाटा एकत्रित करने के लिए ऐसे स्थानों को विन्डो के रूप मंे प्रयोग किया जाए जहां पर ज्यादा संख्या में लोग सर्विस अथवा सेवा प्राप्त करने के लिए जाते हैं। ऐसे स्थानों में राशन डिपो, घरेलू गैस ऐजेंसियां, अटल सेवा केंद्र तथा स्कूल मुख्य रूप से आते हैं। इन स्थानों पर परिवार की आईडी बनाने के लिए आवश्यक डाटा एकत्रित करने के लिए बनाए गए फार्म रखवाए जाएं। उन्होंने कहा कि स्कूलों में बच्चों के माध्यम से ये फार्म भरवाए जा सकते हैं। हर फार्म मे परिवार के मुखिया का नाम, सदस्यों के नाम, उनके आधार नंबर तथा मोबाईल नंबर भरे जाने हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यदि कोई व्यक्ति आधार नंबर या मोबाईल नंबर देने से इनकार करता है तो उसे नंबर देने के लिए विवश ना किया जाए।
इस बैठक में प्रदेश के प्रत्येक जिले को जनवरी माह में कम से कम एक लाख फार्म भरवाने का लक्ष्य दिया गया है। इसके बाद उन्होंने सभी उपायुक्तों से उनके जिला में अब तक हुई प्रगति के बारे में जानकारी हासिल की। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि परिवारों का डाटा तैयार होने के बाद ना केवल लोगों को सरकार की तरफ से मिलने वाली सेवाएं समय पर मिल सकेगी बल्कि भ्रष्टाचार पर भी काफी हद तक अंकुश लगेगा।
गुरूग्राम के अतिरिक्त उपायुक्त आर के सिंह ने वीडियों काॅन्फें्रसिंग में बताया कि जिला में अब तक 10,352 परिवारों का डाटा एकत्रित किया जा चुका है। उन्होंने मुख्यमंत्री को भरोसा दिलाया कि गुरूग्राम जिला में जनवरी माह के लिए दिए गए लक्ष्य को अवश्य पूरा किया जाएगा।
इस वीडियों काॅन्फें्रसिंग में चण्डीगढ मंे मुख्यमंत्री के साथ प्रदेश के वितमंत्री कैप्टन अभिमन्यु के अलावा, मुख्य सचिव डी एस ढेसी, वित विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव टी वी एस एन प्रसाद, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव राजेश खुल्लर, अतिरिक्त मुख्य सचिव राम निवास व राजीव अरोड़ा, प्रधान सचिव सुधीर राजपाल आदि सहित कई वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे। गुरूग्राम में इस मौके पर अतिरिक्त उपायुक्त आर के सिंह के साथ जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी नरेंद्र सारवान, अतिरिक्त उपायुक्त कार्यालय में योजना अधिकारी डा. जय सिंह, गुरूग्राम के खण्ड विकास एवं पंचायत अधिकारी जगराम मान, नगर निगम से महेंद्र आदि उपस्थित थे।
Sandeep Siddhartha, Senior Reporter, delhincrnews.in 

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