श्रम विभाग द्वारा 31 जुलाई तक गैर संगठित क्षेत्रों तथा भवन निर्माण में लगे श्रमिकों का पंजीकरण करने का अभियान शुरु किया गया है। इस दौरान श्रम विभाग के अधिकारी शहर में अलग-अलग जगह शिविर लगाकर निर्माण श्रमिकों का पंजीकरण करेंगे। गुरुग्राम में इस अभियान की शुरुआत भूतेश्वर मंदिर के पास लेबर चौक से की गई जहां पर उपायुक्त विनय प्रताप सिंह ने पहुंचकर शिविर का शुभारंभ किया और कुछ श्रमिकों को अपने हाथो से पंजीकरण पासबुक भी बांटी।
इस मौके पर उपायुक्त विनय प्रताप सिंह के साथ गुरुग्राम में नियुक्त अतिरिक्त श्रम आयुक्त नरेश नरवाल भी थे। उपायुक्त ने शिविर के उद्घाटन अवसर पर वहां उपस्थित श्रमिकों से बातचीत की और उन्हें श्रमिको के लिए हरियाणा भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के माध्यम से राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं के बारे में बताया। सिंह ने श्रमिकों से यह भी कहा कि जल्द ही यहां पर श्रम विभाग द्वारा 10 रूपए पर भरपेट भोजन उपलब्ध करवाने वाली अन्तोदय आहार योजना कैंटीन की शुरुआत भी की जाएगी।  इस प्रकार की कैंटीन वर्तमान में भीम नगर में चलाई जा रही है।
इस शिविर में 43 निर्माण श्रमिकों ने अपना पंजीकरण करवाया तथा 45 श्रमिको ने पंजीकरण के लिए अपने फार्म भरकर दिए हैं लेकिन उनके साथ संलग्र किए जाने वाले दस्तावेज वे मंगलवार को  लेकर आएंगे। मंगलवार को भी इसी स्थान पर शिविर जारी रहेगा। उपायुक्त के साथ उपस्थित अतिरिक्त श्रमायुक्त नरेश नरवाल ने बताया कि राज्य सरकार गैर संगठित क्षेत्र के श्रमिकों को हरियाणा भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड की योजनओं का लाभ देना चाहती है। इसके लिए श्रमिक का बोर्ड में पंजीकरण होना अनिवार्य है। पंजीकरण के लिए श्रमिक को अपने आधार कार्ड की प्रति तथा बैंक पासबुक की प्रति आवेदन के साथ लगानी होती है तथा तीन रंगीन पासपार्ट साईज फोटो के साथ 85 रूपए की फीस अदा करनी होती है। उसके बाद पंजीकृत श्रमिक को हर साल 60 रूपए की फीस भरकर अपने पंजीकरण को रिन्यु करवाया होता है।
नरवाल ने उपायुक्त को बताया कि पंजीकृत श्रमिक को सरकार की 30 योजनाओं के तहत लाभ मिलता है। उन्होंने यह भी बताया कि पंजीकरण हेतु आवेदन विभाग की वैबसाईट पर ऑनलाईन भी किया जा सकता है। नरवाल ने बताया कि पंजीकृत श्रमिक को 36 हजार रूपए का मातृत्व लाभ, 21 हजार रूपए का पितृत्व लाभ, उसकी बेटी की शादी पर 51 हजार रूपए कन्यादान, बच्चों की शादी पर लडक़े के मामले में 21 हजार रूपए तथा लडक़ी की शादी में 50 हजार रूपए की सहायता, मुख्यमंत्री महिला श्रमिक सम्मान योजना के 5,100 रूपए वार्षिक, 3 साल में एक बार साईकिल खरीदने के लिए 3 हजार रूपए, तीन साल में औजार खरीदने के लिए 8 हजार रूपए, सिलाई मशीन खरीदने के लिए 3,500 रूपए, पैतृक घर  जाने के लिए परिवार के 5 सदस्यों को रेल व बस के वास्तविक किराए की भरपाई, 4 साल में परिवार के चार सदस्यों के लिए प्रसिद्ध धार्मिक अथवा ऐतिहासिक स्थलों का भ्रमण करने हेतु खर्च हुई राशि का भुगतान आदि सहित कई प्रकार की सुविधाएं मिलती हैं।
श्रमिक के परिवार को 50 हजार रूपए का स्वास्थ्य बीमा, पारिवारिक पेंशन, काम करते हुए दुर्घटना में मृत्यु होने पर परिवार को 5 लाख रूपए, बच्चों की शिक्षा के लिए 8 हजार से 20 हजार रूपए वार्षिक पहली कक्षा से स्नातकोत्तर तक तथा 21 हजार रूपए से 51 हजार रूपए तक की राशि 10वीं कक्षा में शैक्षणिक उत्कृष्ठता के आधार पर सावधी जमा के रूप में दी जाती है। नरवाल ने बताया कि श्रमिको के कल्याण के लिए सरकार द्वारा कर्मकार कल्याण बोर्ड के माध्यम से इस प्रकार की कई योजनाओं का लाभ ये श्रमिक अपना पंजीकरण करवाकर ले सकते हैं।
इस अवसर पर औद्योगिक सुरक्षा एवं स्वास्थ्य विभाग के उपनिदेशक अशोक नैन तथा सहायक निदेशक दीपक मलिक भी उपस्थित थे।
Sandeep Siddhartha, Senior Reporter, delhincrnews.in 

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