सत्संग में आने से दूसरों के लिए जीवन जीने की प्रेरणा मिलती है और बचपन से ही यहां आने से भावनायें शुद्ध व दृढ होती हैं। उक्त उदगार संत निरंकारी मिशन दिल्ली के विद्वान् प्रचारकराकेश मुटरेजा ने स्थानीय बाल संत समागम को संबोधित करते हुए व्यक्त किये।

उन्होंने कहा कि सत्संग में निरंतर आने से प्रेम, नम्रता, सहनशीलता, मानवता व मिलवर्तन की भावनायें मिलती हैं तथा जीवन जीने की सही दिशा सन्तो के मार्गदर्शन से ही मिलती है। अच्छे संस्कार अच्छे संग और परिवेश से ही आते हैं और बच्चे बचपन से ही प्रभु परमात्मा के सत्संग से जुड़ जायें तो वे जीवन भर इसका लाभ लेते हैं।

उन्होंने एक पौधे का उदाहरण देते हुए समझाया कि छोटे पौधे की हम रक्षा करते हैं फिर समय पाकर वही पेड़ बनकर सबको छाया, फल व अपनी ठंडक देता है। उसकी जडें शुरू से ही मजबूती पाती हैं। इसी तरह बच्चे शुरुआत से ही सत्संग से जुड़कर अपने जीवन में अच्छे संस्कारों एवं गुणों को उजागर करते है।

उन्होंने निरंकारी सद्गुरु माता सविंदर हरदेव जी महाराज की शिक्षाओं को याद करते हुए कहा कि बच्चो के अन्दर परोपकार में जीवन जीने का ढंग सत्संग में उपस्थित होने से होता है। यहां प्रेम, नम्रता, भाईचारे-मिलवर्तन, एकत्व, ख़ुशी व सेवा के भाव बच्चों के अन्दर प्रकट होते है। निरंकारी मिशन आत्मज्ञान के माध्यम से निराकार प्रभु परमात्मा की जानकारी देकर मानव में आध्यात्मिक जागृति पैदा करता है तथा सामाजिक जीवन में उसका इस्तेमाल कर जीवन को सुखमय व आनंदित बनाता है।

बाल संत समागम में बच्चों ने निरंकारी मिशन के सन्देश एवं शिक्षाओं पर आधरित अनेकों कार्यक्रम प्रस्तुत किये, उनकी प्रस्तुतियों में बच्चों ने बौद्धिक, शैक्षणिक, मानसिक व दैहिक क्षमता के विकास के साथ-साथ आध्यात्मिक जीवन में भक्ति के योगदान पर प्रकाश डाला। इस में नन्हे-मुन्ने बच्चों ने कला व संगीत के माध्यम से अपनी-अपनी रचना, भजन, वक्तव्य, कविता, क्विज, सामूहिक अवतार वाणी, हरदेव बाणी गायन व नाटक आदि प्रस्तुत किये। इसमें  मानव कल्याण, आपसी सहयोग, मिलवर्तन, सेवा भाव, एक-दुसरे का आदर-सत्कार, पर्यावरण संतुलन, रक्तदान आदि अनेकों प्रस्तुतियां रही।

निरंकारी मिशन द्वारा संसार में किये जाने वाले सामाज-सुधार कार्यो को लघु नाटिका द्वारा समाज में आध्यात्मिक क्रांति लाने के संदेश देने का प्रयास किया। बाल समागम में गुरुग्राम पालम विहार, पटौदी, घामडोज, वजीराबाद और आसपास से आये बाल संगत के बच्चों ने गीतों एवं लघु नाटक के द्वारा निरंकारी मिशन द्वारा चलाये जाने वाले आध्यात्मिक व सामाजिक कार्यो का संदेश दिया। बाल समागम में शामिल सभी बच्चों को पर्यावरण संरक्षण की प्रेरणा स्वरूप पौधे देकर पुरस्कृत किया गया।

इस बाल संत समागम में दिल्ली साउथ जोन के जोनल इंचार्ज एवं गुरुग्राम के संयोजक एमसी नागपाल ने सभी को आभार व्यक्त किया। इस समागम में सर्वश्री पीसी स्नेही, जीवन दास, कंवर सिंह यादव, नन्द लाल, मोनिका गुलाटी, मीनू कुकरेजा, स्मिता ढींगरा ने अपने-अपने योगदान दिए। मंच संचालन बाल संत सोनम, करुणा, मनिका, नेहा ने किया।

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