गुरुग्राम की नगराधीश मनीषा शर्मा ने कहा कि अधिकारी सीएम विंडो पर लंबित शिकायतों का तत्परता से समाधान करे और इसे गंभीरता से लेते हुए इसका समयबद्ध तरीके से निपटारा करें। उन्होंने सभी कार्यालय प्रमुखों को सीएम विंडो पर लंबित शिकायतों का निपटारा करने के लिए एक सप्ताह का समय दिया। उन्होंने कहा कि यदि अधिकारी इस निर्धारित समयावधि में भी शिकायतों का निपटारा नही करते है तो उनकी जिम्मदारी तय कर उनके खिलाफ प्रशासनिक कार्यवाही की जाएगी। नगराधीश ने बैठक में अनुपस्थित रहें अधिकारियों को कारण बताओं नोटिस जारी करने के निर्देश  भी दिए।
नगराधीश ने कहा कि सीएम विंडो पर लंबित शिकायतों को अब तक मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव डा. राकेश गुप्ता द्वारा रिव्यू किया जाता रहा है लेकिन अब 23 अगस्त को हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से सीएम विंडो पर प्राप्त शिकायतों पर हुई कार्यवाही की समीक्षा करेंगे, जिसमें ज्यादा समय से लंबित शिकायत के मामले में संबंधित अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्यवाही हो सकती है।
इससे पहले, इन शिकायतों की समीक्षा गुरूग्राम के उपायुक्त विनय प्रताप सिंह 14 अगस्त को करेंगे, इसलिए अधिकारी इससे पूर्व इन समस्याओं के निवारण के लिए कार्यवाही करना सुनिश्चित करें।  उन्होंने कहा कि सीएम विंडो पर विभागों की लंबित शिकायतों की मुख्यमंत्री द्वारा स्वयं समीक्षा करना इसके महत्व को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि जिन विभागों की शिकायतें लंबे समय से सीएम विंडो पर पैंडिंग हैं, वे इनके समाधान के लिए आवश्यक कार्यवाही करें और जल्द से जल्द एक्शन टेकन रिपोर्ट अपलोड करें।
उन्होंने कहा कि सीएम विंडो की शुरूआत मुख्यमंत्री द्वारा इसलिए की गई थी ताकि लोगों की समस्याओं का तत्परता से समाधान किया जा सके। प्रत्येक विभाग यह प्रयास करे कि वह सीएम विंडो पर प्राप्त होने वाली शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निपटारा और यदि इसमें उन्हें किसी प्रकार की कोई परेशानी आती है तो उसके बारे में तुरंत उच्चाधिकारियों को सूचित करें ताकि उसका समय रहते समाधान निकाला जा सके। उन्होंने कहा कि सीएम विंडो के मामले मे लापरवाही कतई बर्दाश्त नही की जाएगी और ऐसा पाए जाने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ प्रशासनिक कार्यवाही की जाएगी। बैठक मे नगराधीश ने सभी विभागों की सीएम विंडो पर लंबित शिकायतों का एक-एक करके रिव्यु किया और उन्हें आवश्यक दिशा निर्देश दिये।
उन्होंने कहा कि सीएम विंडो पर आने वाली शिकायतों को लेकर मुख्यमंत्री कई बार स्वयं शिकायतकर्ता से रेंडम फोन करके भी उनसे उनकी संतुष्टि के बारे में जानकारी हासिल करते हैं, इससे पता चलता है कि वे सीएम विंडो को लेकर कितना गंभीर हैं। अतः इस मामले में केवल कागजी कार्यवाही तक ही सीमित ना रहें बल्कि शिकायतकर्ता की संतुष्टि का भी ध्यान रखें। उन्होंने कहा कि सीएम विंडो की शुरूआत इसलिए की गई है ताकि लोगों को अपनी समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री तक शिकायत पहुंचाने के लिए चंडीगढ़ ना जाना पड़े और उन्हें जिला स्तर पर ही मुख्यमंत्री तक अपनी समस्या पहुंचाने का एक प्लेटफार्म मिल जाए।
उन्होंने कहा कि कार्यालय प्रमुखों को चाहिए कि वे शिकायत के अपलोड होते ही उसके समाधान के लिए प्रयास शुरू कर दें और जल्द ही एक्शन टेकन रिपोर्ट अपलोड करें। उन्होंने कहा कि जिला उपायुक्त विनय प्रताप सिंह 14 अगस्त को सीएम विंडो पर लंबित शिकायतों की समीक्षा करेंगे इसलिए वे समय रहते आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करे।
बैठक में नगराधीश के साथ मुख्यमंत्री के सुशासन सहयोगी वैभव लिमये भी उपस्थित थे।
Sandeep Siddhartha, Senior Reporter, delhincrnews.in 

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