सुबह ही सड़क किनारे खड़े रेहड़ी दुकानदार की तराजू पुलिस कर्मचारी ने उस समय उठा ली जब द्रोण रेहड़ी पटड़ी फेरी कमेटी के महासचिव राजेन्द्र सिंह सरोहा हरियाणा रोडवेज के हड़ताल से लौट रहे थे। राजेन्द्र सिंह सरोहा ने जब पुलिस कर्मचारियों से पूछा कि यह रेहडी वाला सड़क से दूर है फिर भी आप तराजू क्यों उठा रहे हो ? पुलिसकर्मियों ने कहा कि आपको क्या मतलब, बड़ी मशक्कत के बाद दोनों ट्रैफिक पुलिस कर्मियों ने भीड़ बढ़ने के चलते तराजू वापिस दुकानदार को देते हुए धमकाया कि बाद में देख लूंगा।
इस प्रकार सरोहा ने प्रेस को जारी बयान में देशभर में परिवहन कर्मियों की सड़क सुरक्षा के नाम पर परिवहन के क्षेत्र में लगे लोगों के अधिकारों पर कुठाराघात व देश के परिवहन को पूंजीपतियों के हवाले करने की सत्यानाशी नीति के खिलाफ देशव्यापी हड़ताल का भी समर्थन करते हुए शहर के मोर चौक, अग्रवाल धर्मशाला, अग्रसेन चौक,महावीर चौक होते हुए रोडवेज के वर्कशाप पर बैठे हड़ताली कर्मचारियों का हौंसला बढ़ाया। हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों को सम्बोधित करते हुए कमेटी के प्रधान योगेश कुमार ने कहा कि एक तरफ सरकार कर्मचारियों को बड़ी बड़ी इज़ारेदार पूंजी को अप्रत्यक्ष रूप से फायदा पहुंचाने की सत्यानाशी नीतियों को लागू करके तंग करने पर उतारू हो गई है दूसरी तरफ अपने अपनेकाम धन्धे करके परिवार पाल रहे रेहड़ी दुकानदारों को अतिक्रमण के नाम पर उजाड़कर बड़े बड़े कारपोरेट घरानों को खुदरा बाजार में उतारने की षड्यन्त्रकारी नीतियों को लागू करके देश के बेरोजगारों को गुलामी की ओर धकेलने पर लगी हुई है।
उन्होंने कहा कि मोदी जी रोजगार के नाम पर पकौड़े बेचने के काम को अच्छा रोजगार मानते हैं लेकिन गुड़गांव में उनकी नाक के नीचे पकौड़े बेचने वाले 23 दिन से मण्डलायुक्त के कैम्प कार्यालय पर दिन रात लगातार गर्मी और बरसात के बावजूद पड़ाव डालकर न्याय की मांग कर रहे हैं। योगेश कुमार ने आगामी आंदोलन का आह्वान करते हुए एलान किया कि यदि प्रशासन ने रेहड़ी विक्रेताओं को इसी प्रकार सड़क पर बैठने को मजबूर किया तो 9 अगस्त को विधायक उमेश अग्रवाल का पुतला फूंका जायेगा और  सैंकड़ो रेहडी विक्रेताओ को जेल भरो आंदोलन में उतरने पर मजबूर होना पड़ेगा।
delhincrnews.in reporter

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