आशा वर्कर्स की हड़ताल फरवरी को हुए समझौते का हुबहु नोटिफिकेशन जारी होने तक जारी रहेगी। 15 जून को आशा वर्कर्स जिला मुख्यालयों पर जेल भरेंगी। यह निर्णय आशा वर्कर्स यूनियन हरियाणा की राज्य कमेटी की बैठक में किया गया।

सीटू से संबधित आशा वर्कर्ज यूनियन की राज्य अध्यक्ष प्रवेश ने कहा कि आशा वर्कर्स जून से हड़ताल पर हैं और फरवरी को हुए समझौते को लागू करवाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। इससे पहले भी आशा 16 दिन तक आंदोलन में रहीं थी और एक फरवरी को आशाओं के फिक्स मानदेय में 3,000 की बढ़ौतरीप्रोत्शाहन राशियों में बढ़ौतरी के साथसाथ अन्य कई मांगों पर सहमति के बाद हड़ताल वापिस ली गई थी। इस समझौते को सरकार ने अभी तक लागू नहीं किया है। 
आशाओं की हड़ताल से स्वास्थ्य विभाग की सभी योजनाएं ठप्प पड़ी हैं परन्तु सरकार को इसकी कोई चिन्ता नहीं है क्योंकि सरकार को आम जनता को होने वाली परेशानियों से कोई लेनादेना नहीं है। एक तरफ सरकार बेटी बचाओबेटी पढ़ाओ का नारा दे रही है। दूसरी तरफ हरियाणा की पढ़ीलिखी बेटियों से बेगार में काम लेना चाह रही है। मीटिंग में सरकार के रूख की घौर निंदा की है और आने वाले समय में आन्दोलन को और तेज किया जाएगा। रोजाना विधायकों और सांसदो के निवास स्थान पर प्रदर्शन करेंगे। 15 जून को जिला मुख्यालयों पर जेल भरेंगे। इस बीच यूनियन ने अपनी मांगों एवं फरवरी को हूए समझौतों के पक्ष में 5,000 से ज्यादा पंचायतों से अपने प्रस्ताव पर हस्ताक्षर करवाए हैं। इन प्रस्तावों को भी 15 जून को जिला प्रशासन को सौपेंगे।

हड़ताल के चौथे दिन भी रविवार होने के बावजूद लघु सचिवालय पर धरना देकर सरकार के खिलाफ नारे बाज़ी। आज गुड़गाँव में ज़िला सीआईटीयू के कोषाध्यक्ष एस एल प्रजापतिएआईएलयू के ज़िला सचिव एडवोकेट विनोद भारद्वाजजनवादी महिला समिति की ज़िला अध्यक्ष भारती देवीहिम्मत संस्था से एडवोकेट वीना मालिक व विशेष तौर से उपस्थित जनवादी महिला समिति की ऊर्व राष्ट्रीय महासचिव व केंद्रीय कमेटी सदस्य जगमती सांगवान ने हड़ताल पर बैठी आशा कर्मियों का समर्थन देकर सरकार से मांग की कि आशाओं के साथ किए गए समझौते को शीघ्र से शीघ्र अधिसूचित किया जाए।

Sandeep Siddhartha, Senior Reporter, delhincrnews.in 

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