गुरूग्राम जिला के छोटे कस्बे, जहां पर नगरपालिका तथा नगर परिषद् हैं, इस बार जनवरी में होने वाले स्वच्छता सर्वेक्षण में अच्छे अंक प्राप्त करके देश के पहले 200  छोटे शहरों में स्थान बनाएंगे। यह संकल्पपूर्ण आशा गुरूग्राम के उपायुक्त विनय प्रताप सिंह द्वारा मुख्यमंत्री मनोहर लाल के साथ स्वच्छता विषय पर आयोजित वीडियो कान्फ्रेंसिंग में व्यक्त की गई।
उपायुक्त ने मुख्यमंत्री को अवगत करवाया कि जिला गुरूग्राम की नगरपालिकाएं पिछली बार स्वच्छता सर्वेक्षण में देश में 700 से 1,000 पायदान के बीच रही थी। उन्होंने कहा कि इस बार स्वच्छता सर्वेक्षण में जिला के छोटे शहरों की स्वच्छता रैकिंग सुधारने के लिए 5 अक्टूबर से एक अभियान शुरू किया गया जिसमें उन्हें स्वच्छता सर्वेक्षण के विभिन्न पहलुओं तथा रैंकिंग के मानदंडो के बारे में बताया गया। उपायुक्त ने बताया कि नगरपालिकाओं को दी गई इस जानकारी का लाभ यह हुआ कि 30 अक्टूबर तक के सर्वेक्षण में गुरूग्राम जिला की नगरपालिकाओं को अच्छे अंक मिलें हैं। उन्होंने आशा जताई कि जनवरी 2019 में होने वाले स्वच्छता सर्वेक्षण में गुरूग्राम जिला की नगरपालिकाएं देश के छोटे शहरों में स्वच्छता के मामले में पहले 200 स्थानों मे जगह बना पाएंगी।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने चंडीगढ़ मुख्यालय से प्रदेश के सभी उपायुक्तों के साथ वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से स्वच्छता, उज्जवला योजना, बिजली बिल निपटान योजना, शिव धाम नवीनीकरण योजना, सर्दी में आने वाली धुंध को देखते हुए सड़कों पर साइनेज तथा सफेद पट्टियां लगवाने, प्रदूषण कम करने के उपाय तथा पाॅलिथीन का प्रयोग नही करने के लिए आम जनता को प्रोत्साहित करने आदि विषयों पर चर्चा की। मुख्यमंत्री ने शहरी क्षेत्रों में स्वच्छता सुधारने के लिए प्रत्येक जिला में स्वच्छता कमेटी बनाने के आदेश दिए और कहा कि यह कमेटी हर महीने अपने शहर में स्वच्छता का मूल्यांकन करेगी। साथ ही उन्होंने कहा कि स्वच्छता कमेटी के सदस्य हर सप्ताह शहर के किसी वार्ड तथा सड़क का निरीक्षण करें। उन्होंने कहा कि इसमें बहुत ज्यादा दंडात्मक कार्यवाही से बात नही बनेगी बल्कि स्वच्छता में जनता की भागीदारी के लिए जन जागरण के उपाय अपनाएं। इसके लिए बच्चों की यात्रा निकालें और विभिन्न स्थानों पर सेमिनार करवाएं। मुख्यमंत्री ने प्रत्येक जिला स्तर पर  स्वच्छता कोष गठित करने को भी कहा है। उन्होंने कहा कि स्वच्छता के साथ शहर के सौन्दर्यीकरण पर भी ध्यान दिया जाए। ऐसे उपाय किए जाएं कि धूल कम से कम उड़े और पानी की लिकेज आदि से कीचड़ भी ना हो। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि प्रदूषण और धूंआ के स्त्रोत का पता करके प्रदूषण कम करने के प्रबंध करवाएं। उन्होंने कहा कि खाली प्लाॅटों में अक्सर लोग कचरा डाल देते हैं , इसकी रोकथाम के लिए प्लाॅट मालिक से कहें कि वह चार दीवारी या टीन आदि लगवाकर इसे रोकें। उन्होंने जिला में स्वच्छताग्रही (वालंेटियर) बनाने का भी सुझाव दिया। उन्होंने यह भी कहा कि सार्वजनिक स्थानों के मामले में वे एजेसियां, जिनके अधीन वह क्षेत्र आता है , को स्वच्छता की जिम्मेदारी दी जाए और स्वच्छता की प्रतियोगिताएं करवाई जाए। इसके लिए शहर में थर्ड पार्टी कमेटी भी बनाई जाए। उन्होंने यह भी कहा कि रेहड़ियों और दुकानदारों को कचरा डस्टबिन में डालने के लिए प्रेरित किया जाए। मुख्यमंत्री ने नाइट स्वीपिंग अर्थात् रात को सफाई करवाने पर बल दिया और कहा कि नगर निगम अथवा नगरपालिका के सफाई कर्मचारियों को ‘स्वच्छता सैनिक‘ कहा जाए।
