केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री राधामोहन सिंह ने कहा कि किसानों की आमदनी बढ़ाने में न्यूनतम समर्थन मूल्य की बड़ी भूमिका है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने खरीफ फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य में लागत की तुलना में डेढ़ गुणा वृद्धि करके किसानों को बहुत बड़ा उपहार दिया है क्योंकि वे मानते हैं कि राज खजाने पर पहला हक किसानों का है।
राधामोहन सिंह गुरुग्राम के लोक निर्माण विश्राम गृह में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उनके साथ हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ भी थे। राधामोहन सिंह ने कहा कि 2004 में राष्ट्रीय किसान आयोग का गठन किया गया था जिसके अध्यक्ष एम एस स्वामीनाथन थे। इस आयोग की अंतिम रिपोर्ट 2006 में प्रस्तुत की गई थी। इन रिपोर्टो में अधिक तेज तथा अधिक समावेशी विकास की प्राप्ति के लिए उपाय सुझाए गए थे। केन्द्रीय कृषि मंत्री ने कांग्रेस पार्टी पर इस रिपोर्ट को दबाए रखने का आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस ने सन् 2006 से 2014 तक इस पर कोई कार्यवाही नही की और  केवल किसान और गरीब का कल्याण करने के बारे में बयान देते रहे। वे दिन भर किसान हित की बात करते रहे और शाम ढलते ही स्व: हित में लग जाते।
उन्होंने कांगेे्रस पर यह भी आरोप लगाया कि उनके शासनकाल में धान और गेंहू को छोडक़र अन्य फसलों की खरीददारी नही की जाती थी। राधामोहन सिंह ने कहा कि हमने दलहन, बाजरा, सूरजमुखी आदि की भी खरीद करवाई। उन्होंने बताया कि  केन्द्र सरकार ने खरीफ फसलों की न्यूनतम समर्थन मूल्य में कुल लागत का डेढ़ गुण कर दिया है। सर्वाधिक 97 प्रतिशत वृद्धि बाजरा के समर्थन मूल्य में की गई है। उन्होंने कहा कि जब इन फसलों का मूल्य घोषित समर्थन मूल्य से नीचे आएगा तो अंतर किसान को मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि जो स्वामीनाथन आयोग ने कहा था, हमने उससे भी बेहतर किया है। उदाहरण देते हुए राधामोहन सिंह ने बताया कि वर्तमान भाजपा सरकार ने मॉडल एग्रीकल्चर लैंड लीजिंग एक्ट 2016 में लागू किया और 2018 में मॉडल कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग एंड सर्विस एक्ट लागू किया है जिसके बाद हरियाणा के सोनीपत तथा आसपास के किसान तो सीधे दिल्ली में अपने उत्पाद बेच सकेंगे। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय किसान आयोग द्वारा सुझाए गए 10 सुधार हमने लागू कर दिए हैं। इनमे से तीन सुधार वर्ष-2016 में तथा 7 सुधार 2017 में लागू किए गए। इनमें जैविक खेती के विकास के लिए तथा शिक्षा व रिसर्च के क्षेत्र के सुझाव थे।
राधामोहन सिंह ने बताया कि यूरिया के दुरप्योग को रोकने के लिए नीम कोटिड यूरिया का उत्पादन शुरू करवाया और अब किसानों को आसानी से यूरिया खाद मिल रही है। एक सवाल के जवाब में केन्द्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि जल संकट हमारी सबसे बड़ी चुनौती है, इसलिए हम माइक्रो इरीगेशन की ओर किसानों को ले जा रहे हैं। उन्होंने ये भी बताया कि वर्तमान फसली ऋण भी वर्तमान सरकार के कार्यकाल में बढ़े हैं। अब लगभग 11 लाख करोड़ रूपये के फसली ऋण किसानों को दिए गए हैं जबकि पहले 8 लाख करोड़ रूपये दिए जाते थे।
इस मौके पर उपस्थित हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ ने कहा कि न्यूनतम समर्थन मूल्य में लागत की तुलना में डेढ़ गुणा बढ़ोतरी होने से किसान की जेब में पैसा आएगा। उन्होंने कहा कि मोदी राज में किसान तो आबाद हो रहा है लेकिन कांग्रेस बर्बाद हो रही है। उन्होंने कहा कि हमने किसान को ना केवल अच्छा भाव दिया बल्कि उसे जोखिम फ्री बना दिया है। श्री धनखड़ ने बताया कि किसानों के लिए जो काम चौधरी देवीलाल, चौधरी चरणसिंह, देवे गोड़ा जैसे नेता नही कर पाए वह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कर दिखाया। उन्होंने बताया कि 1,500 करोड़ रूपये अगले तीन महीने में हरियाणा के किसानों को मिलेंगे, जिसमें से 1,200 करोड़ रूपये धान और गेंहू के लिए किसानो के खातों में जाएंगे।
इस मौके पर लोक निर्माण विश्राम गृह में पहुंचने पर जिला के किसानों ने केन्द्रीय कृषि मंत्री राधामोहन सिंह तथा हरियाणा के कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ का ढोल नगाड़ो के साथ स्वागत किया और अपनी खुशी का इज़हार किया।
इस अवसर पर पटौदी की विधायक बिमला चौधरी, भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष समय सिंह भाटी , जिला अध्यक्ष संदीप राघव,फरूखनगर किसान क्लब के अध्यक्ष राव मान सिंह,  जिला मीडिया प्रभारी प्रवीण चंद्रा वशिष्ठ, भाजपा महामंत्री मनोज  शर्मा, किसान मोर्चा के महामंत्री कर्मचंद यादव, नरेश नंबरदार, कोषाध्यक्ष रामपाल यादव, संतराज बेरका, सुरेन्द्र यादव, सुखबीर मलेरना, सतीश बैसला तथा बाबूलाल छावड़ी सहित किसान मोर्चा कई पदाधिकारीगण उपस्थित थे।
Sandeep Siddhartha, Senior Reporter, delhincrnews.in 

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