गुरूग्राम के अतिरिक्त उपायुक्त एवं क्षेत्रीय यातायात प्राधिकरण के सचिव आर के सिंह ने लघु सचिवालय में जिला के प्राइवेट स्कूलों के प्रतिनिधियों की बैठक ली और उन्हें सुरक्षित स्कूल वाहन पाॅलिसी के बारें जागरूक किया। सिंह ने कहा कि ट्रांसपोर्ट इंचार्जिज सुरक्षित स्कूल वाहन पाॅलिसी की पालना समय रहते सुनिश्चित कर लें। आगामी दो माह के भीतर आरटीए की टीम द्वारा बसों का निरीक्षण किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि गुरुग्राम जिला प्रशासन ऐसे स्कूलों से किसी प्रकार की हमदर्दी नही रखेगा जो ‘सुरक्षित स्कूल वाहन पॉलिसी’ का उल्लंघन करेंगे। स्कूल पॉलिसी के तहत निर्धारित मानदंडो को पूरा करना प्रत्येक स्कूल के लिए अनिवार्य है। स्कूल ऐसी किसी भी कंपनी या एजेंसी या बस चालकों के साथ कान्ट्रैक्ट ना करें जो सुरक्षित स्कूल वाहन पॉलिसी के मानदंडो को पूरा ना करते हो। उन्होंने कहा कि स्टेट कैरिज सर्टिफिकेट वाली पीले रंग की बसों के साथ ही कान्टै्रक्ट करें।
उन्होंने कहा कि पंजाब एंव हरियाणा उच्च न्यायालय के आदेश है कि बच्चो की सुरक्षा के मद्द्ेनजर स्कूल बसों में सीसीटीवी कैमरे लगवाए जाए। उपायुक्त ने कहा कि स्कूल की प्राइवेट बसों में दो सीसीटीवी कैमरे (बस के अंदर आगे व पीछे) लगे होने चाहिए जो ना केवल अच्छी गुणवत्ता के हो बल्कि उनमें डिजीटल वीडियो रिकॉर्डिंग व टील्ट जूम आदि की क्षमता हो। इन सीसीटीवी कैमरों मे कम से कम 15 दिन की रिकॉर्डिंग की क्षमता होनी चाहिए। इसके साथ ही, स्कूलों को इन रिकॉर्डिंग का कम से कम 6 महीनों का बैकअप रखना अनिवार्य है।
इसके अलावा, जारी आदेशो में कहा गया है कि जिन स्कूल बसों में लड़कियां यात्रा करती है उन स्कूल बसों में महिला अटेंडेंट का होना अनिवार्य है। रिपोर्ट में उन्हें अपने स्कूल के बसों की संख्या व उनके नंबर, ड्राइवर का नाम व मोबाइल नंबर, महिला अटेंडेंट की संख्या, नाम व मोबाइल नंबर आदि लिखकर भेजना होगा। इसके अलावा, स्कूल प्रबंधन को अपने स्कूल का रूट मैप भी रिपोर्ट के साथ संलग्र करके भेजना होगा।
सिंह ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए स्कूल बसों में जीपीएस सिस्टम का होना अनिवार्य है ताकि बसों को जीपीएस सिस्टम के जरिए ट्रैक कर सके। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन स्कूल प्रबंधको की हर संभव मदद करने को तैयार है लेकिन स्कूल प्रबंधको को भी चाहिए कि वे स्कू ल बसों में बच्चों की सुरक्षा संबंधी मानदंडो को पूरा करें।
‘सुरक्षित स्कूल वाहन पॉलिसी’ के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि इस योजना के तहत राज्य, जिला व उप-जिलास्तरीय कमेटी बनाई गई है जो स्कूलों में जाकर बसों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर किए गए इंतजामों की जांच करती है। ये कमेटी जिला प्रशासन के साथ मिलकर स्पेशल ड्राईव चलाएगी जिसमें सभी स्कूल बसों के सभी मानदंडों को देखा जाएगा और अवहेलना करने वाले स्कूलों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई भी की जाएगी। उन्होंने कहा कि स्कूलों को अपने यहां बसों की संख्या, स्कूल में आने के लिए बसों का प्रयोग करने वाले बच्चों की संख्या व रूट संबंधी आवश्यक जानकारी नोटिस बोर्ड पर लगानी होगी ताकि बच्चों व अभिभावकों को बसों में सफर करने वाले बच्चों के बारे में पूरी जानकारी हो। उन्होंने कहा कि सभी स्कूल बसों के दरवाजें हाइड्रोलिक होने अनिवार्य है।
उन्होंने कहा कि स्कूल द्वारा रखे जाने वाले बस ड्राइवर के पास बस चलाने का कम से कम 5 साल का अनुभव होना चाहिए तथा उसका इन 5 सालों में 3 बार से अधिक चालान नहीं कटा होना चाहिए। उन्होंने बताया कि स्कूल बस के संचालक के पास स्कूल वाहन का परमिट या स्वीकृति पत्र पास होना अनिवार्य है। शहर में बसो की स्पीड अधिकतम 50 किलोमीटर प्रतिघंटा तक होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि बसों में बच्चों की सुरक्षा के लिए नियुक्त किया गया स्टॉफ, कन्डेक्टर व महिला अटेंडेट पूरी तरह से ट्रैंड होने चाहिए व उनके साथ एक टीचर इंचार्ज भी अवश्य होना चाहिए। उन्होंने कहा कि स्कूलों में बाऊंडरीवॉल व पार्किंग एरिया होना अनिवार्य है ताकि बच्चों को स्कूल छोड़ते समय व ले जाते समय उन्हें बाऊंडरीवॉल के भीतर से ही लिया जा सके। बसों में फस्ट एड किट के साथ फायर एक्सटींगशर होना भी अनिवार्य है। बसों में नियुक्त किया गया स्टॉफ अपनी यूनिफार्म में होना चाहिए तथा उसके पास सिविल सर्जन से मैडीकल फिटनेस का प्रमाण-पत्र होना चाहिए।
स्कूलो की बसों संबंधी आवश्यक मानदंडो के बारे में जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि स्कूल बसे पीले रंग की होनी चाहिए । बसों की स्पीड कंट्रोल करने के लिए स्पीड गर्वनर लगे होने चाहिए। स्कूल बसो पर आगे तथा पीछे ‘स्कूल बस’ अवश्य लिखा होना चाहिए और यदि किराए पर बस हैै ऑन स्कूल ड्यूटी लिखा होना चाहिए। बस सुव्यवस्थित होनी चाहिए साथ ही सभी आवश्यक परमिट, इंश्योरेंस, रजिस्टे्रशन प्रमाण पत्र, पोलुशन प्रमाण पत्र आदि दस्तावेज पूरे होने चाहिए। इसके अलावा बस का चालक अनुभवी व कुशल होना चाहिए व उसके साथ एक परिचालक भी  होना   चाहिए।
-delhincrnews.in reporter

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here