हरियाणा में आधार नंबर की तरह अब प्रत्येक परिवार का एक आईडी नंबर होगा और सरकारी सेवाएं प्राप्त करने तथा सरकारी विभागों के माध्यम से लागू की जा रही योजनाओं का लाभ लेते समय इस परिवार आईडी का उपयोग होगा। परिवार आईडी का डाटाबेस तैयार करने के लिए हरियाणा के वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव टी वी एस एन प्रसाद ने वीडियों काॅन्फे्रंसिंग के माध्यम से प्रदेश के सभी जिलों के उपायुक्तों के साथ चर्चा की।
प्रसाद ने कहा कि प्रदेशवासियों को व्यक्ति के हस्तक्षेप के बिना बेहत्तर गवर्नेंस देने के लिए आधार नंबर की तरह प्रत्येक परिवार का रजिस्टेªशन करके उसे एक आईडी नंबर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि परिवार आई डी का डाटाबेस तैयार होने के बाद सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ पात्र परिवारों तक पहुंचाने मंे आसानी होगी। यही नहीं, परिवार आईडी का उपयोग सरकार द्वारा प्लानिंग में भी किया जाएगा। उदाहरण के तौर पर किस क्षेत्र में चोरियां ज्यादा हो रही हैं, उस क्षेत्र के परिवारों के डाटा का अध्ययन करके वहां पर और ज्यादा सुरक्षा के प्रबंध किए जा सकते हैं। इसी प्रकार, किसी क्षेत्र में मरीजों की संख्या अधिक पाई जाती है तो उस क्षेत्र के परिवारों के डाटा का अध्ययन करके वहां पर ज्यादा स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने के लिए कदम उठाए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार से परिवार आईडी के डाटा का कई मायनों में उपयोग हो सकता है, जिससे सरकार को गुड गवर्नेंस में मदद मिलेगी।
इस वीडियों कान्फे्रंस में कुछ उपायुक्तों द्वारा परिवार की परिभाषा को लेकर संशय उठाए जाने पर प्रसाद ने स्पष्ट किया कि सर्वे के दौरान यदि कोई व्यक्ति अपने आपको अलग परिवार के रूप में दर्शाना चाहता है तो उसे अलग परिवार ही दिखाएं। यहां तक कि एक विधवा, तलाकशुदा तथा जिस व्यक्ति का विवाह नहीं हुआ है वह भी अपने आपको अलग परिवार के रूप में दर्शा सकता है। प्रसाद ने बताया कि इस सर्वे को लेकर अगले 2-3 दिन में समाचार पत्रों में विज्ञापन देकर आम जनता को इसके बारे में बताया जाएगा और उन्हें अपने परिवार की आईडी बनाने के लिए रजिस्टेªशन करवाने को पे्ररित किया जाएगा। साथ ही प्रसाद ने बताया कि परिवार आई डी के रजिस्टेªशन में परिवार के सदस्यों का आधार नंबर भी देना होगा।
परिवार आईडी के लिए सर्वेक्षण शुरू हो चुका है और उपायुक्तों द्वारा अपने-अपने जिला की प्रगति रिपोर्ट आज की वीडियों काॅन्फे्रंसिंग में दी गई। गुरूग्राम के उपायुक्त विनय प्रताप सिंह ने प्रसाद को बताया कि जिला में अब तक 3,700 परिवारों का आईडी के लिए रजिस्टेªशन हो चुका है। उन्होंने बताया कि इच्छुक व्यक्ति अपने परिवार की आईडी बनवाने को रजिस्टेªशन लिए नगर निगम कार्यालय, संबंधित नगर परिषद अथवा नगरपालिका कार्यालय तथा संबंधित खण्ड विकास एवं पंचायत अधिकारी कार्यालय मंे संपर्क कर सकते हैं।
बाद में उपायुक्त विनय प्रताप सिंह ने जिला के संबंधित अधिकारियों को परिवार आईडी का डाटाबेस तैयार करने के लिए हिदायतें देते हुए कहा कि गुरूग्राम नगर निगम अपने एक वार्ड में सभी परिवारों का रजिस्टेªशन 10 दिसंबर तक पूरा करें। इसी प्रकार, नगर परिषद तथा नगरपालिका क्षेत्र भी अपना एक वार्ड इस अवधि में पूरा करें और खण्ड विकास एवं पंचायत अधिकारी उन गांवों मंे परिवार आईडी का रजिस्टेªशन पूरा करवाएं जहां पर यह कार्य शुरू हो चुका है।
इस अवसर पर चण्डीगढ में आईटी विभाग के प्रधान सचिव अंकुर गुप्ता, महिला एवं बाल विकास विभाग के प्रधान सचिव राजाशेखर वुंडरू, वित्त विभाग के विशेष सचिव वजीर सिंह गोयत भी उपस्थित थे तथा गुरूग्राम में  उपायुक्त विनय प्रताप सिंह के अलावा अतिरिक्त उपायुक्त आर के सिंह, नगराधीश मनीषा शर्मा, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी नरेंद्र सारवान, मुख्यमंत्री के सुशासन सहयोगी वैभव लिमये, अतिरिक्त उपायुक्त कार्यालय के परियोजना अधिकारी डा. जसबीर सिंह, नगर निगम के परियोजना अधिकारी महेंद्र सिंह, गुरूग्राम के खण्ड विकास एवं पंचायत अधिकारी जगराम मान भी उपस्थित थे।
delhincrnews.in reporter

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