राष्ट्रीय अपै्रंटिसशिप प्रोमोसन स्कीम के तहत आज अतिरिक्त उपायुक्त मनीष शर्मा की अध्यक्षता में बैठक का आयोजन किया गया जिसमें उन्होंने सभी सरकारी विभागों के अधिकारियों से कहा कि गुरुग्राम जिला मंे यदि आईटीआई पास अपै्रंटिस नहीं मिल रहे हो तो दूसरे जिलों के बच्चों को रख लें और यह ध्यान रखें कि अपै्रंटिसशिप में रखा जाने वाला बच्चा हरियाणा वासी  हो तथा उसने हरियाणा से ही आईटीआई कर रखी हो।
शर्मा ने कहा कि युवाओं विशेषकर आईटीआई पास को रोजगार दिलाने में राष्ट्रीय अपंै्रटिसशिप प्रोमोसन स्कीम काफी कारगर सिद्ध हो रही है। उन्होंने बताया कि इस स्कीम के तहत अपै्रंटिसशिप पर रखे जाने वाले व्यक्ति को हरियाणा सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम मेहनताना 8,922 रूपए प्रतिमाह का 70 प्रतिशत, 80 प्रतिशत अथवा 90 प्रतिशत मेहनताना दिया जाता है। उन्होंने बताया कि मैट्रिक पास आईटीआई कर रहे विद्यार्थी को यदि अपै्रंटिसशिप पर रखा जाता है तो उसे मिनीमम वेजिज का 70 प्रतिशत मेहनताना  मिलेगा और यदि विद्यार्थी ने एक साल का आईटीआई कोर्स पूरा करने पर उसे रखा जाता है तो उसे 80 प्रतिशत मेहनताना मिलेगा। दो साल का आईटीआई कोर्स करने पर रखे जाने वाले व्यक्ति को मिनिमम वेजिज की 90 प्रतिशत राशि मेहनताना केे रूप में दी जाती है। इसके साथ उन्होंने बताया कि हर विभाग को 1,500 रूपए प्रति अपै्रंटिस वापिस मिलेंगे , जिसके लिए वे आईटीआई के प्रिंसिपल के पास फार्म भरकर जमा करवाएं। यह राशि केंद्र सरकार द्वारा दी जा रही है।
उन्होंने बताया कि सरकार की योजना के अनुसार सरकारी विभागों को भी अपनी वर्किंग मैन पाॅवर के ढाई से 10 प्रतिशत पद आईटीआई पास अपै्रंटिस से भरने अनिवार्य हैं। गुरुग्राम आईटीआई के प्रिंसिपल भीम सिंह ने बताया कि जिला में अभी तक सरकारी विभागों में 590 अपंै्रटिस रखे गए हैं और कुल पद 1,139 हैं। इस लिहाज से अभी विभागों में और रिक्तियां हैं जिन्हें अपै्रंटिसशिप से भरा जा सकता है। सरकारी विभागों में मुख्य रूप से कंप्युटर आॅप्रेटर प्रोग्राम असिस्टेंट (कोपा) की मांग है परंतु इस टेªड में आईटीआई पास अभी गुरुग्राम जिला में नहीं मिल रहे। अतिरिक्त उपायुक्त ने इस पर कहा कि इस जिला में नहीं है तो प्रदेश के दूसरे जिलों से आईटीआई विद्यार्थियों को रख सकते हैं।
delhincrnews.in reporter

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