इस मानसून सीजन में मच्छर जनित बीमारियों से बचाव को लेकर गुरुग्राम के उपायुक्त विनय प्रताप सिंह की अध्यक्षता में जिला स्तरीय मलेरिया वर्किं ग कमेटी की बैठक आयोजित की गई। बैठक में उपस्थित विभिन्न विभागों के अधिकारियों को डेंगू, मलेरिया व चिकनगुनिया से बचाव के लिए आवश्यक कदम उठाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
उपायुक्त विनय प्रताप सिंह की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में डेंगू व चिकनगुनिया की जांच के लिए किए जाने वाले टैस्टों के रेट भी निर्धारित किए गए और जिला के सभी अस्पतालों को हिदायत दी गई है कि वे इस निर्धारित रेट से ज्यादा नही वसूलेंगे। बैठक में बताया गया कि डेेंगू टैस्ट, एनएस1 तथा आईजीएम के लिए 600 रूपये तथा (डेंगू व चिकनगुनिया)आरटीपीसीआर के लिए 1,000 रूपये के रेट निर्धारित किए गए हैं। सभी अस्पतालों को अपने रिशेप्शन तथा लैब के बाहर इस रेट लिस्ट की प्रति चस्पा करना अनिवार्य है। इसके अलावा, डेंगू के प्लेटलैट्स के लिए भी रेट निर्धारित किए गए हैं। आरडीपी(रिजर्व प्लेटलैट्स उपलब्ध करवाने) के लिए 400 रूपये तथा एसडीपी(तत्काल में प्लेटलैट्स उपलब्ध करवाने) के लिए 11 हज़ार 500 रूपये का रेट रखा गया है। इसकी प्रति भी ब्लड बैंक के बाहर लगानी होगी  ताकि लोगों को रेट की जानकारी मिल सके।
बैठक में बायलॉजिस्ट सरोज देशवाल ने पावर प्वांइट प्रैजेंटेशन के माध्यम से सभी विभागों से अपेक्षित सहयोग के बारे में विस्तार से बताया। बायलॉजिस्ट सरोज देशवाल ने बताया कि किसी व्यक्ति को यदि मलेरिया पॉजिटीव आ जाता है तो उसे 14 दिन दवा अवश्य खानी चाहिए। उन्होंने बताया कि कूलर के घास में डेंगू का मच्छर अंडे दे देता है और उस घास को यदि निकालकर फेंक दिया जाए तो भी वह खोल बनाकर जिंदा रहेगा और अगले वर्ष बारिश के मौसम में वह खोल तोडक़र मच्छर बनकर बाहर निकल सकता है। उन्होंने बताया कि इन बिमारियों से बचाव के लिए शरीर को पूरी तरह कवर करने वाले कपड़े पहनने चाहिए क्योंकि डेंगू का मच्छर ऐडिज मादा मच्छर दिन के समय काटता है और यह मुख्य रूप से व्यक्ति के कोहनी से नीचे हाथों, घुटने से नीचे पैरों या चेहरे पर काटता है।
सिविल सर्जन डा. गुलशन अरोड़ा ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिला में जलभराव से फैलने वाली बीमारियों के लिए कंट्रोल रूम भी बनाया गया है जिसका दूरभाष नंबर-0124-2222465 है। उन्होंने बताया कि यदि कोई भी व्यक्ति, समुदाय या आरडब्ल्यूए अपने क्षेत्र में डेंगू जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करवाना चाहती है तो वह कंट्रोल रूम में संपर्क कर सकते है। उन्होंने बताया कि अब तक जिला गुरुग्राम में डेंगू के 10 संदिग्ध मामले प्राप्त हुए है जिनमें से स्वास्थ्य विभाग द्वारा किसी भी मामले की पुष्टि नही की गई है। उन्होंने बताया कि पिछले साल जिला में डेंगू के  66 मामलों की पुष्टि हुई थी। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा इन बीमारियों के बारे में लोगों को जागरूक करने तथा इनके इलाज से संबंधित सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और प्रयास है कि इस बार जिला गुरुग्राम में इस प्रकार के मामले कम से कम हो।
