गुरूग्राम के उपायुक्त विनय प्रताप सिंह ने कहा कि समय चक्र तेजी से बदल रहा है इसलिए जरूरी है कि युवा बदलते समय की मांग के अनुसार स्वयं में नई स्किल्स उत्पन करें और देश की प्रगति में अपना योगदान दें । युवा और कौशल एक दूसरे के पर्यायवाची हैं इसलिए युवाओं को चाहिए कि वे बदलते  समय के चक्र को पहचान कर नई-नई तकनीकों व आइडियाज के साथ काम करें।
उपायुक्त गुरुग्राम के राजकीय महिला महाविद्यालय, सेक्टर-14 में विश्व युवा कौशल दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मानव सभ्यता और कौशल का पुराना रिश्ता है। उन्होंने राखीगढ़ी में खुदाई के दौरान मिले पत्थरों व अन्य धातुओं के अवशेषों का उदाहरण देते हुए कहा कि उन औज़ारों को देखकर ऐसा प्रतीत होता है कि उनका प्रयोग पहले के लोग शायद शिकार करने के लिए करते थे । उन्होंने कहा कि पुराने समय में भी कौशल का महत्व था और आज 21वीं सदी में कौशल का महत्व अपेक्षाकृत अधिक हो गया है ।उन्होंने कहा कि गुरुग्राम जिसे गुरु द्रोण की नगरी भी कहा जाता है यहां भी आदिकाल में कौशल विकास का एक गुरुकुल हुआ करता था जहां गुरु द्रोण ने अपने शिष्यों को कौशल विकास के हुनर सिखाए।
उन्होंने एकलव्य, अर्जुन तथा भीम आदि का उदाहरण दिया और कौशल के महत्व को समझाया । उपायुक्त ने कहा कि युवा को नए स्किल्स विकसित करनी चाहिए और बदलते समय की मांग के अनुसार स्वयं को तैयार करना चाहिए। उन्होंने कार्यक्रम में इजराइल देश का भी उदाहरण देते हुए कौशल विकास के महत्व के बारे में बताया । उपायुक्त ने कहा कि समय चक्र के साथ साथ हमें युवाओं में नई-नई तकनीकों व कौशल को विकसित करना होगा । उन्होंने कहा कि यह हमारी जिम्मेदारी है कि हम भारत की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए कौशल विकास करें । उपायुक्त ने कहा कि आज बदलते समय में नए नए उद्योग व कंपनियां बाजार की मांग के अनुसार अपने प्रोडक्ट में बदलाव करती है ताकि नई तकनीकों के माध्यम से लोगों को आकर्षित किया जा सके।
उन्होंने कहा कि आज भारत दुनिया में जीडीपी में चौथे स्थान पर आ गया है जो कि हमारे लिए गर्व की बात है । उपायुक्त ने कहा कि विश्व युवा कौशल दिवस मनाए जाने का निर्णय वर्ष 2015 में युएन ने यूनेस्को के माध्यम से लिया था ताकि युवाओं में कौशल विकास किया जा सके। आज हमारा यह उत्तर दायित्व बनता है कि हम बदलते समय चक्र के साथ आगे बढ़ें और नई-नई तकनीकों और बिजनेस मॉडल के स्किल्स को समझें। उन्होंने आए प्रिंसिपलों व अध्यापकों का भी आव्हान करते हुए कहा कि वे नए-नए बिजनेस मॉडल स्किल्स को स्वयं समझें और विद्यार्थियों के साथ आइडियाज़ को शेयर करें। उन्होंने कहा कि हमारे देश को आगे ले जाने में युवाओं की भागीदारी बहुत अधिक है और आज पूरी दुनिया की नजऱ भारत पर आकर रुक गई है। आज भारत जीडीपी में विकसित देशों की श्रेणी में चौथे पायदान पर है । उन्होंने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि वे नई-नई तकनीकों, कौशल व बिजनेस मॉडल को समझते हुए आगे बढ़े और देश की प्रगति में अपना योगदान दें।
कार्यक्रम में उपायुक्त ने विभिन्न आईटीआई संस्थानों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। इस प्रदर्शनी में युवाओं द्वारा कौशल विकास के मॉडल तैयार किए गए थे जिसे उपायुक्त अत्यधिक प्रभावित हुए और उन्होंने आईटीआई प्रिंसिपलों ने कहा कि वे उद्योगों से सामंजस्य स्थापित करें ताकि युवाओं के नए-नए आइडियाज व डिजाइनो को उद्योगो तक पहुंचाया जा सके । इस अवसर पर कार्यक्रम में युवाओं द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रमों की भी प्रस्तुति दी गई।  कार्यक्रम की शुरुआत उपायुक्त ने दीप प्रज्वलन के साथ की। कार्यक्रम में अप्रैंटिस फेयर भी लगाया गया था जिसमे 30 औद्योगिक ईकाईयों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
उपायुक्त से पूर्व हरियाणा विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय के कुलपति राज नेहरू ने भी अपने विचार रखे और कहा कि भारत कुशलता के असीम चरण पर रहा है । उन्होंने कहा कि केवल किताबी ज्ञान ही काफी नहीं है बल्कि आज युवाओं को समय के अनुसार कौशल विकसित करने की भी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि हरियाणा विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय में युवा पढ़ाई के साथ-साथ डिप्लोमा, डिग्री  व पीजी कोर्सेज भी कर सकते हैं। यह विश्वविद्यालय ड्यूअल मोड पर काम करेगा जहां विद्यार्थियों को थ्योरी के साथ साथ प्रैक्टिकल नॉलेज भी दी जाएगी। उन्होंने कहा कि रशिया में आयोजित होने वाली वल्र्ड स्किल कंपटीशन में भाग लेने के लिए पिछले दिनों आयोजित नेशनल लेवल की प्रतियोगिता जिसमें 12 राज्यों ने भाग लिया था उसने हरियाणा दूसरे स्थान पर रहा है। अब हरियाणा खेलों में ही नहीं कौशल विकास में भी लगातार तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि हुनर है तो कदर है, और हुनर को जीतने के लिए श्रम व परिश्रम की आवश्यकता है परिश्रम से परिणाम और परिणाम से देश और राज्य को एक नई दिशा मिलती है।
कार्यक्रम में उपायुक्त ने कौशल भारत कुशल भारत पर एक जागरूकता रैली को भी हरी झंडी दिखाक रवाना किया। आज आयोजित प्रदर्शनी में विभिन्न आईटीआई कॉलेजों द्वारा 15 मॉडल तैयार किए गए थे जिनका उपायुक्त ने अवलोकन किया और विद्यार्थियों का मनोबल बढ़ाया। इसके अलावा, आज कालेजो के विद्यार्थियों की स्लोगन लेखन, पेंटिंग तथा मेहंदी प्रतियोगिताएं भी आयोजित की गई थी जिन के विजेता प्रतिभागियों को आज कार्यक्रम में सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में  जिला परिषद की मुख्य कार्यकारी अधिकारी चिनार चहल, आईटीआई बॉयज के प्रिंसिपल रविंदर सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
Sandeep Siddhartha, Senior Reporter, delhincrnews.in 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here