उपायुक्त विनय प्रताप सिंह ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा गुरुग्राम में बेहत्तर बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए स्मार्ट ग्रिड प्रोजैक्ट स्वीकृत की गई है जिस पर काम भी शुरू हो चुका है। इस प्रोजैक्ट में ट्रैंचलैस खुदाइ्र्र से बिजली की 11 के वी फीडर की लाईने अंडर ग्राउंड डाली जाएंगी। साथ में ओप्टिक फाईबर की लाईन भी डाली जाएगी। उन्होंने बताया कि इस प्रोजैक्ट के तहत पूरे शहर को 8 जोन में बांटा गया है। प्रत्येक जोन में दो सब डिवीजन आते हैं और प्रत्येक जोन में बिजली की लाईने अंडर ग्राउंड करने पर लगभग 250 करोड़ रूपए खर्च होंगे।
उन्होंने बताया कि इस प्रोजैक्ट के प्रथम चरण में लगभग 500 करोड़ रूपए की परियोजनाओ पर काम शुरु हो चुका है जिसमेंं बिजली इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार करने और केबल अंडरग्राउंड बिछाने का कार्य किया जा रहा है, जो वर्ष 2019 के मध्य तक पूरा होगा। इस प्रथम चरण में मैसर्ज विंध्या टैलीलिंक्स लिमिटिड नामक कंपनी द्वारा सैक्टर-14, 17, 27, 28, 31, 32, 40, 42, डीएलएफ फेज 1 से 5, सुशांत लोक,  सोहना रोड़ पर सुभाष चौक से वाटिका चौक तक का क्षेत्र कवर किया जाएगा। इसी प्रकार, मैसर्स टाटा प्रोजैक्ट लिमिटिड द्वारा सैक्टर-3ए, 5, 6, 11, 11ए,12, 12ए, 15-1, 15-2, लक्ष्मण विहार, पुराना गुरुग्राम तथा सैक्टर-1, 2, 18, 21, 22, 23, 23ए, उद्योग विहार फेज 1 से 5 अशोक विहार, डूंडाहेड़ा गांव के अंतर्गत पडऩे वाला क्षेत्र कवर किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस प्रोजैक्ट को चार चरणों में लागू किया जाएगा।
एक सवाल के जवाब में उपायुक्त ने बताया कि गुरुग्राम शहर में प्राईवेट कालोनाईजर द्वारा विकसित कॉलोनियों में ग्राहको को व्यक्तिगत बिजली कनैक्शन देने शुरु किए गए हैं। यह पहल आरडी सिटी से शुरु की गई है। पहले इन कॉलोनियों में बिजली निगम द्वारा बल्क का एक कनैक्शन दिया जाता था और कॉलोनी के भीतर लोगों को कनैक्शन बिल्डर देता था। उन्होंने बताया कि आरडी सिटी से बिजली के व्यक्तिगत कनैक्शन देने  भी शुरु कर दिए गए हैं। सिंह ने बताया कि आरडी सिटी के क्षेत्र में एक बिजली संयत्र भी स्थापित किया जाएगा जिसके लिए जमीन कालोनाईजर से लेने की सभी बांधाए दूर की जा चुकी हैं। उन्होंने बताया कि आरडीसिटी के बाद अन्य कॉलोनियों में भी व्यक्तिगत कनैक्शन देने की मुहिम चलाई
delhincrnews.in reporter

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