गुरूग्राम के उपायुक्त विनय प्रताप सिंह ने लघु सचिवालय के सभागार में जिला स्तरीय मलेरिया वर्किंग कमेटी की बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलावासियों से अपील की कि वे मच्छरों को पनपने से रोकने के लिए सप्ताह में एक दिन रविवार को अपने कूलरों का पानी खाली करके उन्हंे अच्छी तरह सुखाकर ड्राई डे मनाए।

उन्होंने शिक्षा विभाग के अधिकारियों से कहा कि स्कूलों में बच्चों को भी इस बारे में जागृत करें कि सप्ताह में एक दिन अपने घर में लगे कूलरों का पानी खाली करके अच्छी तरह सुखाना है और घर में या आस-पास कहीं भी पानी खड़ा ना हो, यह भी सुनिश्चित कर लें। उपायुक्त ने कहा कि मच्छर जनित रोगों जैसे डेंगू, मलेरिया व चिकनगुनिया के लिए सितंबर और अक्टूबर के महीने संवेदनशील होते हैं। इन दो महीनों में सभी के लिए जरूरी है कि वे मच्छरों को पनपने से रोकें और यह तभी हो सकता है जब कहीं भी पानी खड़ा ना रहे। जिन स्थानों पर पानी को खाली करना कठिन है, उनमंे तेल की दो बंूदे डाल दें।

उपायुक्त ने नगर निगम गुरुग्राम तथा स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि डेंगू तथा मलेरिया के जिन स्थानों पर संभावित मामले मिले हैं उनमें अच्छे से फोगिंग करवाएं। बैठक में सिविल सर्जन डा. बी के राजौरा ने बताया कि जिला मे अब तक डेंगू के संभावित मामलों की संख्या 486 है जिनमें से 35 को डेंगू होने की पुष्टि हुई है। इसी प्रकार मलेरिया पी वी के 21 मामले अभी तक प्रकाश मंे आए हैं तथा चिकनगुनिया का एक भी मामला नहीं आया है। डा. राजौरा ने बताया कि पिछले वर्ष जिला में डेंगू के 621 संभावित मामले आए थे जिनमें से 66 को डेंगू होने की पुष्टि हुई थी और मलेरिया पी वी के 48 तथा चिकनगुनिया के 3 मामले आए थे। इसी प्रकार वर्ष 2016 में डेंगू के 564 संभावित मामले आए जिनमें से 86 की पुष्टि हुई और मलेरिया के 36 व चिकनगुनिया के 38 मामले आए। सन् 2015 मे डेंगू के सबसे ज्यादा संभावित 1,220 मामले आए थे जिनमें से 451 की पुष्टि भी हुई और उस वर्ष मलेरिया पी वी के 44 मामले हुए थे।

डा. राजौरा ने बताया कि डेंगू, मलेरिया तथा चिकनगुनिया की बिमारियां मच्छरों से फैलती हैं। जिला में मच्छरों को पनपने से रोकने के लिए जहां एक ओर आम जनता को जागरूक किया गया है वहीं दूसरी ओर नगर निगम क्षेत्र में 65 तालाबों में गंबुजिया मछली के बीज डाले गए हैं। उन्होंने बताया कि नगर निगम द्वारा मच्छर पनपने के संभवित क्षेत्र में फोगिंग करवाई जा रही है और ग्रामीण क्षेत्र में यह जिम्मेदारी खण्ड विकास एवं पंचायत अधिकारियों को दी गई है। उन्होंने यह भी बताया कि पहले फोगिंग करने के लिए 31 अक्टूबर तक का समय निर्धारित किया गया था लेकिन अब बारिश होने की वजह से इसे 15 नवंबर तक बढाया जाएगा।

delhincrnews.in reporter

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