मलेरिया, डेंगू तथा चिकनगुनिया बीमारियों के लक्षण के बारे में जानकारी देते हुए सिविल सर्जन डा. गुलशन अरोड़ा ने बताया कि मलेरिया फैलाने वाला एनोफलिस मादा मच्छर खड़े पानी में पनपता है और वह रात को काटता है। मलेरिया की रोकथाम के लिए सभी लोगों को चाहिए कि वे या तो मच्छर पैदा ना होने दे और पैदा हो जाए तो उससे मच्छरदानी या मच्छर भगाने की क्रीम अथवा रिपैलेंट लगाकर स्वयं को बचाएं। इसी प्रकार, डेंगू फैलाने वाला एडीज़ मादा मच्छर दिन में काटता है और साफ पानी में पनपता है। यह मच्छर 200 मीटर क्षेत्र में ही रहता है जिसकी वजह से एक घर में डेंगू होने पर उसके सदस्यों व आस-पास के क्षेत्रों मे डेंगू होने का खतरा रहता है। उपायुक्त ने कहा कि चिकनगुनिया जानलेवा नहीं है, यह वायरल बुखार की तरह ही होता है जिसमें जोड़ो में दर्द होता है।
डा. अरोड़ा ने जिलावासियों से अपील करते हुए कहा कि वे सप्ताह में एक बार कूलर के पानी को पूरी तरह खाली करके उसे सुखाएं। इसी प्रकार, घर के पास टूटे हुए मटकों, गमलो, फूलदानों, टायरों आदि में पानी इक्क_ा ना होने दें। घर की छत पर पानी ना रूकने दें। उपायुक्त ने कहा कि डेंगू से बचाव का एक ही तरीका है और वह है सावधानी रखना। उन्होने कहा कि कोई भी व्यक्ति डॉक्टर की सलाह के बिना डेंगू की दवा ना ले क्योंकि यह व्यक्ति के जीवन के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। उपायुक्त ने यह भी कहा है कि सभी विद्यालयों के प्राचार्य प्रात:काल प्रार्थना सभा में बच्चों को डेंगू से बचाव के उपायों के बारे में जानकारी दें और बताएं कि वे अपने घर के अंदर तथा बाहर किसी भी तरीके से पानी इक्क_ा ना होने दें।
बैठक में नगर निगम से सीएमओ डॉ. असरूद्द्ीन, नागरिक अस्पताल सैक्टर-10 से प्रधान चिकित्सा अधिकारी डा. जयभगवान जाटयान, उप सिविल सर्जन डा. नीलम थापर, डा. एम पी सिंह,  लोक निर्माण विभाग से आर के मित्तल, जिला मैडिकल अधिकारी डा. नरेश कुमार,महिला एवं बाल विकास विभाग से कार्यक्रम अधिकारी सुनैना सहित विभिन्न विभागों के अधिकारीगण उपस्थित थे।
एमआर टीकाकरण अभियान के अंतर्गत मॉप अप राऊंड चलाया जाएगा
अब स्कूल खुलने के साथ ही गुरुग्राम जिला में एमआर का टीका लगवाने से वंचित रह गए बच्चों को कवर करने के लिए 6 जुलाई से एमआर टीकाकरण अभियान के अंतर्गत मॉप अप राऊंड चलाया जाएगा। इस मॉप अप राऊंड के तहत उन स्कूल के बच्चों का टीकाकरण किया जाएगा जिनका पहले किसी कारणवश टीकाकरण नही हो पाया। इन स्कूलों में स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा टीकाकरण के लिए पुन: बूथ लगाया जाएगा। इस बारे में स्कूलों से उनके यहां टीकाकरण से छूट गए बच्चों की सूची मांगी गई है।
-सूची प्राप्त होने के बाद स्कूलों मे टीकाकरण करने का कार्यक्रम बनाया जाएगा
 
गुरुग्राम के उपायुक्त विनय प्रताप सिंह ने इस बारे में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से बैठक की। उपायुक्त ने कहा कि जिन स्कूलों में टीकाकरण अभियान के दौरान बच्चे टीकाकरण से वंचित रह गए थे उनका टीकाकरण करवाना सुनिश्चित करें। इसके अलावा, जब भी स्कूलों में कैं प लगवाएं इसकी सूचना दो-तीन दिन पहले स्कूल प्रबंधन को दें ताकि वे अपने यहां आवश्यक इंंतजाम कर लें। उपायुक्त ने कहा कि यदि स्कूलों मे बच्चों के अभिभावक यह कहें कि बच्चों का टीकाकरण हो चुका है तो बच्चे का टीकाकरण कार्ड देखकर इस बारे में पुष्टि करें। गौरतलब है कि अब तक जिला में 9 महीने से 15 साल तक के 61 हज़ार 1,501 बच्चों का टीकाकरण किया जा चुका है जोकि निर्धारित लक्ष्य का 100 प्रतिशत है। जिला में 1,584 निजी विद्यालयों तथा 525 राजकीय विद्यालयों में टीकाकरण अभियान चलाया गया है। इसके साथ ही आऊटरीच एरिया में 3,814 बच्चों का टीकाकरण किया गयाI
-Sandeep Siddhartha, Senior Reporter, delhincrnews.in

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