भू-जल प्रबंधन के लिए केंद्र सरकार अटल भू-जल योजना लाने जा रही है जिसे हरियाणा सहित देश के 7 राज्यों में लागू किया जाएगा। इस बारे में जानकारी भारत सरकार के जल संशाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण मंत्रालय के संयुक्त सचिव अखिल कुमार ने गुरुग्राम जिला के गांव सिकंदरपुर बढ़ा में केंद्र सरकार द्वारा शुरु की जाने वाली अटल भू-जल योजना को लेकर  ग्रामीणों के साथ आयोजित बैठक में दी। उन्होंने बताया कि सरकार भू-जल के अत्यधिक दोहन के प्रति सजग है और अब भू-जल प्रबंधन के लिए जल्द ही अटल भू-जल योजना शुरु करने जा रही है।
कुमार के अनुसार यह योजना अगले दो महीने के भीतर शुरु किए जाने का अनुमान है। उन्होंने कहा कि यह योजना हरियाणा सहित देश के 7 राज्यों में लागू की जाएगी। अन्य राज्यों में गुजरात, कर्नाटक, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान तथा उत्तर प्रदेश शामिल हैं। उन्होंने कहा कि देश के अत्यधिक भू-जल दोहन वाले क्षेत्रों में से लगभग 25 प्रतिशत क्षेत्र इन सात राज्यों में पड़ता है।
उन्होंने बताया कि इस प्रस्तावित योजना के तहत वॉटर बोडीज अर्थात् जलाशयों को संरक्षित करने पर ध्यान दिया जाएगा और भू-जल प्रबंधन का कार्य करने वाले संगठनो व संस्थाओं को सशक्त बनाया जाएगा। कुमार के अनुसार गांवो में पहले से बने जलाशयों को पुनृजीवित करने के प्रयास भी किए जाएंग। ग्राम पंचायतों को भी अपने गांव के जलाशयों को संरक्षित करने के लिए फंड्स उपलब्ध करवाने पर विचार किया जा रहा है। इसके अलावा, ग्राम पंचायत अपने गांव को किस प्रकार स्वच्छ व सुंदर बनाए तथा नालियों में बहने वाले पानी का दोबारा से प्रयोग करकेे शुद्ध पानी का बचाव किस प्रकार हो, इस पर भी विचार हो रहा है।
उन्होंने कहा कि यह लगभग 6 हजार करोड़ रूपए की योजना है जो विश्व बैंक  के सहयोग से तैयार की जा रही है। यह योजना चालू वित वर्ष से शुरू होकर 5 साल अर्थात् 2022-23 तक की अवधि में लागू होगी। कुमार ने बताया कि जल संचयन की वर्तमान में चल रही योजनाओं को भी इस नई योजना के साथ जोड़ा जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि इस प्रस्तावित योजना से इन 7 राज्यों के 78 जिलों की लगभग 8,350 ग्राम पंचायतों को लाभ होगा। इन पंचायतों को वितीय ग्रांट उपलब्ध करवाई जाएगी। उन्होंने बताया कि इसमें ज्यादा से ज्यादा  आम जनता की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न प्रकार की गतिविधियां भी चलाई जाएगी, जैसे कि वॉटर यूजर एसोसिएशन का गठन, भू-जल के डाटा की मोनिटरिंग तथा उसके बारे में आम जनता को जागरूक करना, वॉटर बजटिंग अर्थात् पानी के सदुपयोग पर बल, ग्राम पंचायत वार जल सुरक्षा योजना तैयार व लागू करना आदि।
उन्होंने गिरते भू-जल स्तर पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यह अपेक्षा की जा रही है कि इस योजना के लागू होने के बाद भू-जल स्तर में सुधार होगा तथा पानी के प्रयोग को लेकर आम जनता में जागरूकता आएगी।
इस अवसर पर जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी नरेंद्र सारवान, गांव के सरपंच सुंदर लाल यादव, नखरौला की सरपंच संजम यादव, मनोज तथा ग्राम पंचायत के सदस्य व अन्य ग्रामीण उपस्थित थे।
Sandeep Siddhartha, Senior Reporter, delhincrnews.in

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