दिल्ली: आईआरसीटीसी द्वारा राष्ट्रीय रेल संग्रहालय में वाटर एटीएम लगा

दिल्ली में मौसम के बदलते ही दिल्ली वालों और पर्यटकों के लिए असुविधा बढ़ती जा रही है इसलिए आईआरसीटीसी राजधानी शहर में राष्ट्रीय रेल संग्रहालय में वाटर एटीएम लगाकर गर्मी से बचने में उनकी मदद कर रहा है। भारतीय रेलवे-सब्सिडरी ने यूएनडीपी (संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम) और वियना स्थित आरईईईपी (नवीकरणीय ऊर्जा और ऊर्जा दक्षता भागीदारी) के माध्यम से रेल संग्रहालय के लिए दो आईओटी-सक्षम जल एटीएम प्रस्तुत किए हैं- और वे हैं मान्यता प्राप्त आईओटी संचालित जल शोधन संगठन ‘स्वजल  से। दोनों एटीएम का उद्घाटन 14 जून, 2018 को किया गया था।

इस पहल में  रेल मंत्रालय और राष्ट्रीय रेल संग्रहालय ने वाटर एटीएम के लिए जगह दी है और स्वजल ने आईओटी तकनीक के साथ अपनी  अत्याधुनिक मशीनों को तैनात किया है। दो स्वदेशी जल शोधन प्रणालियों को डिस्प्ले इकाइयों से लैस किया गया है जो एक साथ पानी की गुणवत्ता और व्यक्तिगत मशीनों के स्वास्थ्य पर सटीक जानकारी देती हैं। आरओ पानी देने के बावजूद दोनों पानी एटीएम, में 10-चरण यूवी फिल्टरेशन के कारण कम से कम पानी बर्बाद होता है और प्रति घंटे 200 लीटर पानी बांटा जा सकता हैं। पानी का वितरण राष्ट्रीय रेल संग्रहालय पर्यटकों और कर्मचारियों के लिए निःशुल्क होगा।

इस पहल के बारे में इंडियन रेलवे, केटरिंग एंड टूरिज्म कारपोरेशन लिमिटेड (आईआरसीटीसी) के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक महेंद्र प्रताप मॉल ने कहा, “स्वच्छ पेयजल हमारी रोज़ की जरूरत है और यह हम सबकी जेब पर भी भारी नहीं होना चाहिए। इस पहल के माध्यम से हमारा मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय रेल संग्रहालय में सभी की इस जरूरी आवश्यकता के साथ पर्यावरण के प्रति अपने कर्तव्यों को भी पूरा करना  था। आने वाले 50 वर्षों में भारत एक ऐसा देश बनने जा रहा है जिसमें पानी की कमी होगी। स्वजल की जल वेंडिंग मशीन न केवल शुद्धिकरण में पानी की खपत को कम करती है, बल्कि सभी की जरूरत के हिसाब से पानी देती है। एक अतिरिक्त लाभ के रूप में, वे प्लास्टिक की पानी की बोतलों के उपयोग को भी कम कर देंगे और रेलवे संग्रहालय में प्लास्टिक का प्रदूषण भी कम होगा।”

सीईओ और सह-संस्थापक डॉ. विभा त्रिपाठी ने कहा, “हम इस ख़ास सुविधा के लिए रेल मंत्रालय और राष्ट्रीय रेल संग्रहालय का शुक्रिया अदा करना चाहते हैं। हमारी जल शोधन मशीनें आईओटी प्रौद्योगिकी से संचालित हैं और ये नियंत्रण केंद्र में सीधे संचालन और मशीन स्वास्थ्य से संबंधित डेटा स्थानांतरित करती हैं। यह हमें मशीनों में किसी भी खराबी को समय से पहले बताता है और इस प्रकार, किसी भी प्रकार की सेवा व्यवधान को रोकता है। और इसके और भी कई फायदे हैं, जो इसके प्रयोग में आने के बाद पता चलेंगे। “

स्वजल कम से कम 1 साल के लिए पानी एटीएम का रखरखाव करेगी। कंपनी ने पहले हरियाणा के मेवाट जिले के प्रमुख स्थानों पर अपनी सीएसआर गतिविधि के हिस्से के रूप में वाटर एटीएम लगाए  थे। नतीजतन, 15,000 से अधिक स्कूल जाने वाले बच्चों को सीधे लाभ मिला था और इस क्षेत्र में इस कारण बच्चों के आधे दिन की छुट्टियों और स्कूल से अनुपस्थिति बंद हुई थीं।