लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रही गुड़गाँव के वन विभाग के मजदूरों को पुन: 25 अक्तूबर से अनिश्चित कालीन धरने पर बैठने के लिए मजबूर होना पड़ा। धरने की अध्यक्षता वन विभाग मजदूर यूनियन के ज़िला अध्यक्ष विजय कुमार कर रहे हैं।

ज़िला प्रधान विजय कुमार ने बताया की गुड़गाँव में आज तक जितने भी वन मण्डल अधिकारी आए हैं सभी ने मजदूरों की सादगी, सहनशीलता व संयम का नाजायद फायदा उठा कर उनका शोषण करते हुये आज तक उन को गुमराह ही किया है।

उन्होने बताया कि हरियाणा सरकार ने 1988, 1996, 1993 व 2003 में मजदूरों के नियमितीकरण की नीतियाँ बनाई जिनके कारण हरियाणा के सभी जिलों के वन विभाग में काम करने वाले मजदूरों को समय समय पर नियमित किया गया, मगर पूरे प्रदेश में केवल गुड़गाँव ही एक ऐसा ज़िला है जहां पर पिछले 25/30 सालों से काम पर लगे मजदूरों में से एक को भी नियमित नहीं किया गया है। हरियाणा के मुख्य वनपाल के गुड़गाँव पहुँचने पर मजदूरों ने उनके समक्ष गुहार लगाई तथा अपने साथ समय समय पर ज़िला वन अधिकारियों द्वारा किए अन्याय से अवगत करवाया। गुड़गाँव व मेवात के ज़िला वन अधिकारियों कि उपस्थिती में पत्र मजदूरों के नाम नियमितीकरण के लिए अगले 15 दिनों में भेजने के निर्देश दिये।

वन विभाग के तानाशाही रवैये के खिलाफ ज़िला सीआईटीयू के कोषाध्यक्ष एस एल प्रजापति, सचिव राजेन्द्र सरोहा, सर्व कर्मचारी संघ के ज़िला प्रधान कंवर लाल यादव, सचिव संजय सैनी, जनवादी महिला समिति कि ज़िला प्रधान भारती देवी व ज़िला सचिव कामरेड उषा सरोहा ने सरकार को चेताया कि समय रहते वन मजदूरों के साथ न्याय किया जाए अन्यथा सभी संगठन मिल कर वन मजदूरों के जायज़ हकों कि लड़ाई सड़कों पर लड़ेंगे।

धरने पर बैठे वन मजदूरों ने रोडवेज कि हड़ताल के समर्थन में प्रदर्शन करते हुये लघु सचिवालय पर कर्मचारियों के क्रमिक अनशन स्थल पर जा कर एकजुटता प्रकट कि तथा अपने संघर्ष के लिए भी साथियों से सहयोग कि मांग की। मोहरपाल, दायराम, आज़ाद सिंह, रामचन्द्र, ज्ञानी राम, मदन, सुभाष,महिपाल, भीम, समीरी, केला आदि सहित अन्य महिला मजदूरों ने कर्मचारियों के बीच जा कर बताया की जब तक गुड़गाँव ज़िला के पात्र कर्मियों को नियमित करने का आदेश जारी नहीं किया जाता तब तक आंदोलन जारी रहेगा तथा काली दिवाली मनाई जाएगी।

 

delhincrnews.in reporter

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