विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर स्वास्थ्य विभाग, गुरुग्राम द्वारा जनसंख्या स्थिरता पखवाड़ा मनाना शुरू किया गया जिसमें हरियाणा के लोक निर्माण मंत्री राव नरबीर सिंह ने मुख्य अतिथि के तौर पर शिरकत की। यह पखवाड़ा 25 जुलाई तक मनाया जाएगा।
यह कार्यक्रम गुरुग्राम के सैक्टर-9 स्थित एस एन सिद्धेश्वर स्कूल में आयोजित किया गया था। इस बार विश्व जनसंख्या दिवस का थीम संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा ‘फैमिली प्लानिंग इज़ ह्यूमन राइट’ रखा गया। कार्यक्रम का शुभारंभ लोक निर्माण मंत्री ने दीप प्रज्जवलन से किया। इस अवसर पर स्कूल की छात्राओं ने ‘हे शारदे मां’ नामक गीत प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में लोक निर्माण मंत्री ने अपने विचार रखते हुए कहा कि आज देश में बढ़ती जनसंख्या चिंता का विषय है।
उन्होंने कहा कि जुलाई-1989 में विश्व जनसंख्या दिवस को मनाए जाने की ऐतिहासिक शुरूआत की गई ताकि लोगों तक जनसंख्या वृद्धि के फायदों व नुकसान के बारे में जानकारी पहुंच सके। उन्होंने कहा कि आज हिंदुस्तान में जनसंख्या अपेक्षाकृत अधिक तेजी से बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि जनसंख्या तथा पर्यावरण एक दूसरे से जुड़े हुए है, क्योंकि बढ़ती जनसंख्या के कारण पर्यावरण में प्रदूषण भी उतनी ही तेजी से बढ़ रहा है। अगर जनसंख्या अधिक होगी तो उन्हें उतना ही इन्फ्रास्ट्रक्चर जैसे सडक़े, पानी, सीवेज , बिजली की भी जरूरत पड़ेगी। उन्होंने कहा कि आज दुनिया की 20 प्रतिशत आबादी अकेले हिंदुस्तान में रहती है। उन्होंने कहा कि आज अकेले हरियाणा की आबादी 2 करोड़ 60 लाख तक पहुंच गई है। जनसंख्या वृद्धि को रोकने के लिए जरूरी है आम नागरिकों में जागरूकता फैले।
पर्यावरण संरक्षण पर बोलते हुए मंत्री ने कहा कि गुरुग्राम जिला में लोगों की आबादी अधिक होने के कारण यहां प्रदूषण का स्तर दिन-प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। पिछले दिनों गुरुग्राम में प्रदूषण का स्तर इतना अधिक हो गया कि स्कूलों तक की छुट्टी करनी पड़ी। आज पर्यावरण संरक्षण के लिए लोगों की भागीदारी अत्यंत आवश्यक है। यदि समाज में प्रत्येक व्यक्ति पर्यावरण के प्रति अपने उत्तरदायित्वों को समझे तो प्रदूषण के स्तर को कम किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि जुलाई व अगस्त माह पौधारोपण के लिए सबसे अनुकूल समय होता है, इसलिए हमें इन दो महीनों के दौरान अधिक से अधिक पेड़ लगाने चाहिए। उन्होंने समाज में प्रत्येक व्यक्ति का कम से कम दो पेड़ लगाने के लिए आह्वान किया।
कार्यक्रम में सिविल सर्जन डा. गुलशन राय अरोड़ा ने कहा कि  बढ़ती जनसंख्या के अच्छे बुरे परिणामों की जानकारी आम जनता को देने के लिए विश्व जनसंख्या दिवस मनाया जाता है। उन्होंने बताया कि  वर्ष-2050 तक विश्व की जनसंख्या 9 अरब से अधिक होने का अनुमान है। विश्व की 37 प्रतिशत जनसंख्या भारत व चीन में रहती है और वर्ष 2024 तक भारत की जनसंख्या चीन से अधिक होने का अनुमान है। उन्होंने यूरोप का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां जनसंख्या तेजी से घट रही है। उन्होंने बताया कि भारत की कुल आबादी 1.34 अरब है जोकि विश्व की कुल आबादी का 1/6 भाग है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्र मों का उद्देश्य जनसाधारण को परिवार नियोजन के प्रभावी उपायों के बारे में जानकारी देना है।
कार्यक्रम में उप सिविल सर्जन डा. सरयू शर्मा ने कहा कि जनसंख्या को संतुलित करने के लिए जरूरी है कि कुल प्रजनन दर को स्थिर किया जाए। उन्होंने बताया कि एक अध्ययन के अनुसार कुल प्रजनन दर को 2.1 तक लाना जरूरी है जबकि वर्तमान में देश की कुल प्रजनन दर 2.5 है। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित आशा वर्करों को संबोधित करते हुए कहा कि वे जनसंख्या को कम करने के लिए स्वास्थ्य विभाग के स्तंभ के रूप में काम कर रही हैं। उन्होंने कहा कि आशा वर्कर तथा एएनएम लोगों को परिवार नियोजन के बारे में अधिक से अधिक जागरूक करें। कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग की शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों की 3-3 आशा वर्करों को प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित भी किया गया जिनमें नीतू, सुमित्रा, गीता, सोनिया, आरती देवी तथा चंद्रप्रभा शामिल थी।
इस अवसर पर प्रधान चिकित्सा अधिकारी डा. बह्मदीप संधु, उप-सिविल सर्जन डा. नीलम थापर, डा. सरयू शर्मा , जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डा. एम पी सिंह सहित कई गणमान्य व्यक्ति व अधिकारीगण उपस्थित थे।
Sandeep Siddhartha, Senior Reporter, delhincrnews.in

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