राष्ट्रीय पोषाहार माह के तहत गुरूग्राम जिला के अर्जुन नगर स्थित राजकीय विद्यालय तथा कार्टरपुरी स्थित आंगनवाड़ी केन्द्र से महिलाओं एवं बच्चों को पोषण माह के बारे में जागरुक करने के लिए जागरूकता रैली निकाली गई। इस रैली में आंगनवाड़ी वर्करों व स्कूली बच्चों ने अपने हाथों में पोषण व स्वच्छता संबंधी स्लोगन लिखी हुई पट्टियां व बैनर के माध्यम से लोगों को जागरुक किया।
पोषण जागरुकता रैली में बतौर मुख्य अतिथि महिला एवं बाल विकास विभाग की सीडीपीओ नेहा ने अर्जुन नगर से निकाली गई रैली में स्वयं भाग लेते हुए लोगों को पोषण माह के महत्व के बारे में जागरूक किया। इस रैली में ‘पोषण अभियान को जन जन तक पहुचाना‘, हरियाणा को कुपोषण मुक्त बनाना है‘, ‘सही पोषण देश रोशन‘, ‘हर नवजात शिशु और बच्चों को दे पौष्टिक आहार, जिससे उसके स्वास्थ्य में आए सुधार‘, ‘सफाई को अपनाना है, देश को स्वच्छ बनाना है‘, ‘हम सबकी है जिम्मेदारी, साफ सुथरी हो धरती हमारी‘, ‘गांव-गांव शहर-शहर, स्वच्छता की यही लहर‘ आदि नारे लगा कर ग्रामीणों विशेष तौर से गर्भवती महिलाओं व बच्चों को स्वच्छता व पोषण युक्त भोजन बारे में जागरुक किया गया। इस रैली में राजकीय विद्यालय की अध्यापकों सहित लगभग 180 लड़कियों ने भाग लिया। इस रैली से अर्जुन नगर व आस पास के तीन किलोमीटर के क्षेत्र को कवर किया गया।
सीडीपीओ नेहा ने बताया कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व महिला एवं बाल विकास विभाग हरियाणा के दिशा निर्देशानुसार द्वारा बच्चों व गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य एवं जन हित को ध्यान में रखते हुए राष्ट्रीय पोषाहार सप्ताह का विस्तार करके इसे राष्ट्रीय पोषाहार माह के रुप में मनाने एवं चालू माह में इसे जन आंदोलन बनाने का आह्वान किया है।
उन्होंने बताया कि स्वच्छता एवं स्वास्थ्य का पोषण से सीधा संबंध है। इसलिए आंगनवाड़ी वर्कर, आशा वर्कर, एएनएम, गर्भवती महिलाओं एवं बच्चों को पोषाहार माह की सफलता के लिए जी जान से जुटे और इसे जन आंदोलन का रुप देकर सफल बनाएं। उन्होंने कहा कि यह बड़ी चुनौती है लेकिन इस चुनौती का सामना करते हुए हर घर पोषण त्योहार के रुप में इसे मनाएं और लोगों को संतुलित आहार के बारे में जागरुक करें।
उन्होंने बताया कि कुपोषण से भी बच्चों में कमजोरी व खून की कमी हो जाती है। पोषण के महत्ता के बारे में उन्होंने कहा कि खाना खाने से पहले और खाना खाने के बाद हाथ धोएं। उन्होंने कहा कि पूरे देश में चल रहे इस राष्ट्रीय पोषाहार माह की सफलता के लिए लोगों के विचारों को बदलने की जरुरत है और इसमें आंगनवाड़ी वर्करों, एएनएम, आशा वर्करों का अग्रणी भूमिका के रुप में सहयोग व योगदान अति महत्वपूर्ण है।
उन्होंने बताया कि बच्चों में कम वजन की समस्या भी नहीं आनी चाहिए। गर्भवती महिलाओं को गर्भावस्था में संतुलित आहार देने के प्रति उनको जागरुक करें ताकि पैदा होने वाले बच्चों का शारीरिक, मानसिक व बौद्धिक विकास संभव हो। उन्होंने कहा कि दूर दराज के इलाकों में भी इस अभियान को सफल बनाने के लिए लोग आगे आकर अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि अगर बचपन कमजोर होगा तो देश का विकास संभव नहीं, अगर आदमी स्वस्थ होगा तो देश का भविष्य उज्जवल है।
Sandeep Siddhartha, Senior Reporter, delhincrnews.in 

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