बिजली बिल निपटान योजना-2018
बिजली बिल निपटान योजना-2018 का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना के अंतर्गत सन्-2005 से पहले की बिजली बिल की बकाया राशि माफ की जाएगी। सन्-2005 से जून-2018 तक के बिलों के मामले में ग्रामीण क्षेत्र के घरेलू कनेक्शन के लिए 40 यूनिट प्रति किलोवाट प्रति माह की दर से राशि ली जाएगी। इसी प्रकार, शहरी क्षेत्र के घरेलू कनेक्शनधारक से 50 यूनिट प्रति किलोवाट प्रति माह की दर से बकाया बिलों का निपटारा किया जाएगा। गैर घरेलू कनेक्शन के मामले में ग्रामीण क्षेत्र में 75 यूनिट प्रति किलोवाट प्रति माह की दर से तथा गैर घरेलू शहरी कनेक्शनधारक से 150 यूनिट प्रति किलोवाट प्रति माह की दर से लमसम राशि ली जाएगी। बीपीएल परिवारों से यह राशि केवल एक साल की ली जाएगी। यह योजना 20 किलोवाट तक बिजली लोड वाले ग्राहको के लिए ही है और इसका लाभ 31 दिसबर 2018 तक प्राप्त किया जा सकता है।
उपायुक्त विनय प्रताप सिंह ने मुख्यमंत्री को बताया कि बिजली बिल निपटान योजना-2018 के तहत गुरूग्राम जिला में पिछले एक महीने में लगभग 1.5 करोड़ रूप्ये की राशि वसूली गई है। उन्होंने बताया कि जिला में लगभग 38 करोड़ रूप्ये के बिजली बिल बकाया थे जिसमें से अब यह योजना आने के बाद लगभग एक तिहाई राशि ही वसूली जानी है।
-उज्जवला योजना
मुख्यमंत्री की समीक्षा के दौरान गुरूग्राम के उपायुक्त विनय प्रताप सिंह ने बताया कि इस योजना के अंतर्गत गुरूग्राम जिला में अब माइग्रेटरी लेबर को घरेलू गैस के कनेक्शन देने का कार्य चल रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा था कि उपायुक्त अपने जिला में सर्वेक्षण करवाकर पता करवाएं कि अब भी कितने परिवार ऐसे है जिन्हे घरेलू गैस के कनेक्शन नही मिलें हैं। उन्होंने यह भी कहा था कि सामाजिक आर्थिक जाति जनगणना के डाटा में जिन गरीब परिवारों का नाम नही है, उनको घरेलू गैस कनेक्शन दिलवाने के लिए 1600 रूप्ये की राशि राज्य सरकार देगी और यह सुविधा 26 जनवरी तक ही उपलब्ध होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि उपायुक्त को यह डिक्लेरेशन करनी होगी कि उनके जिला में कोई भी परिवार घरेलू गैस कनेक्शन से वंचित नही है।
शिव धाम नवीनीकरण योजना (श्मशान घाट)
उपायुक्त ने बताया कि इस योजना के अंतर्गत गुरूग्राम जिला में अब तक विभिन्न गांवो में श्मशान घाट की चार दीवारी करवाने, वहां शैड लगवाने, पानी का प्रबंध करवाने तथा श्मशान घाट को जाने वाले रास्ते को पक्का करवाने के लिए लगभग 8 करोड़ रूप्ये की राशि के कार्य प्रगति पर है जो अगले महीने पूरे हो जाएंगे। उन्होंने बताया कि  इस योजना के अंतर्गत जिला में लगभग 37 करोड़ रूप्ये के कार्य होने हैं।
Sandeep Siddhartha, Senior Reporter, delhincrnews.in 

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