साइबर सिटी गुरुग्राम के राजकीय विद्यालयों में जल्द ही टैब लैब तथा स्मार्ट क्लासिज शुरू होने जा रही है ताकि विद्यार्थियों को टैक्नालॉजी आधारित स्मार्ट एजुकेशन मिल सके। गुरुग्राम जिला प्रशासन इस दिशा में जुलाई माह के पहले सप्ताह में एजु टैक पायलेट प्रौजेक्ट की शुरूआत करने जा रहा है। इस प्रौजेक्ट के तहत जिला गुरुग्राम के 17 स्कूलों में बच्चों को स्मार्ट क्लासिज व टैबलेट के माध्यम से अध्यापन करवाया जाएगा।

इस बारे में जानकारी देते हुए उपायुक्त विनय प्रताप सिंह ने बताया कि एजुटैक पायलेट प्रौजेक्ट अपनी ही तरह का युनिक प्रौजेक्ट है जिसका उद्द्ेश्य राजकीय विद्यालयों के विद्यार्थियों को समय की मांग से अनुसार हाईटैक टैक्रालॉजी से जोडऩा है। उन्होंने बताया कि इस प्रौजेक्ट के तहत गुरुग्राम जिला के 17 तथा रेवाड़ी जिला के 3 स्कूलों को शामिल किया गया है। इस प्रौजेक्ट के संचालन को लेकर राजकीय विद्यालयों के अध्यापकों व प्रिंसीपलों की टे्रनिंग भी राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद् (एससीईआरटी) में करवाई जा चुकी है।

उन्होंने बताया कि  यह प्रौजेक्ट दो तथ्यों पर आधारित होगा जिनमें से एक टैब लैब तथा दूसरा स्मार्ट क्लासिज है। टैब लैब का कान्सेप्ट कक्षा पहली से आठवीं के विद्यार्थियों के  लिए होगा जिसके लिए 10 राजकीय विद्यालयों को सूचीबद्ध किया गया है। टैब लैब में कक्षा पहली से आठवीं तक के विद्यार्थियों को एक युनिक आईडी व पासवर्ड मिलेगा जिसमें प्रत्येक कक्षा का पाठ्यक्रम फीड होगा। इसी प्रकार, स्मार्ट क्लासिज़ कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों के लिए लगाई जाएंगी। इन क्लासिज की विशेषता यह होगी कि इनमें प्रौजेक्टर व कम्प्युटर के माध्यम से बच्चों को पढ़ाया जाएगा और उनकी करियर काऊंसलिंग करने के साथ साथ इंग्लिश स्पीकिंग तथा प्रतियोगिता परीक्षाओं की तैयारी के लिए क्लासिज़ लगाई जाएंगी। उन्होंने कहा कि यह प्रौजेक्ट तीन सालों तक चलाया जाएगा जिसका समय समय पर आंकलन भी किया जाएगा। इस प्रौजेक्ट को एससीईआरटी द्वारा अप्रूव किया गया है।

उन्होंने बताया कि इस प्रौजेक्ट की लांचिंग को लेकर जिला प्रशासन द्वारा युद्धस्तर पर कार्य किया जा रहा है। इस प्रौजेक्ट के क्रियान्वयन में हीरो मोटो कोर्प नामक कंपनी द्वारा विशेष रूप से सहयोग दिया जा रहा है। हीरो मोटो कोर्प इस प्रौजेक्ट पर 80 लाख रूपये की राशि सीएसआर के तहत खर्च कर रहा है। गत् वर्ष दिसंबर माह से इस परियोजना पर जिला प्रशासन द्वारा काम शुरू  किया गया था जिसे अब जुलाई माह के प्रथम सप्ताह में लांच किया जाएगा। इस प्रौजेक्ट के तहत जिन स्कूलों में इन्फ्रास्ट्रक्चर की आवश्यकता थी वहां इस दिशा में आवश्यक कदम उठाए गए हैं।

उन्होने बताया कि जिन 20 स्कूलों में इस पायलेट प्रौजेक्ट को शुरू किया जाना है, उन स्कूलों के प्रिंसीपलों से मिलकर व उनके मिले फीडबैक के आधार पर अध्यापन सामग्री तैयार की गई है। इसके अलावा, इस प्रौजेक्ट को लेकर सेमिनार व ओरिएंटेशन प्रोग्राम भी आयोजित किए गए है ताकि लोगों का फीडबैक लेने उपरांत ही इसकी शुरूआत की जाए। श्री सिंह ने बताया कि गुरुग्राम में इस प्रौजेक्ट की सफलता के बाद इसे प्रदेश के अन्य जिलों में भी लागू किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस प्रौजेक्ट में 6 अन्य संस्थाओं द्वारा भी सहयोग दिया गया है जिनमें कान्वेजिनियस, कराड़ी पथ, किंग्स लर्निंग , अवन्ती, ऑनलाइन तैयारी तथा आईडीसी आदि शामिल है।

उन्होंने बताया कि जिन 10 स्कूलों मे टैबलैब बनाई जाएगी उनमें राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, जमालपुर, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय मांकड़ौला, राजकीय कन्या माध्यमिक विद्यालय समसपुर, राजकीय माध्यमिक विद्यालय खेडक़ीदौला, राजकीय उच्च विद्यालय सिकंदरपुर बाढ़हा, राजकीय माध्यमिक विद्यालय बाढहा, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय पथरेड़ी, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय अकेरा(रेवाड़ी), राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कापड़ीवास(रेवाड़ी) तथा राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय गुर्जर घाटल (रेवाड़ी)आदि शामिल है।
इसी प्रकार, स्मार्ट क्लासिज के लिए गुरुग्राम जिला के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय वजीराबाद, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय इस्लामपुर, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय चकरपुर, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय भीमगढख़ेड़ी, राजकीय माध्यमिक विद्यालय सैक्टर-9 गुडग़ांव, राजकीय कन्या उच्च विद्यालय 4/8 मरला, राजकीय उच्च विद्यालय कन्हई, राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बादशाहपुर, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बादशाहपुर तथा राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सोहना आदि शामिल है।

 

Sandeep Siddhartha, Senior Reporter, delhincrnews.in

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