यशोदा सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल, कौशाम्बी में वर्ल्ड आर्थराइटिस डे के उपलक्ष्य में  एक निःशुल्क  पेन मैनेजमेंट कैंप लगाया गया, कैंप का उदघाटन यशोदा हॉस्पिटल के मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ पी एन अरोड़ा जी के कर कमलों से हुआ, कैंप में  कौशाम्बी, वैशाली वसुंधरा, इंद्रापुरम , साहिबाबाद एवं ईस्ट दिल्ली  निवासियों ने निःशुल्क  पेन मैनेजमेंट परामर्श की सुविधा का लाभ उठाय। यशोदा सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल, कौशाम्बी के वरिष्ठ पेन मैनेजमेंट विशेषज्ञ डॉ  सुनील कुमार शर्मा,एम.बी. बी. एस., एम. डी. ने मरीजों को निःशुल्क परामर्श दिया।
डॉ सुनील शर्मा  जिन्होंने पेन  मैनेजमेंट में जर्मनी  से ट्रेनिंग भी प्राप्त की है, बताया कि घुटने का दर्द आज के समय की एक बड़ी समस्या है, उम्र अधिक होने के साथ-साथ लगभग हर किसी को घुटने का दर्द परेशान करने लगता है लेकिन आज जवान लोगों में भी यह दर्द देखा जा रहा है, लेकिन अब इससे निजात पाने के लिए नई नई तरह की तकनीक उपलब्ध है ! हर बार घुटने में महसूस होने वाला दर्द घुटने से ही उत्पन्न हो ऐसा कोई जरूरी नहीं है जोड़ के बाहर भी कई तरह के लिगामेंट या मांसपेशियां होती है जिनमें चोट लगने या खिंचाव होने की वजह से दर्द की उत्पत्ति हो जाती है  ऐसे सभी प्रकार के दर्दों में बिना ऑपरेशन के इलाज संभव है  इसी तरह की एक नई तकनीक का नाम पीआरपी थेरेपी है बीमारी के अधिक बढ़ जाने या जोड़ों के घर जाने की स्थिति में घुटनों को बदलवाना ही एक अच्छा इलाज है !डॉ नीरज जैन और डॉक्टर सुनील शर्मा की टीम ने यह जानकारी देते हुए बताया कि पीआरपी और स्टेम सेल की तरह थी अब यशोदा कौशांबी अस्पताल में उपलब्ध हैI
हॉस्पिटल की डायरेक्टर उपासना अरोड़ा जी ने बताया कि पुराने दर्द का इलाज अब बिना ऑपरेशन यशोदा सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल , कौशाम्बी , गाजियाबाद में उपलब्ध करा दिया गया है जो कि मेडिक्लेम/ हेल्थ इंश्योरेंश / टी.पी.ए. में कवर भी हो जाता है तथा कैशलेस सुविधा के साथ मरीज अपने पुराने दर्द से छुटकारा पा सकता है, कैंप में कमर के दर्द, स्लिप  डिस्क, गर्दन के दर्द ,  जोड़ो के दर्द , माइग्रेन /सर के दर्द ,  साइटिका  (कमर से पैरों की तरफ जाता हुआ दर्द ) के, कैंसर की बीमारी की वजह से दर्द के एवं अन्य प्रकार के पुराने दर्द के मरीजों को निःशुल्क परामर्श दिया गया एवं, उपचार हेतु सलाह दी गयी।यशोदा सुपर स्पेशीऐलिटी हॉस्पिटल कौशाम्बी में अब बिना किसी ऑपरेशन के अब उपरोक्त प्रकार के दर्द का इलाज सम्भव होने से ग़ाज़ियाबाद निवासियों को अब दिल्ली जाने की भी ज़रूरत नहीं पड़ेगी जो कि शहर के लिए भी एक उपलब्धि हैं।कैम्प 100 से अधिक लोग शामिल हुए।
delhincrnews.in reporter

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