गुरूग्राम जिला में १५  अगस्त स्वतंत्रता दिवस से आयुष्मान भारत योजना शुरू होने जा रही है जिसके तहत भूमिहीन किसानों, गरीब, वंचित वर्ग तथा जरूरतमंद परिवारों को पांच लाख रूपए तक की कैशलैश स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी। इस योजना का शुभारंभ राष्ट्रीय स्तर पर १५ अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करने जा रहे हैं। योजना को गुरुग्राम जिला में सुचारू रूप से लागू करने के लिए उपायुक्त विनय प्रताप सिंह ने जिला के प्राईवेट अस्पतालों के प्रतिनिधियों की बैठक बुलाकर उनसे इस योजना के अंतर्गत स्वयं को इम्पैनल करवाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि गुरूग्राम जिला में लगभग ९० हजार परिवार इस योजना के दायरे में आएंगे, जिसका मतलब है कि लगभग साढे चार लाख लोगों को सरकार की इस योजना का लाभ मिलने जा रहा है। उन्होंने कहा कि चूंकि योजना का राष्ट्रीय लांच १५ अगस्त को हो रहा है इसलिए अस्पतालों को चाहिए कि वे उससे पहले स्वास्थ्य मंत्रालय के पोर्टल पर इम्पैनलमेंट के लिए आवेदन करें। इस कार्य में कहीं कोई कठिनाई आ रही हो तो उन्हें बताएं। उपायुक्त ने कहा कि आयुष्मान योजना के बारे में विस्तार से जानकारी सिविल सर्जन डा गुलशन अरोड़ा से प्राप्त की जा सकती है।
इस मौके पर सिविल सर्जन डा गुलशन अरोड़ा ने बताया कि आयुष्मान योजना के लाभार्थियों के चयन के लिए सामाजिक आर्थिक जाति जनगणना को आधार बनाया गया है। लाभार्थी परिवार को अस्पताल में दाखिल होकर ईलाज करवाने पर पांच लाख रूपए तक कैशलैस ईलाज की सुविधा मिलेगी। उन्होंने बताया कि भारत सरकार ने इस योजना में विभिन्न प्रकार के १,३५० ट्रीटमेंट पैकेज दिए हैं। इसमें अलग-अलग श्रेणी के अस्पतालों के लिए सुविधाओं के हिसाब से पैकेजों का निर्धारण किया गया है। उन्होंने बताया कि कोई भी अस्पताल जिसमें १० बैड की सुविधा है, वह इम्पैनलमेंट के लिए आवेदन कर सकता है। सर्जिकल इंडोर सुविधा वाले अस्पतालों के मामले में इम्पैनलमेंट के लिए १५ बैड की शर्त रखी गई है जबकि आंख और कान आदि के अस्पतालों को इस शर्त में छूट दी गई है। उन्होंने बताया कि इम्पैनलमेंट के लिए जरूरी कराईटेरिया यह है कि उसमें विशेषज्ञों की सेवाएं २४ घंटे उपलब्ध हों चाहे वे फोन कॉल पर बुलाए जाते हों। इसी प्रकार अस्पताल के पास सप्पोर्ट सिस्टम जैसे ब्लैड बैंक, डायलिसिस, फार्मेसी, एंबुलैंस आदि की सुविधा भी होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि आयुष्मान भारत योजना के तहत जिन मरीजो का ईलाज किसी भी इम्पैनल्ड अस्पताल में होता है तो उसके लिए उसका रिकार्ड भी रखना जरूरी है। अस्पताल को अपने परिसर में सार्वजनिक स्थान पर यह प्रदर्शित करना होगा कि  उनके यहां पर आयुष्मान भारत योजना के तहत स्वास्थ्य सुविधाएं प्राप्त करने के लिए नोडल अधिकारी से कहां संपर्क करना है।
सिविल सर्जन ने बताया कि इम्पैनलयुक्त अस्पताल को इस योजना के लाभार्थियों के लिए अपने यहां एक कियोस्क अथवा हैल्प डैस्क बनाना होगा तथा एक नोडल अधिकारी नियुक्त करना होगा जो लाभार्थियों तथा अस्पताल के बीच कोर्डिनेशन का काम करेगा। उन्होंने बताया कि सुपर स्पेशियलिटी वाले अस्पताल एक या अधिक स्पेशियलिटी के लिए स्वयं को इम्पैनल करवा सकते हैं। सिविल सर्जन के अनुसार आवेदन करने वाले अस्पतालों का डिस्ट्रिक्ट इम्पैनलमेंट कमेटी (डीईसी) फिजिकल वैरिफिकेशन करेगी कि उसके यहां वे सभी आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं हैं कि नहीं, जोकि नियम अनुसार होनी चाहिए। इसके बाद डीईसी द्वारा अपनी रिपोर्ट स्टेट इम्पैनलमेंट कमेटी (एसईसी)को भेजी जाएगी, जो आवेदन को मंजूर या रिजैक्ट करेगी। हालांकि यदि अस्पताल में सुविधाओं में कोई कमी है तो उसे पूरा करने के लिए समय भी दिया जाएगा। इम्पैनल होने के बाद अस्पताल द्वारा सरकार के साथ अग्रीमेंट पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। गुरूग्राम जिला में आयुष्मान भारत योजना के लिए उप सिविल सर्जन डा सुनीता राठी को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।
इस अवसर पर नगराधीश मनीषा शर्मा तथा वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डा एम पी सिंह भी उपस्थित थे।
Sandeep Siddhartha, Senior Reporter, delhincrnews.in 

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