हरियाणा में पौधारोपण का बड़ा अभियान चलाया जाएगा जिसके तहत स्कूलों में 6वीं से 12वीं कक्षा तक पढऩे वाले विद्यार्थी एक-एक पौधा लगाएंगें। ये पौधे वन विभाग द्वारा उपलब्ध करवाए जाएंगें और विद्यार्थियों के नाम भी अपनी मर्जी से रख सकेंगें। इस अभियान के तहत राज्य में 20 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है।
यह बात हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने गुरुग्राम जिला के गांव पहाड़ी में आईआईटी दिल्ली के पूर्व छात्रों की एसोसिएशन द्वारा आयोजित कार्यक्रम में कही। आईआईटी दिल्ली के पूर्व छात्रों की एसोसिएशन द्वारा उन्नत भारत अभियान के तहत गांव पहाड़ी को गोद लिया गया है जिसमें वे स्वच्छता, पौधारोपण इत्यादि गतिविधियंा करेंगें।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में चलाए जाने वाले पौधारोपण अभियान के तहत विद्यार्थी पौधे के रोपण तिथि लिखेगें और तीन साल तक उसकी सुरक्षा करते हुए पालन-पोषण करेंगें। वे अध्यापक को पौधे की लंबाई तथा उसके तने की मोटाई हर छ: महीने में बताएंगें। इसके लिए हर विद्यार्थी को छ: महीने में 50 रुपए की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। यदि किसी विद्यार्थी का पौधा मर जाता है तो वह अगले वर्ष फिर से पौधा लगाकर इस प्रतिस्पर्धा में भाग ले सकता है। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि बरसात के मौसम में हर परिवार अपने घर, अंागन, गली, स्कूल, तालाब के किनारे, मंदिर, अस्पताल, शमशान घाट तथा अन्य कोई भी खाली जगह हो, वहां पर पौधारोपण अवश्य करें और उसका बच्चे की तरह पालन-पोषण करें। यह बहुत बडा परोपकार का काम होगा।
मुख्यमंत्री ने हरियाणा प्रदेश के गांव पहाड़ी को गोद लेने पर आईआईटी दिल्ली एल्यूमिनाई एसोसिएशन का आभार व्यक्त किया और कहा कि इसका श्रेय गांव के ही एसोसिएशन के सदस्य विनोद यादव को जाता है। उन्होंने कार्यक्रम में विनोद यादव को एसोसिएशन की ओर से नोडल अधिकारी नियुक्त करने का नियुक्ति पत्र भी प्रदान किया।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने आईआईटी दिल्ली एल्यूमिनाई एसोसिएशन से अपील की कि उनके द्वारा उन्नत भारत अभियान के तहत देश में गोद लिए जाने वाले 150 गांवों में से ज्यादा से ज्यादा गांव हरियाणा प्रदेश के गोद लें। उन्होंने कहा कि आईआईटी दिल्ली विख्यात तकनीकी संस्थान हैं, जिसकी स्थापना 1963 में हुई थी और आज इसके टैक्रोक्रेट देश व दुनिया में काम कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि देशभर में लगभग 150 गांवों को गोद लेकर सुनियोजित ढंग से विकसित करने का इनका फैसला सराहनीय है तथा इस प्रकार की प्रेरणा अन्य संस्थाओं को भी ेनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि हरियाणा प्रदेश में विधायकों व सांसदों द्वारा गांवों को गोद लेकर उनका समुचित विकास तो करवाया ही जा रहा है। साथ ही कुछ और कंपनियों और साधन संपन्न लोगों ने भी प्रदेश के गांवों को स्व: प्रेरित आदर्श ग्राम योजना के तहत गोद लिया है। मुख्यमंत्री ने उपस्थित लोगों को स्वच्छता बनाए रखने का संदेश देते हुए कहा कि स्वच्छता को हम अपनी आदत का हिस्सा बनाएं। उन्होंने बताया कि पिछले दिनों देश के 4,500 शहरों को स्वच्छता सर्वेक्षण हुआ था जिसमें हरियाणा प्रदेश के 18 शहर पहले 300 स्थानों में आए हैं। उन्होंने बताया कि हर महीने प्रत्येक ब्लाक में एक गांव को स्वच्छता के लिए नकद ईनाम दिया जाता है और इस प्रकार राज्य सरकार हर महीने एक करोड़ 35 लाख रुपए की राशि ईनाम के तौर पर वितरित कर रही है ताकि गांवों में स्वच्छता बनाए रखने की आदत बनें।
