कैंसर रोग के बारे में जानकारी देने व इससे बचाव के उपायों को लेकर गुरुग्राम के लघु सचिवालय में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह  कार्यक्रम गेट वेल ऑंकोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड नामक फार्मास्युटिकल्स कंपनी तथा जिला प्रशासन द्वारा संयुक्त रुप से लगाया गया था जिसमें गुरुग्राम के उपायुक्त विनय प्रताप सिंह ने मुख्य अतिथि के तौर पर शिरकत की।
इस अवसर पर उपस्थित अधिकारियों व कर्मचारियों को संबोधित करते हुए उपायुक्त ने कहा कि कैंसर जैसी भयंकर बीमारी के बारे में जागरूकता होना अत्यंत महत्वपूर्ण है । यदि इस बीमारी का प्रारंभिक स्तर पर पता चल जाए तो इसका इलाज संभव है। उन्होंने कहा कि यदि हमें कैंसर के लक्षणों के बारे में जानकारी होगी तो हम अपने जीवन पद्धति व खानपान सहित अन्य चीजों में बदलाव कर इससे स्वयं का बचाव कर सकते हैं।
उन्होंने कार्यक्रम में गेट वेल ऑंकोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड की इस पहल का धन्यवाद किया और उनसे भविष्य में भी जनसाधारण के लिए इस प्रकार के कार्यक्रम आयोजित करवाने का आग्रह किया ताकि समाज में आम जनता को भी कैंसर के लक्षणों के बारे में मूलभूत जानकारी मिल सके। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की बेसिक ट्रेनिंग के लिए गुरुग्राम के कॉरपोरेट जगत में अन्य कंपनियों को भी आगे आना चाहिए। इस बीमारी का पता लगाने के लिए बेसिक स्क्रीनिंग करवाई जाए तो बेहतर होगा और उसमें भी जिला प्रशासन सहयोग देगा।
कार्यक्रम में ऑंकोलॉजी सर्विसेज मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल के डायरेक्टर डा. रंगा राजू रंगा राव ने उपस्थित अधिकारियों व कर्मचारियों को कैंसर रोग के लक्षणों व इसके बचाव के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कैंसर का मुख्य कारण आजकल बिगड़ते खानपान व लाइफस्टाइल को बताया और कहा कि आज पारंपरिक खानपान की जगह  फास्ट फूड जैसे बर्गर व पिज़्ज़ा, रैड मीट ने ले ली है, जिसके कारण कैंसर रोगियों की संख्या दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। उन्होंने बताया कि भारत देश मुंह के कैंसर के रोगियों में विश्व में प्रथम स्थान पर है जो कि चिंता का विषय है। इसी प्रकार महिलाओं में स्तन कैंसर की संख्या भी दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है।
उन्होंने कहा कि आज हमारे जीवन में केमिकल्स व प्लास्टिक संबंधी चीजों का उपयोग अपेक्षाकृत अधिक हो गया है जिसके कारण डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर ,हार्ट अटैक, स्ट्रोक्स तथा कैंसर के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है । उन्होंने कहा कि यह जरूरी नहीं है कि कैंसर का कोई बाहरी लक्षण हो । उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि फेफड़ों के कैंसर तथा फेफड़े की टीबी के लक्षणों में भी कोई अंतर नहीं है। इसी प्रकार, अस्पष्ट एनीमिया तथा अचानक वजन घटना भी कैंसर का कारण हो सकता है। उन्होंने बताया कि कैंसर के अन्य लक्षणों में मुंह के छाले ठीक नहीं होना ,असामान्य रक्तस्राव, स्तन या अन्य जगह गांठे होना या निगलने में कठिनाई होना आदि भी शामिल है। उन्होंने बताया कि भारत में प्रति वर्ष 12 से 17 लाख नए कैंसर रोगी जुड़ रहे हैं ।
उन्होंने बताया कि पुरुषों में ज्यादातर सिर व गर्दन, फेफड़ों ,खाद्य पाइप, पेट के कैंसर ,बड़ी आंत का कैंसर तथा प्रोस्टेट कैंसर अधिक होता है, जबकि महिलाओं में स्तन कैंसर ,गर्भाशय व ग्रीवा कैंसर ,सिर व गर्दन का कैंसर ,फेफड़ों ,खाद्य पाइप, पेट तथा पित्ताशय कैंसर अधिक पाया जाता है।
उन्होंने बताया कि कैंसर जैसे भयंकर रोग से बचाव का एकमात्र उपाय इसकी जानकारी होना है ताकि समय रहते इसका इलाज हो सके। उन्होंने कहा कि यदि हम स्वस्थ जीवन शैली को अपनाएं तो कैंसर से स्वयं का बचाव कर सकते हैं। तंबाकू व शराब का सेवन ना करें, पर्याप्त व्यायाम करें और अपने वजन को ज्यादा ना बढऩे दें।
इस अवसर पर गुरुग्राम की नगराधीश मनीषा शर्मा, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी नरेंद्र सारवान तथा सूचना एवं जनसंपर्क विभाग हरियाणा के उप निदेशक एनसीआर आर एस सांगवान सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित थे।।
Sandeep Siddhartha, Senior Reporter, delhincrnews.in 

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