गुरूग्राम में सैंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर इंटरनेट ऑफ थिंग्स की शुरूआत आज से हो गई है। इस सैंटर का उद्घाटन हरियाणा के उद्योग एवं कौशल विकास विभाग के मंत्री विपुल गोयल ने किया। यह सैंटर गुरूग्राम के उद्योग विहार में स्थित हारट्रॉन मल्टी स्किल डेवलपमेंट सेंटर का हिस्सा है। इसे पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप के आधार पर भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स तथा इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी मंत्रालय, हरियाणा सरकार तथा नैसकॉम द्वारा संयुक्त रूप से बनाया गया है।
इस अवसर पर हरियाणा के उद्योग एवं कौशल विकास विभाग के मंत्री विपुल गोयल ने कहा कि गुरूग्रामवासियों को सैंटर आॅफ एक्सीलेंस फाॅर इंटेलीजेंस आॅफ थिंग्स की सौगात मिली है। गुरूग्राम जिला देश का दूसरा ऐसा स्थान बन गया है जहां इस प्रकार का सैंटर खोला गया है। इससे पहले इस प्रकार का एक सैंटर वर्ष-2016 में बैंगलोर में शुरू किया गया। उन्होंने कहा कि यहां आकर उन्हें जो जानकारी मिली है उससे यह आभास हुआ है कि देश में इस प्रकार के सैंटरों की अब जरूरत है क्योंकि भविष्य में इससे विभिन्न क्षेत्रों की समस्याओं का समाधान करने में सहायता मिलेगी।
गोयल ने कहा कि आज हमारे देश को इस प्रकार की टैक्नोलाॅजी की बहुत जरूरत है क्योंकि इससे नए-नए स्टार्ट-अपस में भी सहयोग मिलेगा। उन्होंने कहा कि पिछले चार सालो में हमारे भारत देश को लेकर पूरे विश्व के लोगों की सोच में परिवर्तन आया है। पहले जहां हमारे देश को सांप-सपेरो व जादूगरों का देश समझा जाता था, वही आज आईटी क्षेत्र में इस प्रकार के क्रान्तिकारी बदलाव यहां आने के कारण विश्व के लोग यह मानने लगे हैं कि भारत में रोजगार की अपार संभावनाएं हैं।
गोयल ने कहा कि 200 से ज्यादा शहरों तथा 80-90 देशों में आज आईटी क्षेत्र के युवाओं का बोलबाला है। यदि गुरूग्राम की बात की जाए तो यह जिला स्टार्ट अप का शहर है और यहां करीब 1,500 से ज्यादा स्टार्ट अप का हब है और हर साल इसमें 10 से 15 प्रतिशत की ग्रोथ भी है। गुरूग्राम जिला में इस प्रकार के सैंटर की शुरूआत होना यहां के लोगों के लिए काफी फायदेमंद सिद्ध होगा जिसके निश्चित तौर पर ही अच्छे परिणाम सामने आएंगे।
उद्योग मंत्री ने नैसकाॅम के पदाधिकारियों का गुरूग्राम जिला में इस प्रकार का सैंटर खोलने के लिए धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि इस सैंटर से सभी हितधारकों को लाभ होगा, भले ही वे आईटी क्षेत्र या सरकारी क्षेत्र मे काम करते हो। उन्होंने कहा कि इस सैंटर के माध्यम से नए-नए इनोवेटिव आइडियाज के साथ काम किया जाएगा ताकि आईटी के जरिए विभिन्न प्रकार की समस्याओं जैसे- प्रदूषण , ट्रेफिक व्यवस्था, साॅफटवेयर या किसी विभाग आदि का समाधान करने में सहायता मिलेगी। उन्होंने कहा कि इस सैंटर के जरिए स्टार्ट-अप विजन को आगे ले जाने मे भी सहयोग मिलेगा।
इस अवसर पर इलैक्ट्राॅनिक्स तथा इन्फोर्मेशन टैक्नोलाॅजी भारत सरकार के सचिव अजय प्रकाश साॅवनेय ने कहा कि गुरूग्राम जिला में जहां हर क्षेत्र की कंपनियांे की भरमार है, वहां इस प्रकार के सैंटर का महत्व और भी अधिक बढ़ जाता है। इस सैंटर के माध्यम से नई नई आईटी तकनीकों का प्रयोग करके समस्याओं का समाधान करने में काफी मदद मिलेगी। आज हमारे देश में हर क्षेत्र से जुड़ी अलग-अलग तरह की समस्याएं है जिसे क्रिएटिव ढंग से सुलझाने की आवश्यकता है। इन समस्याओं का समाधान करने के लिए आईटी क्षेत्र में हमारे पास अवसर उपलब्ध है। इस सैंटर में आईटी के साथ साथ इनोवेशन के साथ काम किया जाएगा।
कार्यक्रम में इलैक्ट्राॅनिक्स तथा इन्फोर्मेशन टैक्नोलाॅजी, हरियाणा के सचिव तथा हारट्रोन के एमडी विजयेन्द्र कुमार ने अपने विचार रखते हुए कहा कि भारत सरकार द्वारा इस प्रौजेक्ट को अगस्त-2017 में स्वीकृति मिली थी। यह प्रौजेक्ट साढ़े 22 करोड़ रूपये का है जिसमें साढ़े 9 करोड़ रूप्ये की राशि हरियाणा सरकार द्वारा वहन की गई है। उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास है कि यहां स्टार्ट अप का इको सिस्टम बनाया जाए अर्थात् यहां अच्छे स्टार्ट अप को स्क्रीन किया जाए। उन्होंने कहा कि इस सैंटर के माध्यम से कई महत्वपूर्ण समस्याओं जैसे- भूमिगत जल स्तर को बढ़ानें, वाटर रिचार्जिंग सहित कई समस्याओं का समाधान करने में सहायता मिलेगी।
कार्यक्रम में नेसकाॅम की प्रैजीडेंट देबजनी घोष तथा इलैक्ट्राॅनिक्स तथा इन्फोर्मेशन टैक्नोलाॅजी, भारत सरकार के संयुक्त सचिव गोपाला कृष्णन ने भी अपने विचार रखे।
इस अवसर पर हारट्रोन मल्टी स्किल डैव्लपमेंट सैंटर के इंचार्ज राजीव गुलाटी सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

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