उन्होंने कहा कि स्वच्छता के साथ-साथ पानी बचाने का अभियान चलाना जरूरी है क्योंकि जितना पानी हम बचा लेेंगें उतनी हमारी जमीन की प्यास बुझेगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि पानी बचाने के लिए सरकार ने प्रदेश में एक लाख टूटी लगाने की योजना बनाई है ताकि पानी व्यर्थ न बहें। उन्होंने उज्जवला योजना का भी जिक्र किया और कहा कि इस योजना के तहत हर घर में गैस सिलेंंडर व चूल्हा पहुंचाया गया है। उन्होंने कार्यक्रम मेें लोगों से पूछा भी कि किसी के घर अभी भी गैस सिलेंडर व चूल्हा नहीं पहुंचा हो तो हाथ खड़ा करें, परंतु किसी ने भी भीड़ में से हाथ खड़ा नहीं किया। इस पर, मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि कोई हाथ खड़ा कर देता, तो उसे 48 घंटे के अंदर-अंदर गैस सिलेंडर व चूल्हा उपलब्ध करवा दिया जाता। मुख्यमंत्री ने बेटी बचाओ-बेटी पढाओ अभियान का भी उल्लेख किया और कहा कि वर्ष 2015 में जब यह अभियान शुरू हुआ था तब हरियाणा में लिंगानुपात 871 था जो अब बढक़र 922 हो गया है। उन्होंने काह कि इस लिंगानुपात को 950 तक ले जाने का लक्ष्य हैं।
भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए पिछले साढे तीन सालों में उठाए गए कदमों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अपनी पार्टी के नेताओं की गांरटी वे स्वयं लेते हैं कि कोई भ्रष्टाचार में शामिल नहीं होगा, यदि कोई पाया गया तो उसकी छुट्टी कर दी जाएगी। इसी प्रकार, यदि कोई अधिकारी भ्रष्टाचार में संलिप्त पाया जाता है तो उसकी भी छुट्टी कर दी जाएगी। उन्होंने कहा कि हालांकि भ्रष्टाचार पर काफी हद तक रोक लगी है लेकिन  कहीं-कहीं कर्मचारियों की शिकायतें मिलती है और इस पर कार्यवाही करते हुए कुछ कर्मचारियों को निलंबित भी किया जाता है। साथ ही उन्होंने भ्रष्टाचार पर प्रभावी ढंग से रोक लिए जनता से भी सहयोग की अपील की। उन्होंने ये भी कहा कि अब नौकरियां योग्यता के आधार पर दी जा रही हैं जबकि पहले पर्चियां चलती थी। उन्होंने किसी का नाम लिए बगैर कहा कि एक पूर्व मुख्यमंत्री दस साल के लिए जेल में बंद हैं और उनके उत्तराधिकारी कहते हैं कि मैरिट को हम नहीं जानते, मैरिट को हम फाडक़र फेंक देते हैं। उन्होंने लोगों से आहवान करते हुए कहा कि आपको गलत काम करने वाले लोगों को प्रोत्साहित नहीं करना हैं, बल्कि बैलेट की चोट से जवाब देना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता मेरा परिवार है और हम जाति के आधार पर भेदभाव नहीं करते हैं। उन्होंने कार्यक्रम मेें लोगों से हरियाणा एक-हरियाणवी एक के नारे भी लगवाएं। ग्रामीणों की मांगों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने गांव पहाड़ी से सैदपुर तक दो किलोमीटर लंबी सडक़ को पक्का करवाने की घोषणा की। उन्होंने गांव पहाड़ी में दो एकड़ भूमि पर पार्क व व्यायामशाला बनवाने की घोषणा के साथ-साथ कहा कि स्कूल के साथ लगती डेढ़ एकड़ जमीन में पेड़ लगाएं जाएंगे। इसी प्रकार, गांव की वाटर सप्लाई की पाईपलाईन को दुरूस्त करने के लिए 19 लाख रुपए मंजूर किए गए हैं।
उन्होंने प्रधानमंत्री जनधन योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, आधार सिंडिंग आदि में परिपूर्णता प्राप्त करने पर गांव पहाड़ी के सरपंच को प्रमाण पत्र भी प्रदान किया।
इस मौके पर पटौदी की विधायक बिमला चौधरी ने भी अपने विचार रखें। इस अवसर पर आईआईटी दिल्ली के उपनिदेशक प्रो. बालाकृष्णनन, प्रो. सांघी, उन्नत भारत कार्यक्रम के चीफ कोर्डिनेटर आईआईटी के प्रो. विजय कुमार, सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता डा. सतबीर सिंह कादियान, उपायुक्त विनय प्रताप सिंह, पुलिस आयुक्त के के राव,अतिरिक्त उपायुक्त आर के सिंह, अग्रणी जिला प्रबंधक, आर सी नायक, भाजपा प्रवक्ता सत्यप्रकाश जरावता, जिला परिषद के उपाध्यक्ष संजीव, आईआईटी दिल्ली के पूर्व छात्रों की एसोसिएशन के अध्यक्ष अतुल बल सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
delhincrnews.in reporter

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