हरियाणा के लोक निर्माण तथा वन मत्र्ंंाी राव नरबीर सिंह ने कहा कि प्रदेश में जलवायु परिवर्तन को रोकने के लिए हरियाली बढाने के लगातार प्रयास किए जा रहे हंै। उन्होंने बताया कि हरियाली बढाने के लिए जनभागीदारी सुनिश्चित करने के लिए एक योजना की शुरुआत की गई है जिसमें सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों द्वारा पौधे लगाने तथा उनकी देख-रेख करने पर हर 6 माह मे 50 रूपए तीन वर्ष तक विद्यार्थियों को दिए जाएंगे। इस योजना के तहत पूरे प्रदेश में लगभग 25 लाख पौधे लगाए जाएंगे।
लोक निर्माण तथा वन मंत्री राव नरबीर सिंह गुरुग्राम जिला के गांव भौंडसी में आयोजित रैड्युस्ड एमीशन फरोम डी फोरैस्टेशन एण्ड फोरेस्ट डी जनरेशन (आरईडीडी) प्लस वर्कशॉप में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। जलवाुय परिवर्तन एवं वनो की महत्ता के विषय पर गिज नामक जर्मन डिवलैपमेंट संस्था द्वारा भारत सरकार के वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के सहयोग से इस कार्यशाला का आयोजन गुरुग्राम जिला के भौंडसी नेचर कैंप में किया गया था। इस कार्यशाला में पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी स्वयंसेवी संस्थाओं तथा प्रदेश के विभिन्न जिलों में कार्यरत वन मण्डल अधिकारियों ने भाग लिया और विचार विमर्श किया कि इस योजना के तहत जलवायु परिवर्तन रोकने के लिए प्रोजैक्ट किस प्रकार तैयार किए जाएं।
जलवायु परिवर्तन से होने वाले दुष्प्रभावों पर चिंता व्यक्त करते हुए हरियाणा के वन मंत्री राव नरबीर सिंह ने कहा कि हरियाणा प्रदेश में हरियाली बढाने के लिए वर्तमान राज्य सरकार ने कई नई योजनाएं शुरु की हैं। उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि ‘हर घर हरियाली’ तथा ‘हर गांव पेड़ो की छांव’ योजनाओं के तहत पिछले वर्ष 48.5 लाख घरों को शामिल किया गया था। इस वर्ष पर्यावरण दिवस पर मुख्यमंत्री द्वारा यह एलान किया गया है कि हरियाणा सरकार के कार्यालयों में प्लास्टिक की बोतलो का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा क्योंकि इस वर्ष का पर्यावरण दिवस का थीम प्लास्टिक प्रदूषण पर विजय हासिल करने का था। इसके अलावा, वर्तमान राज्य सरकार द्वारा सभी सरकारी कार्यालयों में एलईडी बल्ब लगाने के आदेश भी जारी किए गए हंै। राव नरबीर सिंह ने बताया कि पर्यावरण के प्रति जन जागरूकता अभियान के तहत नेचर कैंप विकसित किए जा रहे हैं जिसमें विद्यार्थियों के कैंप भी लगाए जाते हंै। भौंडसी नेचर कैंप में भी पिछले एक साल में 25 कैंप लगाए गए जिसमें लगभग 1,250 विद्यार्थियों ने भाग लिया।
उन्होंने कहा कि नदियों का सूखना भी जलवायु परिवर्तन का एक कारण है। वर्तमान राज्य सरकार द्वारा पिछले वर्ष रेवाड़ी जिला में पडऩे वाले मसानी बैराज में जवाहर लाल नेहरू कैनाल से बरसात का फालतु पानी तीन महीने तक छोड़ा था जिससे भू-जल स्तर में सुधार हुआ है। राव नरबीर सिंह ने बताया कि इस बैराज में पिछले 40 वर्षो से पानी नहीं आया था लेकिन पिछले वर्ष तीन महीने तक पानी छोड़े जाने के कारण भू-जल स्तर 40 फीट से ऊपर उठकर 35 फुट पर आ गया है। उन्होंने यह भी बताया कि शिवालिक क्षेत्र में दुनिया  का सबसे बड़ा हर्बल फोरेस्ट विकसित किया जा रहा है ताकि वहां की वनस्पति को संरक्षित किया जा सके।
राव नरबीर सिंह ने कहा कि यह हरियाणा राज्य का सौभाग्य है कि प्रदेश में दुनिया की सबसे पुरानी पर्वत श्रृंखला अरावली तथा सबसे नई पर्वत श्रृंखला हिमालय की शिवालिक दोनो हैं। इन पर्वत श्रृंखलाओं की जैव विविधता को बचाना हमारा सबसे बड़ा लक्ष्य है तथा यह एक चुनौती भी है। उन्होंने आशा जताई कि विज संस्था द्वारा विकसित की गई तकनिक से इन पर्वत श्रृंखलाओं के वन तथा जल संरक्षण के लिए परियोजनाएं तैयार करने में मदद मिलेगी।
इस अवसर पर वन मंत्री के साथ वन विभाग के मुख्य वन संरक्षक विवेक सक्सेना, गुरुग्राम के वन संरक्षक डी हेमराम, वन मण्डल अधिकारी दीपक नंदा, वन विकास निगम के महाप्रबंधक सुभाष यादव, गिज संस्था के निदेशक संदीप चतुर्वेदी तथा भारत सरकार के वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय से नोयल थोमस आईजी भी थे।

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