कौशांबी स्थित यशोदा सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में आज दिनांक 30 सितंबर रविवार को विश्व हृदय दिवस के उपलक्ष में निशुल्क हृदय रोग जांच एवं चिकित्सा शिविर लगाया गया; शिविर में 100 से भी ज्यादा लोगों ने भाग लिया शिविर में आए लोगों ने बताया कि समाचार पत्रों के माध्यम से उन्हें इस शिविर के बारे में पता चला तथा उन्हें मधुमेह उच्च रक्तचाप सीने में दर्द चलने पर सांस फूलना आदि लक्षण एवं बीमारी होने के चलते उन्होंने इस शिविर का लाभ उठाने के लिए यशोदा हॉस्पिटल  पधारे I
शिविर में 30 वर्ष से 72 वर्ष तक के लोगों ने भाग लिया तथा काफी मरीजों का ईसीजी भी किया गया यशोदा हॉस्पिटल के वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डॉक्टर धीरेंद्र सिंघानिया एवं डॉ असित खन्ना ने मरीजों को चिकित्सकीय परामर्श दियाI
डॉ धीरेन्द्र सिंघानिया ने बताया कि  हार्ट अटैक से मरने वालों की संख्या दिन प्रति दिन बढ़ती ही जा रही है। यह बात ह्रदय रोग विशेषज्ञों के लिए चिंता का विषय बन चुकी है। क्योंकि कुछ समय पहले तक यही धारणा चली आ रही थी कि हार्ट अटैक सिर्फ उम्रदराज लोगों को ही होता है लेकिन आजकल तो कम उम्र के लोगों में भी ये आम बात हो गई है।
डॉ सिंघानिया का मानना है कि हार्ट अटैक आने से पहले ही इसके लक्षण दिखने लगते हैं जो कि पुरूष और महिला दोनों में ही अलग-अलग होते हैं। ऐसे में समय रहते इसके लक्षणों को पहचानें और आवश्यक कदम उठाने की आवश्यकता है।डॉ सिंघानिया ने महिलाओं में होने वालें हार्ट अटैक के बारे में बताते हुआ खा कि एक अध्ययन से पता चला है कि लगभग 42 % महिलाएं जिन्हें हार्ट अटैक आया उन्हें सांस लेने में परेशानी की समस्या का सामना करना पड़ता है। हालांकि पुरुषों में भी यह लक्षण होता है परंतु महिलाओं में सीने में दर्द हुए बिना सासं लेने में परेशानी जैसी समस्या का सामना करना पड़ सकता है।
delhincrnews.in reporter

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